केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह सोमवार को शिलांग में पूर्वोत्तर परिषद (एनईसी) के 67वें पूर्ण सम्मेलन की अध्यक्षता करेंगे। एक अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी।

एनईसी पूर्वोत्तर के आठ राज्यों की क्षेत्रीय योजना तैयार करने वाली संस्था है। पूर्वोत्तर के आठ राज्य असम, अरुणाचल प्रदेश, मेघालय, मिजोरम, मणिपुर, नागालैंड, सिक्किम और त्रिपुरा के राज्यपाल और मुख्यमंत्री इस सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। वे नवगठित एनईसी के सदस्य भी हैं।

केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा एनईसी को गृह मंत्रालय के सीधे नियंत्रण में लाने के बाद केंद्रीय गृहमंत्री पहली बार इस बैठक की अध्यक्षता करेंगे। गृहमंत्री परिषद के पदेन सभापति होते हैं, जबकि पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री इसके उपसभापति होंगे।

एनईसी के पहले अधिवेशन में 64वें पूर्ण सम्मेलन की कार्रवाई रपट और परिषद द्वारा 2018-19 के लिए एनईसी की वार्षिक योजना के मसौदे पेश किए जाएंगे।

इस मौके पर जिन प्रमुख मुद्दों पर चर्चा होगी, उनमें क्षेत्र के कई जिलों में परिवहन, जीवन-यापन के कार्यक्रमों को मजबूत करने, जल संसाधन प्रबंधन, वनरोपण के जरिए तालाबों का उपचार, 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने, सड़क संपर्क, कुपोषण दूर करने के लिए पोषण अभियान, आयुष्मान भारत और सुरक्षा जैसे मसले शामिल हैं।

पूर्ण सम्मेलन में एनईसी की परियोजनाओं को मार्च 2020 तक जारी रखने पर विचार-विमर्श किया जाएगा, जिसे मार्च 2018 में मंत्रिमंडल ने मंजूरी प्रदान की थी।

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