प्रदूषण की समस्या आज मानव समाज के सामने खड़ी सबसे गंभीर समस्याओं में से एक है | दीपावली के मौसम में पटाखों के कारण वायु प्रदूषण छह से दस गुना बढ़ जाता है। इसी समस्या से निजात दिलाने के लिए नागपुर के राष्ट्रीय पर्यावरण अभियांत्रिकी अनुसंधान संस्थान (नीरी) (National Environmental Engineering Research Institute – NEERI) की लैब ने हरित पटाखों का निर्माण किया है। 

Fireworks manufacturers seek to know
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नीरी एक सरकारी संस्थान है जो वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंघान परिषद (सीएसआईआर) के तहत आता है। नीरी ने ग्रीन पटाखों पर जनवरी में केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री डॉक्टर हर्षवर्धन के उस बयान के बाद शोध शुरू किया था जिसमें उन्होंने इसकी जरूरत की बात कही थी।

मात्र एक साल की मेहनत से नीरी के वैज्ञानिकों ने ‘हरित पटाखे’ तैयार कर लिए हैं जो कम प्रदूषण फैलाने के साथ किफायती भी हैं। हरित पटाखों के कारण मौजूदा पटाखों से होने वाले धुएं और प्रदुषण में 30 प्रतिशत तक की कमी होगी। और इनकी कीमत भी मौजूदा पटाखों से 20 से 25 प्रतिशत कम होगी। 

हरित पटाखों को तीन नाम दिए गए हैं “स्वास”, “सफल” और “स्टार”। पोटेशियम नाइट्रेट और सल्फर के बिना बनाये गए पटाखों को “स्वास” और “स्टार’ नाम दिया गया है। इन केमिकल के न होने से सल्फर डाइऑक्साइड, नाइट्रोजन ऑक्साइड और पीएम पार्टिकल में 30 से 35 प्रतिशत की कमी होगी। 

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वहीं “सफल” पटाखों में एल्युमीनियम के स्थान पर मैग्निशयम का उपयोग किया गया है जिससे धुंए में 35 से 40 प्रतिशत की कमी होगी। “स्वास”, “सफल” पटाखों की ध्वनि 105 से 110 डेसीबल होगी और “सफल” पटाखों की ध्वनि 110 से 115 के बीच होगी। साथ ही इन पटाखों को जलाने से हवा में बेहतर खुशबू बिखेरेगी और हानिकारक गैस भी कम पैदा होगी।

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली में प्रदुषण का स्तर कम रखने के लिए दिवाली पर हरित पटाखों को ही जलाने की अनुमति दी थी, क्योंकि यह पटाखे जलाने पर भाप बनेगी, जो पटाखों से उड़ने वाली धुल को सोख लेंगी। 

नीरी की वैज्ञानिक साधना रायलु  बताती हैं कि इस दिशा में संस्थान का शोध पूरा हो चुका है और अब मामला सरकारी एजेंसियो के पास है। डॉक्टर साधना कहती हैं, “हमलोगों ने अप्रूवल के लिए पेट्रोलियम तथा विस्फोटक सुरक्षा संगठन (PESO) को लिखा है। उसकी अनुमति मिलने के बाद इसे बाज़ार में उतारा जा सकेगा।” हालांकि इसे बाजार में आने के लिए कुछ महीने और इंतज़ार करना पड़ सकता हैं। 

 

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