चाय के उत्पादन में अग्रनी भारत को अब केन्या से कड़ा मुकाबला मिल रहा है। केन्या द्वारा उत्पादित की गयी चाय की खपत यूरोप, मिस्त्र और पाकिस्तान में ज्यादा हो रही है जिसके कारण भारतीय चाय की कीमत में गिरावट देखी गई है।

नवभारत टाइम्स के अनुसार, इस वर्ष की पहली छमाही में चाय की कीमत में पिछले वर्ष की पहली छमाही की अपेक्षा 10 फीसदी की कमी हुई है लेकिन दूसरी छमाही आते-आते इसमें और ज्यादा अंतर देखने को मिल रहा है।

इस इंडस्ट्री के कार्यकारी अधिकारियों का मानना है कि 24.06 कि.ग्रा के पिछले वर्ष के एक्सपोर्ट को इस वर्ष पार करना थोड़ा मुश्किल लग रहा है और इसका कारण केन्या की मार्केट में बढ़ती पकड़ है।

मैकलॉयड रसेल इंडिया के निदेशक अजम मोनेम ने इ्क्नॉमिक्स टाइम्स से बात करते हुए कहा, “पिछले वर्ष की अपेक्षा इस वर्ष केन्या की फसल काफी अच्छी हुई है। इस वर्ष केन्या में चाय की फसल का लगभग 49 करोड़ किलोग्राम उत्पादन का अनुमान है जो कि पिछले वर्ष 43 करोड़ किलोग्राम था। अच्छे उत्पादन का कारण अच्छी बारिश का होना है जिसके कारण जुलाई माह में उनकी उत्पादन बढ़ी है।”

Share

वीडियो

Ad will display in 09 seconds