महबूबा मुफ्ती के नेतृत्व वाली पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) में असंतोष के स्वर और मजबूत हो गए हैं। पार्टी के पांच नेताओं ने पूर्व मुख्यमंत्री के पार्टी तोड़ने को लेकर दिए गए बयान से असहमति जताई है। असंतुष्ट नेताओं में तीन विधायक और दो विधान परिषद के सदस्य हैं। महबूबा ने कहा था कि उनकी पार्टी को तोड़ने के किसी भी प्रयास का नतीजा अधिक आतंकवादियों को पैदा करने की शक्ल में सामने आएगा।

जावेद हुसैन बेग, इमरान अंसारी, अब्दुल माजिद पद्दार, यासिर ऋषि और सैफुद्दीन भट आदि असंतुष्ट नेताओं ने शुक्रवार को एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन किया। बेग, अंसारी, पद्दार राज्य विधानसभा के सदस्य हैं जबकि ऋषि और भट्ट विधान परिषद के सदस्य हैं।

बारामुला विधानसभा सीट के विधायक जावेद हुसैन बेग ने कहा, “मुझे स्पष्ट करने दीजिए कि आज पीडीपी में कोई आतंकवादी नहीं है और न ही पहले कोई था। हम इस तथ्य को लेकर प्रतिबद्ध हैं कि जम्मू एवं कश्मीर राज्य का भारत में शामिल होना अंतिम है।’

उन्होंने कहा, ‘हमने पार्टी के प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा नहीं दिया है और ना ही पार्टी अध्यक्ष ने हमें कारण बताओ नोटिस जारी किया है।'”

उत्तरी कश्मीर के पट्टन के विधायक इमरान अंसारी ने कहा, “हम पारिवारिक शासन के खिलाफ हैं और हमारे पक्ष में कोई बदलाव नहीं आया है। हम पार्टी में बुनियादी सुधार लाने की कोशिश कर रहे हैं।”

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