दिल्ली के लोक निर्माण विभाग के मंत्री सत्येंद्र जैन ने कहा कि राज्य के 1,000 से अधिक सरकारी स्कूलों में अगले छह महीनों में 1.46 लाख सीसीटीवी कैमरे लगेंगे, जिनकी कुल लागत 597.51 करोड़ रुपये होगी। ये सीसीटीवी कैमरे शौचालयों को छोड़कर कक्षाओं और खुले स्थानों में लगाए जाएंगे।

जैन ने कहा कि निविदा जारी कर दी गई है और सात से आठ कंपनियों ने बोली प्रक्रिया में भाग लिया। उन्होंने कहा कि 1,46,800 सीसीटीवी कैमरे 1,028 नगरीय सरकारी स्कूलों में लगाए जाएंगे।

सीसीटीवी की रिकॉर्डिग प्रत्येक स्कूल में सुरक्षित रखी जाएगी और 30 दिनों के बाद स्वत: नष्ट हो जाया करेगी। अभिभावकों को एक आईडी और पासवर्ड जारी किया जाएगा जिसकी सहायता से वे रिकॉर्डिग देख सकेंगे।

जैन ने कहा कि कुल राशि में से 385.85 करोड़ रुपये परियोजना के क्रियान्वयन पर व्यय होंगे, 57.69 करोड़ रुपये कैमरों के रखरखाव तथा 154.97 करोड़ रुपये स्कूलों को इंटरनेट सुविधा देने पर खर्च होंगे।  इस परियोजना को दिल्ली सरकार की व्यय वित्त कमेटी ने मंजूरी दी है।

वहीं, शहर में महिलाओं की सुरक्षा के उद्देश्य से 1.4 लाख सीसीटीवी कैमरे लगाने की परियोजना दिल्ली सरकार और उपराज्यपाल अनिल बैजल के बीच नया विवाद बनकर उभरी है।

बैजल ने इस परियोजना की जांच के लिए एक समिति गठित की है जबकि आम आदमी पार्टी (आप) सरकार ने उपराज्यपाल को इस परियोजना से दूर रहने के लिए कहा है। प्रदेश सरकार ने आरोप लगाया है कि समिति का गठन परियोजना में विलंब करने के लिए हुआ है।

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