हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में ‘जानी’ कहते ही एक ऐसे कलाकार की छवि सामने आ जाती है जिसकी आवाज की कशिश और अभिनय के हुनर के सभी कायल थे। मुंबई पुलिस के सब इंस्पेक्टर कुलभूषण पंडित फिल्मों में राजकुमार बने, तो इसके पीछे उनकी संवाद बोलने की ख़ास शैली थी। लगभग 60 फिल्मों में एक से बढ़कर एक भूमिका निभाने वाले राजकुमार के जन्मदिन पर जानते हैं  कुछ खास बातें। 

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राजकुमार का जन्म 8 अक्टूबर 1926 को बलूचिस्तान (पाकिस्तान) में कश्मीरी पंडित परिवार में हुआ। उनका असली नाम कुलभूषण पंडित था और उनको प्यार से करीबी लोग ‘जानी’ के नाम से पुकारते थे। वे 1940 में मुंबई आए और मुंबई पुलिस में सब इंस्पेक्टर के रूप में काम करने लगे। फिर उनकी मुलाकात फ्लाइट अटेंडेंट जेनिफर से हुई। बाद में दोनों ने शादी कर ली और जेनिफर ने अपना नाम बदलकर गायत्री रख लिया।उनके 3 बच्चों के नाम पुरू राजकुमार, पाणिनी राजकुमार और 1 बेटी वास्तविकता राजकुमार हैं।

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साल 1952 में राजकुमार ने फिल्मों में पदार्पण किया और सबसे पहली फिल्म रंगीली की। लेकिन सफलता उन्हें साल 1957 में फिल्म ‘नौशेरवां -ए-आदिल’ से मिली। इसके बाद फिल्म ‘मदर इंडिया’ से वे काफी चर्चित हुए। जहां उन्होंने अभिनेत्री नरगिस के पति शामू का किरदार निभाया था। राजकुमार ने 1967 में हमराज और 1968 में नीलकमल जैसी फिल्मों में अभिनय करके उन्हें बेहतरीन फिल्मों में शुमार कर दिया।

फिल्मों में आने से पहले राजकुमार को फिल्में देखने का कभी भी शौक नहीं था। एक्टर बनने के बाद भी राजकुमार को फिल्में देखने की कोई लालसा नहीं हुई। एक इंटरव्यू में राजकुमार ने कहा था, “मेरी फिल्में एक वक्त पर बिल्कुल नहीं चलती थीं लेकिन फीस 1 लाख बढ़ गयी तब मैंने अपने सेक्रेटरी से कहा कि पिक्चर चले ना चले, लेकिन मैं फेल नहीं हो रहा हूं।”

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राजकुमार की मशहूर फिल्मों में पाकीजा, वक्त, सौदागर जैसी फिल्में हैं। लगभग 3 दशकों के बाद राजकुमार ने दिलीप कुमार के साथ सौदागर फिल्म की थी लेकिन खबरों के मुताबिक दोनों के बीच शूटिंग के दौरान ज्यादा बातचीत नहीं होती थी।

राजकुमार अनुशासनप्रिय इंसान ही नहीं अपनी ही शर्तों पर टिके रहते थे। और इसी हठ के उनके कई किस्से फिल्मी गलियारों में मौजूद हैं। राजकुमार साहब अपने अंतिम दिनों तक उसी ठसक में रहे। फिल्में अपनी शर्तों पर करते रहे. फिल्में चलें न चलें वे इन सबसे बे-ख्याल रहते थे।

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आखिरी सालों मे वे शारीरिक कष्ट में रहे मगर फिर भी अपनी तकलीफ लोगों और परिवार पर जाहिर नहीं होने दी. उनकी आखिरी प्रदर्शित फिल्म गॉड एण्ड गन रही। गले के कैंसर की वजह से 3 जुलाई 1996 को राजकुमार दुनिया से विदा ले गए। वे जब तक रहे अपनी शर्तों पर फिल्में करते रहे।  

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