चीनी (Chinese) शासन  के पांचवीं पीढ़ी के सेनानी, अत्याधुनिक नौसैनिक युद्धपोत, और जल्द ही प्रक्षेपित विमान वाहक अन्य प्रकार की तुलना में अधिक घातक होंगे क्योंकि वे मूल रूप से पेंटागन (Pentagon) के लिए निर्मित उन्नत फाइबर आॅप्टिक केबल से सुसज्जित हैं, एक अमेरिकी सैन्य खुफिया अधिकारी के अनुसार।

इस केबल की गाथा एक बड़ी कहानी का हिस्सा है कि चीनी शासन की सेना के पास अमेरिकी प्रौद्योगिकी कैसे पहुंची, एक मुद्दा जिस पर प्रतिबंधों और नए कानून लगाकर ट्रम्प प्रशासन हल निकालना चाह रहा है।

फाइबर-आॅप्टिक (Fiber-optic) तकनीक बहुत तीव्र गति से सूचना की बड़ी मात्रा को स्थानांतरित करती है। यह एक “दोहरी उपयोग” तकनीक है, जो कि नागरिक और सैन्य दोनों क्षेत्रों में उपयोग की जाती है।

सार्वजनिक उपयोग के लिए, फाइबर आॅप्टिक्स दूरसंचार डेटा को संचारित करती है, जैसे कि इंटरनेट संचार। सेना के लिए, फाइबर आॅप्टिक्स का उपयोग जहाजों, जेट और अन्य प्रणालियों में डेटा की उच्च मात्रा को संचारित करने के लिए किया जाता है। एक युद्ध में, इन प्रणालियों की गति का मतलब जीत और हार के बीच का अंतर हो सकता है।

अगली पीढ़ी के फाइबर आॅप्टिक केबल विकसित करने के लिए, उत्तरी कैरोलिना (North Carolina) में स्थित जापानी (Japanese) स्वामित्व वाली कंपनी, जिसे सुमितोमो इलैक्ट्रिक लाइटवेव (Sumitomo Electric Lightwave) के नाम से जाना जाता है, को पेंटागन द्वारा एक विकास अनुबंध प्रदान किया गया है। कंपनी के अमेरिकी सेना के लिए प्रौद्योगिकी विकसित करने के पश्चात, हालांकि, इसने निजी कंपनियों को फाइबर आॅप्टिक्स बेचना शुरू कर दिया। बीजिंग में अपने कार्यालयों के माध्यम से, सुमितोमो ने इस तकनीक को चीनी दूरसंचार कंपनियों जे़डटीई (ZTE) और हुआवेई (Huawei) को बेच दिया।

जो कुछ भी हम चीन को बेचते हैं…    उसका मूल्यांकन इस आधार पर किया जाना चाहिए कि क्या यह तकनीक हमारी सेनाओं को समाप्त कर सकती है।
रिचर्ड फिशर(Richard Fisher), वरिष्ठ फेलो, इंटरनेशनल असेस्मेंट एंड स्ट्रेटेजी सेंटर (International Assessment and Strategy Center)
ज़ेडटीई और हुआवेई विवाद के लिए अजनबी नहीं हैं। जे़डटीई वर्तमान में प्रतिबंधित है, और ईरान (Iran) को निषिद्ध प्रौद्योगिकियों की बिक्री के लिए हुआवेई भी जांच के अधीन है। दोनों कंपनियों का चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (Chinese Communist Party) की सेना, द पीपल्स लिब्रेशन आर्मी (पीएलए) (People’s Liberation Army (PLA)) से भी संबंध है।

एक अमेरिकी सैन्य खुफिया अधिकारी ने गुमनाम रूप से कहा कि सुमितोमो के अमेरिकी वित्त पोषित इस फाइबर आॅप्टिक्स को ज़ेडटीई और हुआवेई को बेचने के कुछ ही समय बाद पीएलए ने इसे प्राप्त कर लिया।

अधिकारी ने कहा कि उन्होंने खुफिया जानकारी को देखा है जो सुनिश्चित करती है कि पीएलए सैन्य उपकरण पेंटागन द्वारा अधिकृत समान फाइबर आॅप्टिक्स का उपयोग कर रहे हैं।

“यह चोरी नहीं हुआ था। यह नागरिकों के लिए था, या गैर-सैन्य उद्देश्यों के लिए था,”  उन्होंने कहा। “चीन में, इसका उपयोग नौसेना और विमान के लिए किया जा रहा है, जैसे कि जे-10 जेट (J-10 jet), उच्च श्रेणी के विनाशक, युद्धपोत, साथ ही साथ इन विकसित वाहकों के लिए भी।”

“सुमितोमो इलैक्ट्रिक लाइटवेव जहाज के उपयोग के साथ-साथ लड़ाकू जेट और ड्रोन के लिए अत्यधिक उन्नत फाइबर आॅप्टिक्स विकसित करने में अग्रणी रहा है।”

“कुछ तकनीक अनजाने में जे़डटीई और हुआवेई के नियंत्रण में आ गई हैं।”

एक शांत शस्त्र सपर्धा

जब सैन्य उपकरणों में प्रगति की बात आती है, तो फाइबर आॅप्टिक्स जैसी आधारभूत प्रौद्योगिकियों को भी शस्त्रों की प्रणाली को प्रभावी बनाने के लिए गति बनाए रखने की आवश्यकता होती है। अधिकारियों ने नोट किया है कि राष्ट्रों के बीच, “यह निरंतर स्पर्धा है” जो कि पांचवी पीढ़ी के लड़ाकू जेट और शिपबोर्ड शस्त्र जैसी उन प्रणालियों के विकास को बनाए रखने के लिए है जो भारी मात्रा में डेटा संसाधित करती हैं। “यदि आप, एक विरोधी के रूप में, उस तकनीक तक पहुँच सकते हैं, तो आप पीढ़ियों के लिए विकास कर सकते हैं।”

“फाइबर आॅप्टिक्स का मुख्य मुद्दा डेटा को तेजी से संचारित करने की क्षमता है। प्रत्येक नई पीढ़ी इसे गति देती है। जितना तेज आप संचारित कर सकते हैं, उतना बेहतर होगा,” उन्होंने कहा, और आगे कहा कि आज और 30 वर्ष पहले के फाइबर आॅप्टिक्स के बीच ‘‘प्रकाश वर्षों [के समान]’’ अंतर है।

इंटरनेशनल असेस्मेंट एंड स्ट्रेटेजी सेंटर (International Assessment and Strategy Center) के वरिष्ठ जन रिचर्ड फिशर (Richard Fisher) के अनुसार, सुमितोमो द्वारा विकसित फाइबर आॅप्टिक केबल्स, “पीएलए के लिए बहुत आकर्षक हुए होंगे।”

सैन्य प्रौद्योगिकी के लिए फाइबर आॅप्टिक्स के महत्व को समझाने के लिए, फिशर ने देखा कि इतिहास को थोड़ा सा समझना महत्वपूर्ण है।

एक युद्ध में, इन प्रणालियों की गति का अर्थ जीत और हार के बीच का अंतर हो सकता है।

1970 के दशक में, लड़ाकू जेट “तार द्वारा उड़ान” प्रौद्योगिकी की ओर बढ़ गए थे, जिसमें पायलट विमानों को द्रवचालित संकेतों की बजाए विद्युत से नियंत्रित करते थे। फिशर ने कहा कि लड़ाकू जेट के लिए, इसने “गतिशीलता में पूर्ण वृद्धि” के लिए अनुमति दी।

अगला विकास फाइबर आॅप्टिक्स के परिचय के साथ था, जिसे “प्रकाश द्वारा उड़ान” के रूप में संदर्भित किया जाता है। उन्होंने कहा, “तार द्वारा उड़ान” की तुलना में, फाइबर आॅप्टिक केबल, डेटा के अधिक तेज और अधिक बड़े प्रसारण के लिए अनुमति देती है।’

“आधुनिक लड़ाकू रडार और इलैक्ट्राॅनिक युद्ध प्रणालियां डेटा लोड के साथ कार्य करते हैं जो कि 1980 के दशक की रडार और इलैक्ट्राॅनिक प्रणालियों की तुलना में बड़े परिमाणों की प्रणालियां हैं,” फिशर ने कहा। “डेटा को तेजी से स्थानांतरित करने की क्षमता का अर्थ यह हो सकता है कि कौन गोली चलाने के लिए समाधान पहले करता है और दूसरे पर पहले गोली चलता है।”

अधिकारी ने कहा कि यही तथ्य मिसाइल प्रणालियों पर भी लागू होता है। “प्रभावी मिसाइलों और जहाज-रोधी मिसाइलों और जो भी मिसाइल आप सोच सकते हैं उनके लिए तीव्र संचार और उच्च गति डेटा संचरण की गुणवत्ता महत्वपूर्ण है।”

एक चीनी पायलट खड़ा है, जब अप्रैल 13, 2010 को टियांजिन (Tianjin), चीन में यांगकुन (Yangcun) वायु सेना बेस में चीनी शासन के जे-10 लड़ाकू जेट में से एक का विदेशी सेना निरीक्षण करती है। (FREDERIC J. BROWN/AFP/GETTY IMAGES)

प्रौद्योगिकी हस्तांतरण

द एपोक टाइम्स (The Epoch Times) द्वारा प्राप्त एक खुफिया ज्ञापन के अनुसार, सुमितोमो टेक्नोलॉजीज को ईरान भी हस्तांतरित कर दिया गया होगा। यह कहता है, “इस्फहान आॅप्टिक्स इंडस्ट्रीज़ (Isfahan Optics Industries), राज्य के स्वामित्व वाले रक्षा अभियान के एक भाग के साथ ईरान में उत्पाद मई 2009 और दिसंबर 2009 के बीच आए।”

इसके अनुसार इन प्रौद्योगिकियों को “एफटीटीएक्स सर्विस ड्राॅप (FTTx Service Drop) केबल और टाइप 39 एलांइनमेंट स्पलाइसर (Type 39 Alignment Splicer) के लगभग 30 (या अधिक) की पर्याप्त मात्रा” माना जाता है। ज्ञापन में लिखित है कि सटीक मात्राएं जो कि स्थानांतरित हुई हैं उन पर “सीमित जानकारी” है।

इसके अनुसार उत्पाद पहले मलेशिया (Malaysia) के माध्यम से ईरान और फिर दुबई (Dubai)  के माध्यम से अपना रास्ता बनाते थे। इसमें चार अतिरिक्त कंपनियों पर अपुष्ट विश्लेषण सम्मिलित है जो कि माना जाता है ईरान को हस्तांतरण में सम्मिलित हैं।

अधिकारी ने स्पष्ट किया कि ज़ेडटीई और हुआवेई के साथ सुमितोमो के पिछले लेनदेन अवैध नहीं लगते हैं। फिर भी, उन्होंने कहा, दोहरा-उपयोग प्रौद्योगिकी शत्रु के हाथों में जा सकता है, जो संयुक्त राज्य अमेरिका अब अनदेखा नहीं कर सकता है।

उन्होंने कहा, “आपूर्तिकर्ताओं के बारे में कुछ भी बुरा नहीं है—वे कुछ बुरा करने की कोशिश नहीं कर रहे हैं।” समस्याओं में से एक यह है कि चीन जैसे देश में प्रौद्योगिकी बेचे जाने के पश्चात, “प्रौद्योगिकी आपूर्तिकर्ताओं को यह नहीं पता कि इसका उपयोग कैसे किया जाएगा,” क्योंकि कंपनियों के लिए अपने उपयोगकर्ताओं को जानने की आवश्यकता नहीं है।

उन्होंने कई अतिरिक्त मामलों पर ध्यान दिया। एक में उच्च मूल्य धातु मिश्र के लिए ईरान को प्रौद्योगिकी बेचने वाली एक कंपनी शामिल थी। हालांकि प्रौद्योगिकी का प्रारंभिक उपयोग सौम्य था, उन्होंने कहा, “ठीक यही पदार्थ परमाणु हथियारों के लिए समान घटकों को बनाने के लिए उपयोग किया जा सकता है—ये दोहरे उपयोग थे।”

एक अन्य मामला शांघाई (Shanghai) स्टील कंपनी का था जो पश्चिमी कंपनियों से धातु प्रौद्योगिकियों को प्राप्त कर रही थी। तब पीएलए शस्त्र कार्यक्रमों के लिए प्रौद्योगिकियों का उपयोग किया गया।

“यहाँ मुद्दा यह है कि संदिग्ध वातावरण में प्रौद्योगिकी का उपयोग करने के लिए कोई नियंत्रण नहीं है,” उन्होंने कहा।

“इस पूरी योजना में सबसे बड़े अपराधियों में से एक राष्ट्रपति [बिल] क्लिंटन हैं, क्योंकि उन्होंने स्वतंत्र रूप से चीन को उन्नत सैन्य प्रौद्योगिकी तक पहुंचने की इज़ाजत दी है, जैसे कि डब्ल्यू88 (W88) परमाणु शस्त्र। इसपर कोई प्रतिबंध नहीं थे।”

“[सीसीपी] ने अमेरिकी तकनीक को निशुल्क प्राप्त करके 25 वर्षों का विकास प्राप्त किया है।”

पीएलए के हाथों तक पहुँचने वाले पेंटागन-वित्त पोषित कार्यक्रम के मामले में अधिकारी ने कहा कि सुमितोमो के बीजिंग कार्यालय “को कम से कम यह देखने का प्रयास करना चाहिए कि असली उपयोगकर्ता कौन है… जापानी कंपनियां, अमेरिकी कंपनियां, जो भी हो, इस बात को समझो कि सभी प्रकार की चीज़ों के लिए एक स्थानांतरण प्रौद्योगिकी का उपयोग किया जा सकता है।”

उन्होंने कहा कि चीन में यह आम समस्या है कि वहां कार्य करने वाली विदेशी कंपनी इस जानकारी के साथ कार्य करती है कि चीनी कम्युनिस्ट पार्टी उसकी प्रौद्योगिकी को प्राप्त करेगी। “जिस क्षण आप चीन में प्रौद्योगिकी को निवेश करते हैं, वह खो जाती है,” उन्होंने कहा।

फिशर ने एक समान परिप्रेक्ष्य साझा किया और कहा, “चीनी सैन्य-औद्योगिक समूह लगातार उन शीर्ष प्रौद्योगिकियों के लिए पृथ्वी का निर्घर्षण कर रहा है जिन्हें विकसित हो रहे चीन की सैन्य प्रणालियों पर लागू किया जा सकता है।”

“हुआवेई और ज़ेडटीई चीनी कम्यूनिस्ट पार्टी के लिए एक हथियार हैं, और हमें उनहें यही सोचकर हर कल्पनीय तरीके से उनके साथ व्यवहार करना चाहिए।”

“चीन की व्यापक नागरिक-सैन्य एकीकरण नीतियों की वास्तविकता का अर्थ है कि चीन को जो कुछ भी हम बेचते हैं उसका मूल्यांकन सैन्य शोषण के लिए किया जाएगा…हम जो कुछ भी चीन को बेचते हैं…उसका मूल्यांकन किया जाना चाहिए कि क्या यह तकनीक हमारी सेनाओं को समाप्त कर देगी।”

प्रतिबंध

प्रतिबंधों को नियोजित करने के अलावा, ट्रम्प (Trump) प्रशासन ऐसे कानून का प्रस्ताव दे रहा है जो चीनी दूरसंचार कंपनियों के लिए अमेरिका को अपने उत्पादों को बेचना और अधिक कठिन बना देगा। प्रस्ताव फेडरल कम्युनिकेशंस कमीशन (एफसीसी) यूनिवर्सल सर्विस फंड (Federal Communications Commission (FCC) Universal Service Fund) से उन कंपनियों की प्रौद्योगिकी या सेवाओं पर धनराशि खर्च होने से रोकेगा, जिन्हें अमेरिकी संचार नेटवर्क और आपूर्ति श्रृंखलाओं के लिए राष्ट्रीय खतरा माना जाता है।

अमेरिकी डिपार्टमेंट आॅफ काॅमर्स (Department of Commerce) ने हाल ही में घोषणा की है कि अमेरिकी निर्माताओं से घटकों को खरीदने से सात वर्ष तक ज़ेडटीई पर प्रतिबंध लगा दिया गया है जो कि अवैध रूप से दूरसंचार उपकरण बेचने की सजा है जिसमें अमेरिकी प्रौद्योगिकी का उपयोग ईरान और उत्तरी कोरिया में किया गया है।

हुआवेई जल्दी ही इसी तरह के प्रतिबंधों का सामना कर सकता है, और अब ईरान पर प्रतिबंधों का उल्लंघन करने के लिए अमेरिकी न्याय विभाग द्वारा कथित रूप से जांच की जा रही है।

ज़ेडटीई और हुआवेई ने ईमेल द्वारा भेजी गई टिप्पणी के लिए अनुरोधों पर जवाब नहीं दिया।

टेलीफोन द्वारा टिप्पणी के लिए सुमितोमो तक नहीं पहुंचा जा सका।

द एपोक टाइम्स की अनुमति के साथ प्रकाशित।

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