पिछले चार महीनों में भारतीय रेलवे ने माल ढुलाई और ट्रेन यात्रा से कमाई के लिए जो लक्ष्य निर्धारित किया, वह उसे प्राप्त नहीं कर पाई। पहले चार महीनों में रेलवे ने यात्रा से ₹17,736 करोड़ रूपए कमाने का लक्ष्य रखा लेकिन ₹17,237.37 करोड़ ही कमा पाई।

 

जनसत्ता की एक खबर के अनुसार, रेलवे ने अप्रैल से जुलाई तक ₹111.51 का ऑपरेटिंग अनुपात का निर्धारण किया अर्थात प्रत्येक ₹100 कमाने के लिए उन्हें ₹111.51 खर्च करने पड़े। ऑपरेटिंग अनुपात ऑपरेटिंग रिवेन्यू और ऑपरेटिंग खर्च को बांटता है जिसके बाद किसी भी संस्था की कमाई का पता चलता है।

रेलवे की ऑपरेटिंग लागत ज्यादा है जिसका अर्थ यह है कि वह कमाई नहीं कर पा रही है। अगर कमाई नहीं कर पा रही है तो नए रेलवे लाइन बनाने और नए कोच बनाने में मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। रेलवे के वित्त विभाग द्वारा जुटाए गए आँकड़ों के अनुसार, रेलवे ने पहले चार महीनों में यात्रा से ₹17,736 करोड़ रूपए कमाने का लक्ष्य रखा लेकिन ₹17,237.37 करोड़ ही कमा पाई।

 

माल ढुलाई में भी उन्होंने अप्रैल से जुलाई महीने का कुल लक्ष्य ₹39,253.41 रखा था लेकिन यहाँ भी वे ₹36,480.41 करोड़ ही कमा पाई। अगर बजट की बात की जाए तो रेलवे ने अप्रैल माह से जुलाई माह तक ₹50,487.36 करोड़ के खर्च का लक्ष्य रखा था जो ₹52,517.71 तक पहुँच गया है।

रेलवे अधिकारियों का कहना है कि कामकाजी खर्च के अलावा और भी कई अन्य खर्च हैं जो ऑपरेटिंग अनुपात को बढ़ाते हैं ।

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