पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ, उनकी बेटी मरियम नवाज व दामाद कैप्टन (सेवानिवृत्त) सफदर अवान के आवासों को उप-जेल घोषित करने की मांग को लेकर सर्वोच्च न्यायालय में सोमवार को याचिका दाखिल की गई।

एक्सप्रेस ट्रिब्यून की रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) के बैरिस्टर जफरुल्ला खान ने यह याचिका दाखिल की। इसमें खान ने आग्रह किया है कि चूंकि शरीफ के खिलाफ भ्रष्टाचार का मामला अभी लंबित है, इसलिए उनके निवास को उप-जेल घोषित किया जा सकता है।

यह कदम पाकिस्तान इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (पीआईएमएस) के पांच सदस्यीय चिकित्सा दल द्वारा नवाज शरीफ की जांच के लिए रावलपिंडी की अदियाला जेल के दौरे के बाद आया है। चिकित्सकों ने उन्हें अस्पताल में स्थानांतरित करने की सिफारिश की है। नवाज शरीफ दिल व गुर्दे की बीमारी से पीड़ित हैं।

हालांकि, माना जा रहा है कि सरकार शरीफ को पीआईएमएस भेजने की योजना बना रही है, लेकिन उन्होंने रावलपिंडी इंस्टीट्यूट ऑफ कार्डियोलॉजी में भेजने का आग्रह किया है। नवाज शरीफ मौजूदा समय में भ्रष्टाचार के मामले में 10 साल की जेल काट रहे हैं।

जियो न्यूज ने एक सूत्र के हवाले से कहा कि शरीफ को लंबे समय से दिल से जुड़ी समस्या रही है, वह पहले ही एक बाईपास सर्जरी से गुजर चुके हैं। साथ ही उन्हें उच्च रक्तचाप व गुर्दे से जुड़ी दिक्कतें हैं।

जेल के अधिकारी ने कहा कि नवाज शरीफ की चिकित्सकीय जांच के बाद मेडिकल टीम ने कहा कि शरीफ को त्वरित इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती किए जाने की जरूरत है।

चिकित्सकीय दल के अनुसार, पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के दिल की धड़कन डिहाइड्रेशन की वजह से अनियमित थी और उनके रक्त में यूरिया की मौजूदगी से गुर्दों पर असर पड़ सकता है।

डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक, चिकित्सकीय दल की सिफारिश को पंजाब स्वास्थ्य सचिव व कार्यवाहक सरकार को भेजा गया है।

जेल के अधिकारी ने कहा कि चिकित्सकों के एक अन्य दल ने शरीफ के दामाद की चिकित्सकीय जांच की है, उन्हें कान व गले का संक्रमण है।

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