मंगलवार को सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने एक मानक ऑपरेटिंग प्रक्रिया जारी की हैं। इस प्रक्रिया के अनुसार वाहन मालिकों को पंजीकरण, बीमा, परमिट, फिटनेस, ग्रीन टैक्स, ड्राइविंग लाइसेंस जैसे दस्तावेज भौतिक रूप से साथ रखना अनिवार्य नहीं होगा। अब से वाहन चालकों को इन दस्तावेजों को कागजी रूप में साथ ले जाने की आवश्यकता नहीं होगी। 

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वाहन मालिक मोबाइल पर डिजिलॉकर या एमपरिवहन ऐप के माध्यम से अपने दस्तावेजों को इलेक्ट्रॉनिक रूप से सुरक्षित रख सकते हैं। साथ ही मोबाइल पर ऐप के जरिये ड्राइविंग लाइसेंस और पंजीकरण प्रमाणपत्र डाउनलोड किया जा सकता हैं। 

प्रवर्तन एजेन्सिया ई-चालान ऐप के जरिये वाहन के दस्तावेजों के विवरण और उनकी ऑनलाइन सत्यापन की जांच भी की जा सकती है। साथ ही इन मंच पर एमपरिवहन क्यू आर कोड का ऑफलाइन सत्यापन भी उपलब्ध है। 

जांच के दौरान किसी ड्राइवर का लाइसेंस निलंबित है या उनके दस्तावेज पूर्ण तरह से ठीक नहीं है तो प्रवर्तन एजेन्सियां वाहन मालिक से जुर्माने के तौर पर पूर्ण चालान वसूल कर सकती हैं। 

मंत्रालय ने केंद्रीय मोटर वाहन नियम 1989 में संशोधन करते हुए एसओपी अपनाने के लिए सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से आग्रह किया है। 

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