चीन (China) दुनिया में सोयाबीन का सबसे बड़ा ख़रीदार और उपभोक्ता है, जिसका अधिकतर प्रयोग मवेशियों को खिलाने के लिए किया जाता है। लेकिन बीजिंग (Beijing) ने अप्रैल 4 को यह घोषित किया कि चीनी सामान पर वाशिंगटन (Washington) द्वारा लगाए गए व्यापार शुल्क के प्रतिकार में वह संयुक्त राज्य से आयात किए जाने वाले सोयाबीन पर 25 प्रतिशत सीमा शुल्क लगाएगा।

आधिकारिक आंकड़ों का हवाला देते हुए, नेशनल बिजनेस डेली (National Business Daily), राज्य द्वारा संचालित अखबार के अनुसार, 2017 में चीन ने 95.54 मिलियन टन सोयाबीन का आयात किया; संयुक्त राज्य आयात का दूसरा सबसे बड़ा स्रोत था।

सीमा शुल्कों की आशंका ने ब्राजील (Brazil) जैसे अन्य आपूर्तिकर्ताओं ने भी कीमतें बढ़ा दी है।

Herbicide is sprayed on a soybean field in the Cerrado plains near Campo Verde, Mato Grosso state, western Brazil on Jan. 30, 2011. (Yasuyoshi Chiba/AFP/Getty Images)
जनवरी 30, 2011 को पश्चिमी ब्राजील के मातो ग्रोसो (Mato Grosso ) राज्य में कैम्पो वर्डे (Campo Verde) के पास सैरिडो (Cerrado) मैदान में सोयाबीन की खेती पर हर्बीसाइड छिड़का जा रहा है। (Yasuyoshi Chiba/AFP/Getty Images)
पूर्वोत्तर हेइलोंगजियांग (Heilongjiang) और जिलिन (Jilin) प्रांतों के अधिकारियों ने पिछले सप्ताहांत में सोयाबीन के रोपण को बढ़ाने के लिए उठाए जाने वाले कदमों पर चर्चा करने के लिए मुलाकात की, शहर की सरकारी वेबसाइटों पर दी गई रिपोर्टों के अनुसार।

हेइलोंगजियांग प्रांतीय सरकार द्वारा प्रकाशित एक दस्तावेज़ ऑनलाइन संचारित हो रहा है, जिसमें इस वर्ष पांच मिलियन अतिरिक्त मू (mu) (333,333 हेक्टेयर) पर सोयाबीन लगाने के लिए कहा गया है।

साथ ही तथाकथित “आपातकालीन सूचना” में अतिरिक्त दो मिलियन एम यू (mu)  को चल रहे कार्यक्रम के तहत मक्के की फ़सल की जगह अन्य फसलों जैसे की सोयाबीन के लिए शामिल किया जाएगा। किसानों को प्रत्येक मू (0.16 एकड़) पर सोयाबीन लगाने के लिए 150 युआन (लगभग US$23.60) मुआवजे के तौर पर दिया जाएगा, राज्य द्वारा संचालित समाचार पत्र द पेपर (The Paper) ने बताया।

हेइलोंगजियांग स्थिति—हेइहे (Heihe) शहर की आधिकारिक वेबसाइट पर—सोयाबीन रोपण को बढ़ावा देने के लिए प्रांतीय और राष्ट्रीय स्तर की बैठकों का जिक्र करते हुए प्राधिकारी वर्ग ने एक सूचना जारी की है।

जिलिन प्रांत की राजधानी चांगचुन (Changchun) शहर ने भी, अप्रैल 28 को शहर की आधिकारिक वेबसाइट पर डाले गए दस्तावेजों में नई नीति को पूरा करने के लिए कई कार्यवाहियों को रेखांकित किया है, जैसे की अधिकारियों को “सुदूर ग्रामीण इलाकों” में रोपण का पर्यवेक्षण करने के लिए भेजना और सोयाबीन उत्पादन में वृद्धि हेतु “राजनीतिक क़दम” को बढ़ावा देने के लिए मीडिया अभियान की शुरुआत करना।

चीनी साम्यवादी दल (CCP) के राज्य संचालित समाचार पत्रों और वेबसाइटों से संबंधित रिपोर्टें 24 घंटे के अंदर ही हटा दी गई थी।

 

जुलाई 11, 2013 को आयोवा (Iowa) के, ग्रेंजर (Granger) में वेस्ट सेंट्रल कोपरेटिव के ब्लेक बेकेट (Blake Beckett) पर सोयाबीन की खेती पर छिड़काव करते हुए। (AP Photo/Charlie Neibergall, File)

पृष्ठभूमि

चीन के सोयाबीन सीमा शुल्क की घोषणा करने के दो हफ्तों के बाद, चीन ने कुल 62,690 मेट्रिक टन संयुक्त राज्य सोयाबीन की ख़रीदी रद्द कर दी, यू. एस. डिपार्टमेंट ओफ एग्रीकल्चर डाटा (U.S. Department of Agriculture Data) के अनुसार।

“वह जो भी ख़रीद रहे हैं वह संयुक्त राज्य से नहीं है,” न्यूयॉर्क (New York) स्थित कृषि व्यवसाय कंपनी, बंज (Bunge) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सोरेन श्रोडर (Soren Schroder), ने मई 2 को फोन साक्षात्कार में ब्लूमबर्ग (Bloomberg) से कहा।

हालांकि, चीन ने पूरी तरह से संयुक्त राज्य से सोयाबीन की खरीदी बंद नहीं की है; यूएसडीए (USDA) के नए आंकड़ों से पता चलता है कि अप्रैल 26 को समाप्त हुए सप्ताह में, संयुक्त राज्य ने 256,000 टन सोयाबीन चीन भेजा था—यह सुझाव देते हुए कि चीन अमेरिकी सोयाबीन की अपनी आवश्यकताओं को पूरी तरह से समाप्त नहीं कर सकता है।

चूंकि चीन ने ब्राजिलियन सोयाबीन की ख़रीदी में वृद्धि की है, इसलिए मांग के कारण कीमत बढ़ गई है, जिससे अमेरिकी सोयाबीन सस्ता और बाजार में अधिक प्रतिस्पर्धी हो गया है।

चीनी राज्य संचालित मीडिया ने अनुमान लगाया है कि सोयाबीन पर लगाया जाने वाला सीमा शुल्क अमेरिकी अर्थव्यवस्था को गंभीरता से प्रभावित करेगा और सोयाबीन के वैश्विक व्यापार को फिर से बदल देगा।

हालांकि अप्रैल 6, चीन के सीमा शुल्क की घोषणा करने के दो दिन बाद, 458,000 टन संयुक्त राज्य सोयाबीन को चीन के अतिरिक्त अन्य व्यापारियों को बेच दिया था, यूएसडीए के मुताबिक। सरकारी संस्था ने आगे उन राष्ट्रों की  विस्तृत जानकारी नहीं दी।

विश्लेषकों का मानना है कि यूरोपीय संघ (European Union) के देशों ने संयुक्त राज्य सोयाबीन की मांग की थी।

रॉयटर्स (Reuters) ने इस रिपोर्ट में योगदान दिया है।

द इपोक टाइम्स की अनुमति से प्रकाशित

 

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