जब भी वे खेलने उतरते, क्रिकेट का मैदान “विशी-विशी” की आवाज से गूँज उठता था। जब जब इन्होंने टीम के लिए शतक बनाए, टीम एकबार भी नहीं हारी। हर एक खिलाड़ी का अपना एक दौर होता है, इसी तरह विश्वनाथ गुंडप्पा भी जब मैदान पर उतरते तो विपक्षी टीम के प्रशंसक और पूरी विपक्षी टीम उनके पिच पर ज्यादा देर नहीं टिकने की प्रार्थना करते क्योंकि उन्हें पता था कि अगर एक बार इन्होंने लंबे समय तक खेल लिया तो भारत को हराना “लोहे के चने चबाना” जैसा काम हो जाएगा।

तो चलिए, आज इनके जन्मदिन पर जानते हैं कुछ कही-अनकही, कुछ रोचक बातें।

1. बहुत कम लोगों को पता है कि गुंडप्पा विश्वनाथ सुनील गावस्कर के जीजा हैं।

Image result for gundappa viswanath and sunil gavaskar
Credit: CricketCountry.com

2. सन् 1969 में इन्होंने अपने टेस्ट करियर की शुरूआत कानपुर में ऑस्ट्रेलिया (Australia) के खिलाफ खेलते हुए की और दुर्भाग्य से वे शून्य पर आउट हो गए।

Image result for Gundappa Viswanath
Credit: Mid-Day

3. इन्होंने वर्ष 1969 से 1983 तक भारत के लिए 91 टेस्ट मैच खेले जिसमें इन्होंने 14 शतक और 35 अर्धशतक बनाकर कुल 6080 रन बनाए। साथ ही देश के लिए खेले गए 25 वन-डे मैचों में 2 अर्धशतक की सहायता से 439 रन बनाए।

 

4. गुंडप्पा ऐसे तीसरे खिलाड़ी हैं जिन्होंने अपने 50वें मैच में शतकीय पारी खेली। जनवरी 1970 में इन्होंने श्रीलंका के खिलाफ अपने चौथे टेस्ट मैच में खेलते हुए शानदार 124 रनों की पारी खेली।

Image result for Gundappa Viswanath
Credit: The Economic Times

5. सन् 1974 में वेस्ट इंडीज (West indies) के खिलाफ जब भारत अपना पहला टेस्ट मैच हार चुका था और दूसरा किसी तरह ड्रॉ खेला, तीसरे मैच की दूसरी पारी में स्थिती खराब थी तो जीजा और साले अर्थात गुंडप्पा और गावस्कर की जोड़ी ने विरोधी टीम के गेंदबाजों की जम कर धुलाई की और टीम को जीत दिलाई। इस मैच में गावस्कर ने 102 और गुंडप्पा ने नाबाद 112 रन बनाए।

Image result for Gundappa Viswanath
Credit: Indiatimes.com

6. वर्ष 1979-80 में इन्होंने टीम के दो टेस्ट मैचों में कप्तानी की लेकिन एक में टीम को हार मिली और एक टेस्ट मैच ड्रॉ हो गया।

Image result for Gundappa Viswanath
Credit: ESPNcricinfo

7. कर्नाटक के लिए खेलते हुए अपने क्रिकेट करियर की शुरूआत करने वाले इस बल्लेबाज ने सन् 1975 और 1979 के दो विश्वकप भी खेले और सन् 1983 में क्रिकेट को अलविदा कह दिया।

Image result for Gundappa Viswanath
Credit: Mid-Day

8. सन् 1999 से 2004 तक इन्होंने आईसीसी (ICC) के लिए मैच रेफरी (Match referee) के रूप में भी काम किया। वे राष्ट्रीय चयन समिति के अध्यक्ष भी रहे और साथ ही भारतीय क्रिकेट टीम के लिए मैनेजर के रूप में काम भी किया।

Image result for Gundappa Viswanath
Credit: Celebrities

आज इनके जन्मदिन पर हम इन्हें हार्दिक बधाई देते हैं और इनके स्वस्थ जीवन की मंगलकामना करते हैं।

Share