मई-जून के महीनों में गर्मी अपना प्रचंड रुप दिखाती है, आसमान से आग उगलता सूरज और गर्म तवे की तरह तपती धरती के बीच आमजन बेहाल रहता है। मौसम विभाग ने पूर्वानुमान लगाया है कि इस बार उत्तर भारत को लू के थपेड़े और गर्मी का प्रकोप कुछ ज्यादा ही सहना पड़ सकता हैं। ऐसे में यदि पहले से ही मौसम की मार से बचने का प्रबंध कर लिया जाए तो इससे बेहतर और क्या होगा?

हालांकि, हम चाहे जितना जुगत लगा लें मौसम की मार से नहीं बच सकते। लेकिन हां प्रकृति की गोद में जाकर राहत की सांस ज़रुर ले सकते हैं। और इसके लिए ज्यादा दूर जाने की भी ज़रुरत नहीं है। उत्तर प्रदेश में कुछ ऐसे प्राकृतिक परिदृश्य हैं, जो चिलचिलाती धूप वाले इस मौसम में अपनी शीतलता की आंचल ओढ़ाकर आपको सुकून दिला सकते हैं।

1. मिर्जापुर!

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Credit: Gomirzapur

छोटी-छोटी पहाड़ियों से घिरे मिर्जापुर में प्रकृति ने दिल खोलकर अपना खजाना लुटाया है। चहुओर फैली हरियाली बाहें फैलाकर आगंतुकों का स्वागत करती हैं। टुंडा जल प्रताप के समीप पानी के हल्के फुहारे आपके मन-मस्तिष्क को तरोताज़ा कर देंगे। विंध्याचल, नीलगिरी और अरावली पर्वत श्रृंखला से घिरे इस क्षेत्र में आप कैंपिंग का भी भरपूर आनंद उठा सकते हैं।

कैसे पहुंचें?

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Credit: Twitter

वाराणसी से 60 किमी की दूर पर स्थित मिर्जापुर पहुंचने के लिए आपको ज्यादा जद्दोजहद करने की ज़रुरत नहीं पड़ेगी। यहां आप तीनों मार्गों से पहुंच सकते हैं। हवाई मार्ग से पहुंचने के लिए वाराणसी के लाल बहादुर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का सहारा लेना पड़ेगा, जबकि मिर्जापुर रेलमार्ग यहां का नज़दीकी रेलवे स्टेटशन है, जो देश के सभी प्रमुख शहरों से जुड़ा हुआ  है। सड़कमार्ग द्वारा भी मिर्जापुर भारत के कई सभी प्रमुख शहरों से जुड़ा हुआ है। लखनऊ, इलाहाबाद, वाराणसी, पटना, दिल्ली और कलकत्ता आदि जगह से सड़कमार्ग द्वारा पहुंचा जा सकता हैं।

2. दुधवा नेशनल पार्क!

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Credit: Tripoto

लखीमखीरी जिले में स्थित दुधवा नेशनल पार्क प्राकृतिक सुंदरता के साथ ही तमाम वन्य जीवों का घर भी है। भारत और नेपाल सीमा से सटे यह नेशनल पार्क उत्तर प्रदेश का सबसे बड़ा और जीवित जंगल है। यहां आपकी आंखों को ठंडक पहुंचाती प्राकृतिक परिदृश्य तो मिलेंगे ही, साथ ही बाघ, बारह सिंघा जैसे वन्य जीव आपका मनोरंजन भी करेंगे। वैसे जंगल के बाहरी क्षेत्र में आप कैंपिंग का भी आनंद उठा सकते हैं, जहां जंगल से आती ठंडी हवाएं गर्मी को छूमंतर कर देंगी।

कैसे पहुंचें?

 

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Credit: dudhwatigerreserve

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से दुधवा नेशनल पार्क की दूरी करीब 230 किमी है, यहां से भी आपको दुधवा के लिए संसाधन मिल जाएंगे। दुधवा, पलिया और मैलानी यहां के लिए नज़दीकी रेलवे स्टेशन्स हैं। लखीमपुर, शाहजहाँपुर, सीतापुर, लखनऊ, बरेली, दिल्ली आदि से पलिया के लिए रोडवेज की बसें एवं पलिया से दुधवा के लिए निजी बस सेवाएं उपलब्ध हैं।

3. हस्तिनापुर!

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Credit:Pintrest

प्राचीन स्थलों और धार्मिक मंदिरों के लिए प्रसिद्ध हस्तिनापुर, प्राकृतिक सुंदरता भी सहेजे हुए है। यही नहीं हस्तिनापुर अपने वाइल्ड लाइफ सेंचुरी के लिए भी प्रसिद्ध है, गंगा किनारे स्थित इस अभयारण्य में आप पक्षियों की कई प्रजातियां भी देख सकते हैं। चुंकि, यह अभयारण्य गंगा के तट पर स्थित है, इस वजह से गंगा के शीतल जल को छूकर आती हवाएं आपको काफी राहत पहुंचाएंगी। वैसे प्रकृति की गोद में रात गुज़ारने का मन हो तो आप यहां कैंपिंग भी कर सकते हैं और खुले आसमान में तारों को निहार भी सकते हैं।

कैसे पहुंचें?

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Credit: TripAdviser

राजधानी दिल्ली से हस्तिनापुर की दूरी करीब 110 किमी है, जबकि मेरठ यहां से करीब 37 किमी है। यहां आप सड़क और रेल मार्ग दोनों से पहुंच सकते हैं। मेरठ यहां का नज़दीकी रेलवे स्टेशन है, जबकि सड़क मार्ग से पहुंचने के लिए आपको मेरठ और दिल्ली से भी बसें मिल जाएंगी।

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