दुनिया से भूखमरी और गरीबी मिटाने के लिए दुनियाभर के देश अपने-अपने स्तर पर  लगे हुए हैं। इस क्रम में दक्षिण एशिया दुनिया के अन्य देशों के मुकाबले तेज़ी से तरक्की कर रहा है। विश्व बैंक की रिपोर्ट पॉवर्टी एण्ड शेयर्ड प्रॉसपैरिटी की मानें तो गरीबी से निपटने के मामले में भारत समेत कई देश विकास के नए आयाम छू रहे हैं।

दैनिक जागरण के अनुसार, विश्व बैंक के अर्थशास्त्री डीन जोलिफ ने कहा कि गरीबी घटने की दर दक्षिण एशिया में सबसे तेज़ यानी कि 35 फीसदी है, जो कि विश्व की तुलना में 10 फीसदी ज्यादा है।  खबरों की मानें तो वर्ष 2013 में गरीबी में जीवन यापन करने वाले लोगों की दर 11 फीसदी थी, जो वर्ष 2015 तक एक फिसदी घटकर 10 फीसदी रह गई। अनुमान लगाया जा रहा है कि 2030 तक दुनिया गरीबी से निपटने सक्षम हो सकता है। हालांकि, इसके लिए लगातार प्रयास करते रहने की आवश्यकता है।

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