अपनी सैन्य क्षमता को मजबूत करने की दौड़ में भारत ने एक और बड़ी कामयाबी हासिल की है। परमाणु हथियारों से लैस, देश की पहली स्वदेश-निर्मित परमाणु पनडुब्बी, आईएनएस अरिहंत’ अपनी पहली गश्त सफलतापूर्वक पूरी कर लौट आयी है। इसके साथ ही भारत हवा, जमीन और समुद्र से परमाणु हमला करने की क्षमता को पूरी तरह से हासिल कर चुका है। भारत यह उपलब्धि हासिल करनेवाला दुनिया का छठा देश है। 

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दैनिक भास्कर के अनुसार सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस परमाणु पनडुब्बी “आईएनएस अरिहंत” के सफलतापूर्वक गश्त के बाद लौटने पर, अरिहंत के चालक दल और अधिकारियों से मिलकर उन्हें बधाई दी है। इसे रक्षा क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धि बताते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि यह उन लोगों के लिए करारा जवाब है जो परमाणु ताक़त के जरिये भारत को ब्लैकमेल करते हैं। 

उन्होंने कहा इस बार धनतेरस खास है। और यह देश के लिए दिवाली का उपहार है। दूसरे देशों को चेतावनी देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा यह भारत की ओर से शांति के दुश्मनों के लिए खुली चेतावनी है कि कोई किसी तरह का दुस्साहस न करे। लेकिन फिर भी भारत परमाणु हथियारों का पहले इस्तेमाल नहीं करने की अपनी नीति पर आज भी कायम है। 

परमाणु त्रिकोण पूरा करने वाला यह दुनिया का छठा देश है। इससे पहले रूस, अमेरिका, ब्रिटैन, फ्रांस और चीन यह क्षमता हासिल कर चुके हैं। 

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