भारत के 14वें राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को उनकी बुद्धिमत्ता और तमाम विषयों पर गहरी समझ का जानकार कहा जाता है।जिसक लाभ आज हमारे देश को मिल रहा है। वे समाज के हर वर्ग के साथ गहराई से जुड़े हुए हैं। अत्यंत साधारण दलित परिवार से देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर पहुंचे रामनाथ कोविंद का आज जन्मदिन है। उनकी दीर्घायु और स्वस्थ जीवन की कामना करते हुए जानते हैं उनके जीवन से जुड़ी कुछ बातें। 

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भारत के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का उत्तर प्रदेश के कानपुर शहर से बहुत ही गहरा नाता है। रामनाथ कोविंद का जन्म कानपुर के डेरापुर जिले के एक छोटे से गाँव परौंख में 1 अक्टूबर 1945 को हुआ था। 

हमेशा सादा जीवन व्यतीत करने वाले रामनाथ कोविंद को मजबूत व्यक्तित्व का नेता माना जाता है। बचपन से ही उन्होंने जीवन में तमाम संघर्ष देखे और उनसे पार पाकर आगे बढ़े। तीन भाइयों में सबसे छोटे रामनाथ कोविंद की प्रारंभिक शिक्षा संदलपुर विकासखंड के ग्राम खानपुर प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालय में हुई। उन्होंने डीएवी कॉलेज से बीकॉम तथा डीएवी लॉ कॉलेज से कानून की पढ़ाई की।

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आपातकाल के बाद जून 1975 में उन्होंने दिल्ली हाईकोर्ट में वकालत से करियर की शुरुआत की 1977 में जनता पार्टी की सरकार बनने के बाद रामनाथ कोविंद तत्कालीन प्रधान मंत्री श्री मोरार जी देसाई के निजी सचिव बने। 

16 साल तक हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में वकालत करने की वजह से कोविंद को कानून का अच्छा जानकार माना जाता है। 12 साल तक वे राज्यसभा के सांसद रहने के दौरान आधा दर्जन कमेटियों के भी सदस्य रहे हैं। कई मौकों पर वे पार्टी की नीतियों से इतर भी मजबूती से अपनी बात रखते नजर आए।

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देश के संविधान पर भी उनकी अच्छी पकड़ है। दलितों से जुड़े कई मुद्दों पर वे उनके हक के लिए लड़ते रहे हैं। कभी भाजपा के वरिष्ठ नेता और प्रमुख दलित चेहरा रहे रामनाथ कोविंद ने हमेशा खुद को लाइमलाइट से दूर रखा। यहां तक कि जब उन्हें भाजपा का राष्ट्रीय प्रवक्ता बनाया गया तब भी वे  सुर्खियों में आने से बचते थे।

वे कानून में स्नातक हैं और उन्होंने लंबे समय तक सुप्रीम कोर्ट में वकालत की है। गवर्नर्स ऑफ इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ मैनेजमेंट कोलकाता के भी सदस्य रहे हैं। इसके अलावा वे लखनऊ के डा. भीमराव ‌अंबेडकर विश्वविद्यालय के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स के भी सदस्य हैं।

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उनके व्यक्तित्व की एक खास बात यह है कि उन्होंने अपने पैतृक घर को बारात घर और सामुदायिक भवन के लिए दान कर दिया था। आज वे 73 वर्ष के हो गए उनकी दीर्घायु की कामना करते हुए हम अपने देश के विवेकी राष्ट्रपति को बहुत शुभकामनायें देते हैं। 

 

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