फरवरी 14 प्यार का दिन या वैलेंटाइन-डे जो दुनियाभर में मनाया जाता है। हालांकि, प्यार परिजनों, भाई-बहन, बच्चों, दोस्तों आदि के साथ हर पल व्यक्त किया जाता है, फिर भी इसकी विविधता दो प्रेमियों के बीच के प्रेम में देखी जा सकती है। इस दिन वे एक-दूसरे के प्रति अपने प्यार को एक अलग स्तर पर प्रदर्शित करते हैं।

हालांकि, ऐसा कहा जाता है कि प्यार के लिए किसी खास दिन या तारीख़ की आवश्यकता नहीं होती है। यह तो सप्ताह के सातों दिन और साल के 365 दिन, हर दिन प्रदर्शित किया जा सकता है। फिर भी, फरवरी 14 को प्रेम अभिवक्त करने का प्रतीक माना जाता है। इस वजह से इस दिन को प्यार का दिन माना गया है और इसके साथ कई ऐतिहासिक घटनाएं जुड़ी हुईं हैं।

 

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इतिहास से लिए गए सेंट.वैलेंटाइन (St. Valentine) चर्च के पादरी के इर्द-गिर्द घूमते कुछ तथ्य इस प्रकार हैं।

सेंट. वैलेंटाइन सामाजिक और सामाजवादी समर्थक थे । वे ईसाई धर्म के अनुयायी थे । द्वितीय रोमन सम्राट केलैडियस (Claudius) देवी के पुजारी थे। जब सम्राट ने उनको  (वैलेंटाइन) देवी की पूजा करने के लिए कहा, तो उन्होंने ऐसा करने से मना कर दिया। इससे क्रोधित होकर, सम्राट ने वैलेंटाइन को कैद कर दिया। बाद में उन्हें मौत की सज़ा सुना दी गई। वह फरवरी 14 का दिन था। सेंट वेलेंटाइन को श्रद्धांजलि देने के लिए इस दिन को एक प्रेम दिवस के रूप में मनाया जाता है।

सेंट. वैलेंटाइन से जुड़ी एक अन्य कहानी भी है। सेंट. वैलेंटाइन को देखने के लिए तमाम युवा फूलों के उपहार के साथ कारावास में उनसे मिलने आते थे। एक कैदी की दिव्यांग बेटी भी वैलेंटाइन को देखने के लिए आई। एक समय वैलेंटाइन को उससे  प्यार हो गया। लड़की ने उनका ध्यान दोबारा से आध्यात्म की तरफ किया। युवाओं के प्रति उनका प्यार और वैलेंटाइन के प्रति उनके प्यार का पुनः अंत हो गया, जब क्रोधित राजा ने फरवरी 26, 1929 को उन्हें मौत की सज़ा सुना दी।

 

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सेंट. वैलेंटाइन से जुड़ी एक और समानता है। रोमान सम्राट द्वितीय कैलेडियस (Roman Emperor II Claudius) को अपना साम्राज्य स्थापित रखने के लिए विशाल सेना की आवश्यकता थी। यही वजह रही कि सम्राट ने शादी पर प्रतिबंध लगा दिया ताकि युवा सेना में शामिल हो सकें। उनकीे घोषणा के बाद, खौफ से देश के युवा सेना में चले गए। पादरी सेंट. वैलेंटाइन ने इस प्रतिबंध को नहीं माना। उन्होंने गुपचुप तरीके से चर्च में शादी भी कर ली। लेकिन जब बात सम्राट कैलेडियस के कानों तक पहुंची, तो उन्होंने सेंट. वैलेंटाइन को गिरफ्तार करने का आदेश दे दिया। फरवरी 14, 270 का दिन था जब सैनिकों ने वैलेंटाइन को सम्राट के सामने पेश किया और उन्हें मौत के सम्मुख ले आए, सम्राट ने उन्हें जान से मारने का हुक्म दिया।

इसके अलावा, एक परंपरा यह भी है कि, प्राचीन रोम में रानी जूनों के सम्मान में फरवरी को छुट्टी हुआ करती थी। रोमन लोगों का मानना था कि  जूनों की इच्छा के बिना कोई शादी सफल नहीं होती थी।

लव-डे के इतिहास में ऐसे कई उदाहरण, जानकारियां मौजूद हैं। प्रत्येक ने तर्क की व्याख्या अलग ढंग से की है। लेकिन मानव प्रेम के बारे में यह सदैव सत्य है। यह प्यार, लव-डे का है।

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