देश के कार्यवाहक वित्तमंत्री पीयूष गोयल ने बुधवार को कहा कि सरकार एयर इंडिया में आमूलचूल बदलाव लाने और इसे मुनाफे में लाने के प्रयास कर रही है, ताकि ये अपने रणनीतिक विनिवेश से ऊंची कीमत प्राप्त करने में समर्थ हो।

 

बीते महीने सरकार ने कहा था कि राष्ट्रीय वाहक की 76 फीसदी हिस्सेदारी बेचने की प्रक्रिया खत्म हो चुकी है, क्योंकि इसमें बोली लगाने वालों ने कोई रुचि नहीं दिखाई। लेकिन यह रणनीतिक विनिवेश के लिए प्रतिबद्ध है, जिसके लिए दूसरे विकल्पों का मूल्यांकन किया जाएगा।

बिक्री के इस प्रस्ताव के लिए प्राथमिक निविदा सौंपने की अंतिम तिथि 31 मई तक एक भी निविदा नहीं आई।

पीयूष गोयल ने यहां एक सम्मेलन से इतर संवाददाताओं से कहा, हम एयर इंडिया के प्रबंधन कार्यो व परिचलान क्षमता को मजूबत करने के लिए कदम उठा रहे हैं, ताकि इसे फिर से मुनाफे में लाया जा सके।

उन्होंने कहा कि एयर इंडिया की समस्याओं के लिए एक मंहगे बेड़े के अधिग्रहण को जिम्मेदार ठहराया जा सकता है। मंत्री ने कहा कि सरकार का जोर राष्ट्रीय वाहक के रूपांतरण पर है, अगले 18 महीनों में यह परिवर्तन दिखाई देगा।

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