हिंदी में एक कहावत है “तू डाल-डाल तो मैं पात-पात”। यह कहावत धोखाधड़ी करने वाले लोगों के लिए पूरी तरह चरितार्थ होती है। बदल रहे जमाने में धोखाधड़ी से बचने के लिए भले ही कई सारे स्तर बना दिया गया हो लेकिन धोखाधड़ी करने वाले लोग हर बार एक नया रास्ता इख्तियार कर लेते हैं।

अब जैसे यहीं एक उदाहरण देखिए, देश भर के बैंक ने भले ही अपने ग्राहको की सुरक्षा के सभी चाक-चौबंद कर दिए हों लेकिन हाल ही में घटी एक घटना ने उसकी सुरक्षा पर भी सवालिया निशान लगा दिया।

नवभारत टाइम्स के अनुसार, पुणे में एक शख्स को धोखेबाजों ने सिम स्वैप करवाकर उसके अकाउंट से 93,500 रूपए लूट लिए।

इससे पहले की यह घटना आपके साथ हों, आइए जानते हैं कि आखिर क्या है यह सिम स्वैप।

सिम स्वैप का तात्पर्य सिम एक्सचेंज से है। पहले पहल आपके फोन पर एक कॉल आता है जिसकी दूसरी तरफ बैठा शख्स खुद को किसी टेलिकॉम कंपनी का सर्विस प्रोवाइडर बताता है और आपके फोन पर कॉल ट्रॉप और इंटरनेट सुविधा को और बेहतर करने की बात करेंगे। फिर वो बातों ही बातों आपके सिम का 20 डिजिट यूनिक कोड मांगने की कोशिश करेंगे, जो आपके सिम के पीछे लिखा होता है।

नंबर मिलते ही वो आपको 1 दबाने को कहेंगे जिससे ऑथेन्टिकेशन होता है और सिम स्वैप का प्रोसेस शुरू हो जाता है। और इसके बाद आप लगभग उनके चंगुल में फंस जाते हैं और आपके अकाउंट से पैसा उड़ाने के अगले कदम पर काम शुरू हो जाता है। यह घटना ज्यादातर सीनियर सीटिजन के साथ होता है। अतः आपका ये कर्तव्य है कि आप अपने माँ-बाप, दाद-दादी को इस चीज से अवगत कराएं।

अपने अकाउंट की नियमित रूप से जांच करते रहें और अगर किसी भी प्रकार की अवैधानिक गतिविधि दिखे तो तुरंत संबंधित बैंक को इस बात की सूचना दें और इस प्रकार सिम स्वैप के इस मायाजाल से आप बच सकते हैं।

Share

वीडियो

Ad will display in 09 seconds