कहते हैं, समय हमेशा एक समान नहीं होता और हर किसी को इसकी मार कभी न कभी झेलनी पड़ती है। आज आप जिस बात की खुशी मना रहे होते हैं, कभी-कभी पलक झपकते ही वह खुशी किसी कारणवश टूट कर चकनाचूर हो जाती है। समय की कुछ ऐसी ही मार लायन एयर फ्लाइट को उड़ा रहे कैप्टन भव्य सुनेजा के परिवार और यार-दोस्तों पर सोमवार को पड़ी। 

दिल्ली में कैप्टन भव्य सुनेजा का इंतज़ार कर रहे उनके मित्रों को कहाँ पता था कि वे अब कभी भी उनके साथ दीपावली मनाने नहीं आएंगे। भव्य की पत्नी गरिमा की सहेली मान्वी ने इंडियन एक्स्प्रेस से बात करते हुए कहा, “अभी बस दो दिनों की तो बात है। करवा चौथ के मौके पर गरिमा ने पहली बार अपने पति के लिए साड़ी पहनी थी।” इंडियन एक्स्प्रेस के अनुसार जकार्ता जाने से पहले गरिमा इंडियन एक्स्प्रेस के अकाउंट डिपार्टमेंट में काम करती थीं।

मान्वी ने बताया, “उन्होंने (भव्य ने) मुझे दीपावली की पार्टी के लिए तैयार रहने के लिए कहा था। वे नवंबर 5 को दिल्ली आने वाले थे। उनके निधन की खबर सुनकर इस बात पर भरोसा नहीं हो रहा।” भव्य और गरिमा के नजदीकी मित्रों को अगले सप्ताह भव्य के आने का इंतज़ार था, तो उधर जकार्ता में भव्य और गरिमा भी अपने यार-रिश्तेदारों संग दीपावली की खुशियां मनाने दिल्ली आने की तैयारी में थे।

भव्य और गरिमा के निजी रिश्ते के बारे में बात करते हुए उनके एक मित्र नवीन बंसवाल ने कहा, “दोनों का व्यवस्थित विवाह (arranged marraige)  हुआ था, लेकिन उन्हें देखकर ऐसा नहीं लगता था। दोनों जिस तरह से एक-दूसरे का साथ देते थे और प्यार प्रदर्शित करते थे, उसे देखकर कोई यह नहीं कह सकता था कि दोनों का व्यवस्थित विवाह हुआ है, ऐसा लगता था कि दोनों का प्यार काफी पहले से था।”

Bhavye Suneja
Credit: Linkedin

उनके एक अन्य मित्र रोहित सिंह ने बताया कि दंपति ने उत्तराखण्ड के मानेश्वर जाने की पहले ही तैयारी कर ली थी। मान्वी जो भव्य को अपना भाई मानती हैं, उनके साथ भाई दूज मनाने की तैयारियों में थीं। मान्वी ने कहा, “उन्हें हल्दीराम के मोतीचूर के लड्डू काफी पसंद थे।”

बता दें कि भव्य वर्ष 2011 से लायन एयर के साथ काम कर रहे थे। उन्हें बेल एयर इंटरनेशनल की तरफ से वर्ष 2009 में पायलट का लाइसेंस मिला था।

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