दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने रविवार को आईएएस अधिकारियों को उनकी सुरक्षा का आश्वासन दिया और उनसे काम पर लौटने तथा मंत्रियों की बैठक में हिस्सा लेने का आग्रह किया।

केजरीवाल ने अपने ट्विटर खाते पर जारी एक पत्र में कहा है, मैं उन्हें आश्वस्त करना चाहता हूं कि मैं अपनी पूरी शक्ति और उपलब्ध संसाधनों से उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करूंगा। मैं पहले भी कई अधिकारियों को इस तरह का आश्वासन दे चुका हूं, जिन्होंने मुझसे अकेले में मुलाकात की थी। मैं आज फिर इसे दोहराता हूं।

आईएएस आफिसर्स एसोसिएशन ने रविवार को आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि उन्हें इस सरकार में अपनी सुरक्षा को लेकर भय है और उन्होंने आरोप लगाया कि नौकरशाहों पर हमलों के मामलों के बावजूद मुख्यमंत्री की तरफ से कोई आश्वासन नहीं मिला है।

अधिकारियों ने कहा, हम सभी के हमले के कई अनुभव हैं। यदि हम सुरक्षित महसूस नहीं करेंगे तो हम बैठक में हिस्सा नहीं लेंगे। हमने नियम से आगे जाकर काम किया है, ताकि जनता को तकलीफ न हो, उनके काम न रुके, लेकिन हम अपनी जिंदगी की कीमत पर काम नहीं करेंगे।

आईएसएस एसोसिएशन की सचिव मनीषा सक्सेना ने रविवार अपराह्न् संवाददाताओं से कहा, हम वहां नहीं जाते, जहां हम असुरक्षित महसूस करते हैं। काम करने के लिए हमें विश्वास की एक संस्कृति की जरूरत है। सक्सेना एक डिविजनल कमिश्नर हैं और कला, संस्कृति, भाषा की सचिव भी हैं।

उन्होंने आम आदमी पार्टी (आप) के नेताओं के उन आरोपों को खारिज कर दिया, जिनमें कहा जा रहा है कि आईएएस अधिकारी हड़ताल पर हैं। उन्होंने कहा कि अधिकारी सभी वैधानिक बैठकों में हिस्सा ले रहे हैं और काम कर रहे हैं।

केजरीवाल ने अधिकारियों को सुरक्षा का भरोसा दिलाते हुए उनसे आग्रह किया है कि वे सरकार का बहिष्कार करना बंद करें और मंत्रियों के साथ बैठकें शुरू करें और उनके फोन काल उठाएं।

उन्होंने कहा, उन्हें बगैर भय और दबाव के काम करना चाहिए। उन्हें किसी दबाव में नहीं आना चाहिए, चाहे वह राज्य सरकार की तरफ से हो या केंद्र सरकार की तरफ से, या किसी राजनीतिक दल की तरफ से।

गौरतलब है कि आप ने इस मामले में प्रधानमंत्री से हस्तक्षेप की मांग को लेकर रविवार को एक विशाल विरोध रैली आयोजित की।

Share

वीडियो

Ad will display in 09 seconds