खेतों में रसायनों का छिड़काव करते समय अधिकतर किसान कीटनाशकों में मौजूद ज़हरीले पदार्थों के संपर्क में आ जाते हैं जिसके कारण उनके स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ता है और कुछ मामलों में मौत तक हो जाती है। लेकिन भारतीय वैज्ञानिकों ने अब एक ऐसा सुरक्षात्मक जैल तैयार किया है, जो कीटनाशकों के दुष्प्रभाव से किसानों को बचाने में मददगार हो सकता है। 

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Credit : PCMCNews

दैनिक भास्कर के अनुसार ,बंगलुरु स्थित इंस्टीट्यूट फॉर स्टेम सेल बायोलॉजी ऐंड रीजनरेटिव मेडिसिन ((InStem) (Institute for Stem Cell Biology and Regenerative Medicine) के शोधकर्ताओं ने पोली ऑक्ज़ाइम (poly -Oxime) नामक एक ऐसी क्रीम बनाने में सफलता पायी है जो कीटनाशक छिड़काव के दौरान शरीर पर ज़हर का असर ख़त्म कर देगी। फिलहाल इसका परिक्षण चल रहा है और डेढ़ से दो साल में यह क्रीम बाजार में उपलब्ध होगी। 

शोधकर्ताओं के अनुसार पिछले साल महाराष्ट्र के यवतमाल जिले में कीटनाशक छिड़काव के कारण 45 किसानों को अपनी जान गंवानी पड़ी थी, 25 किसानों की दृष्टि चली गयी थी और 1 हजार से ज़्यादा किसानों को अस्पताल में दाखिल करना पड़ा था। 

यह क्रीम कीटनाशक के ज़हर को त्वचा के रास्ते शरीर में प्रवेश करने से रोकती है। साथ ही ज़हर के ऑर्गेनोफॉस्फेट को निष्क्रिय कर देती है। यह क्रीम नर्वस सिस्टम में मौजूद एसिटीक्लोनिस्ट्रेस्स नामक एंजाइम का लेवल स्थिर रखती है, जिसके कारण ज़हरीले तत्व शरीर में प्रवेश नहीं कर पाते। 

इनस्टेम (InStem) के वैज्ञानिक डॉ. प्रवीणकुमार वेमुला, केतन थोराट, और सतीश चंद्रशेखरप्पा की टीम ने पोली ऑक्ज़ाइम नामक यह क्रीम बनायी है।

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