“विजयी विश्व तिरंगा प्यारा, झंडा उंचा रहे हमारा,

इसकी शान न जाने पाये, चाहे जान भले ही जाए।”

एक नए दिन की शुरूआत हो चुकी है। आज भारत अपना 69वाँ गणतंत्र दिवस मना रहा है। दिल्ली के राजपथ पर गणतंत्र दिवस का समारोह समाप्त हो चुका है। 90 मिनट तक चली इस समारोह में “आसियान” देशों के राष्ट्राध्यक्ष शामिल थे। कार्यक्रम की शुरूआत प्रधानमंत्री द्वारा शहीदों को श्रद्धांजली देकर किया गया।

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Credit: freepressjournal.in

इस बार समारोह में हर बार कि तरह परेड और झांकियों के माध्यम से अपनी कला, संस्कृति और ताकत का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम की समाप्ति राष्ट्रगान से हुई। इस बार परेड में सबसे ज्यादा आकर्षण का केन्द्र बीएसएफ की महिला टीम रही।

 

जहाँ तेजस ने त्रिशूल की आकृति बनाकर अपनी ताकत की पहचान दी वहीं मिग और सुखोई ने भी हवा में कलाबाजी खाकर अपना करतब दिखाया।

 

तेजस विमानों ने हवा में अपनी रफ्तार दिखाई। उसने 780 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा में उड़ान भरी और पलक झपकते ही हवा में गायब हो गए। परेड में बीएसएफ की महिला टीम ने शानदार कारनामे दिखाए और महिला बहादुरी का परिचय दिया।

भारत के कई राज्यों ने अपने लोक नृत्य और लोक कला के माध्यम से अपनी संस्कृति की झलक दिखाई। “आसियान” के 25 साल होने के उपलक्ष्य में रोहिणी के माउंट आबू स्कूल के बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश कर “आसियान” देशों के राष्ट्रप्रमुखों का सम्मान किया।

 

इसके अलावा केन्द्रिय मंत्रालय और आयकर विभाग ने भी अपनी झांकी प्रस्तुत की। जहाँ कर्नाटक ने अपनी झांकी में वन्य जीवों को प्रदर्शित किया वहीं महाराष्ट्र ने छत्रपति शिवाजी के माध्यम से वीर मराठा को प्रदर्शित किया।

 

इसके अलावा और भी कई राज्यों ने अपने राज्य की संस्कृति की झलक दिखाई। परेड में स्कूली बच्चों ने भी हिस्सा लिया। उन्होंने दिखाया कि वे कल के भविष्य हैं। जो देश को आगे ले जाएंगे। परेड पर देश का स्वदेशी रडार “स्वाथी” भी दिखा, जो एक साथ सात टारगेट को निशाना बनाकर उसे ध्वस्त कर सकता है।

 

सेना के साथ दिल्ली के पुलिस दस्ते ने भी परेड में भाग लिया और उसकी कमान संभाली अस्सिटेंट कमिश्नर अनंत कुमार ने। संक्षिप्त में अगर यह कहा जाए कि भारतीय सेनाओं और पुलिस बल ने यह दिखाया की हम किसी भी स्थिती से निपटने के लिए तैयार हैं तो कहीं से भी गलत नहीं होगा। सुबह राष्ट्रपति ने ध्वजा रोहण कर उत्सव की शुरूआत की उसके बाद राष्ट्रगान और 21 तोपों की सलामी दी गई।

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