रेल मंत्री पीयूष गोयल ने सोमवार को कहा कि सुरक्षा सर्वोपरि है, और पटरियों के रखरखाव के बड़े पैमाने पर जारी काम के कारण ट्रेनें देरी से चल रही हैं।

गोयल ने एक प्रेस वार्ता में मीडिया को पिछले चार सालों में रेलवे की उपलब्धियों की जानकारी दी और कहा, यात्रियों की सुरक्षा हमारे लिए सर्वोपरि है। पटरियों की मरम्मत सदियों से लंबित थी। लेकिन यात्रियों को पता है कि ट्रेन क्यों देरी से चल रही है, क्योंकि वे जानते हैं कि भारतीय रेलवे भविष्य के लिए तैयार हो रही है।

पिछली संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार पर तंज कसते हुए गोयल ने कहा, पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने 2003-4 में रेल सुरक्षा फंड की घोषणा की थी। लेकिन उस पर 10 साल तक विचार नहीं किया गया, जिससे हमें असुरक्षित रेलवे एक संपत्ति के रूप में मिली।

उन्होंने यह भी कहा कि पिछले दो दशकों में ट्रेनों की संख्या बढ़कर दोगुनी हो चुकी है, जबकि पटरियों का रखरखाव नहीं किया गया। वित्त वर्ष 2017-18 में करीब 5,000 किलोमीटर पटरियों का नवीनीकरण किया गया।

रेलवे के निजीकरण के बारे में पूछे जाने पर गोयल ने कहा, रेलवे के निजीकरण की कोई योजना नहीं है और भविष्य में भी ऐसा नहीं होगा।

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