इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (Indian Medical Association (IMA)) ने यौन स्वास्थ्य को लेकर समाज में व्याप्त गलत धारणाओं को खत्म करने के लिए देश भर में जागरूकता अभियान शुरू किया है।

आईएमए के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. रवि वानखेडकर ने इस पहल के महत्व पर जोर दिया और कहा, सेक्स अभी भी समाज में एक वर्जित विषय है, इसलिए पूरे भारत के डॉक्टरों को इससे संबंधित सभी वर्जनाओं, भ्रांतियों को दूर करने और चिकित्सा संबंधी सभी शिथिलताओं को दूर करने की जरूरत है।

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उन्होंने कहा, इस पहल को देश भर में शैक्षणिक कार्यक्रमों में शामिल करना चाहिए। इस संबंध में स्कूलों में व्याख्यान, सेमिनार, संगोष्ठी, सम्मेलन और वाद-विवाद का आयोजन करना चाहिए। आईएमए ने यौन स्वास्थ्य के वर्जित विषय के प्रति अपने दिमाग और रवैये को बदलने के लिए चिकित्सकों के बीच जागरूकता बढ़ाने के लिए योजना बनाने का प्रस्ताव भी दिया है।

एक पायलट परियोजना के रूप में एमडी और उससे ऊपर के डॉक्टरों के लिए क्लिनिकल सेक्सोलॉजी में 12 महीने का फैलोशिप कार्यक्रम भी शुरू किया गया है और कम से कम पांच वर्षो के अनुभव वाले एमबीबीएस डॉक्टरों के लिए इसी तरह के पाठ्यक्रम शुरू करने का प्रस्ताव है।

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अभियान के अंतर्गत, एक ई.बुलेटिन भी जारी करने की योजना बनाई गई है जिसमें यौन स्वास्थ्य से संबंधित विभिन्न मामलों के बारे में आवश्यक जानकारी शामिल होंगी, साथ ही यौन इतिहास की मूल बातें और परामर्श भी शामिल होंगे। प्रत्येक बुलेटिन में पुरुष और महिला यौन अक्षमता पर कुछ जानकारी होगी।

तीन लाख से अधिक एलोपैथिक डॉक्टर और देश भर में 300 से अधिक शाखाओं वाले भारत के प्रमुख एसोसिएशन, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने यौन स्वास्थ्य के लिए इस आवश्यक पहल की शुरुआत की है और इस पहल के लिए इसी तरह के कई अन्य संगठनों से सहायता मांगी गई है।

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