पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह के राज्य में पहले खेल विश्वविद्यालय की स्थापना की महत्वाकांक्षी परियोजना ने आकार लेना शुरू कर दिया है।

राज्य सरकार ने पटियाला के बाहरी इलाके में स्थित सिद्धूवाल गांव में प्रस्तावित परिसर के लिए जगह की पहचान कर ली है। सरकार की विज्ञप्ति में कहा गया है कि जब तक इसका अपना परिसर बनकर तैयार नहीं हो जाता तब तक विश्वविद्यालय यहां से लगभग 70 किलोमीटर दूर पटियाला में फिजिकल एजुकेशन कॉलेज से अगले सत्र से अपनी शुरुआत करेगा।

खेल मंत्री राणा गुरमीत सिंह सोढ़ी ने यहां एक बयान में कहा कि विश्वविद्यालय पंजाब के खेल परिदृश्य में क्रांतिकारी बदलाव के मामले में मील का पत्थर साबित होगा और खेल क्षेत्र में राज्य की पहले नंबर की हैसियत को फिर से वापस लाएगा। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ स्पोर्ट्स के पूर्व कार्यकारी निदेशक एल. एस. राणावत विश्वविद्यालय के कुलपति होंगे।

नया विश्वविद्यालय खेल में उभरते और बदलते रुझानों के साथ तालमेल बनाने के लिए स्पोर्ट्स साइंस और मनोविज्ञान व इसके प्रबंधन पर ध्यान केंद्रित करेगा।

सोढ़ी ने कहा, विश्वविद्यालय में पेश किए जाने वाले पाठ्यक्रम ब्रिटेन के लॉबरो विश्वविद्यालय की सहायता से तैयार किए जाएंगे। राज्य में सभी शारीरिक शिक्षा कॉलेज नए विश्वविद्यालय से संबद्ध होंगे।

खेल मंत्री ने कहा कि यह मुख्यमंत्री की महत्वाकांक्षी परियोजना है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री खुद एक खिलाड़ी रहे हैं और वह खेल विभाग की इस परियोजना को सम्पूर्ण करने में नेतृत्व कर रहे हैं।

भारतीय ओलम्पिक एसोसिएशन के पूर्व महासचिव और पांच बार के ओलम्पियन राजा रणधीर सिंह ने कहा कि यह प्रस्तावित यूनिवर्सिटी खेल के क्षेत्र में पंजाब के लिए वरदान साबित होगी और पटियाला शहर खेल राजधानी के तौर पर राष्ट्रीय नक्शे पर उभरेगा।

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