अपने असाधारण प्रेरणादायक चित्रों के साथ लोगों के दिल को छूने के दौरान, “द आर्ट ऑफ ज़न-शान-रेन इंटरनेशनल एक्जीबिशन” दुनिया भर में यात्रा करने की अपनी कोशिश में अब भारत पहुँच चूका है। प्रदर्शनी में अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रशंसित कलाकारों की पेंटिंग शामिल हैं।

प्रदर्शनी में शामिल किये गए चित्र दुनिया भर के कलाकारों के एक विविध समूह द्वारा बनाए गए है और फालुन दाफा (जिसे फालुन गॉंग भी कहा जाता है), जो एक आत्म सुधार की प्राचीन ध्यान प्रणाली है, के आध्यात्मिक अभ्यास पर एक अनूठी अंतर्दृष्टि प्रदान करते हैं।

प्रदर्शनी का मुख्य केंद्र सत्य (ज़न), करुणा (शान) और सहनशीलता (रेन) के सिद्धांत हैं—ये सिद्धांत मानव नैतिकता का मूल आधार हैं। इन सिद्धांतों से प्रेरणा प्राप्त करने से, कलाकार हैरान कर देने वाले चित्र बनाते हैं जो दर्शकों को जानकारी देते हैं, आत्मा को प्रेरणा देते हैं, और आत्मशक्ति का उत्थान करते हैं!

प्रदर्शनी के कई दर्शकों ने शांति और स्थिरता की भावना महसूस की, जब वे इन चित्रों के बीच खड़े थे।

1. कलाकार चेन झेनपिंग (Chen Zhenping)—”पवित्र कमल” (“Pure Lotus”)

Credit: Pureinsight.org

पेंटिंग एक स्त्री को दर्शा रही है, वह बैठे हुए ध्यान का अभ्यास कर रही है, जो फालुन दाफा का पांचवां अभ्यास है। उसके चारों ओर खिलने वाले कमल के फूल दोनों मन और शरीर पर फालुन दाफा ध्यान का शुद्ध प्रभाव दर्शाते हैं।

हालांकि अन्य पेंटिंग में उत्पीड़न की क्रूरता को दर्शाया गया है जो कि फालुन दाफा के अभ्यासी चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के हाथों शोषण का सामना कर रहे है।

2. “बेघर” (“Homeless”)—कलाकार शेन दासी (Shen Daci)

यह एक ऐसे दृश्य को दर्शाती है जिसमें एक छोटी लड़की जब स्कूल से घर आती है तो पाती है कि उसके माता-पिता को अवैध रूप से पुलिस गिरफ़्तारी कर के ले गयी है और उसके घर का द्वार कम्युनिस्ट अधिकारियों द्वारा बंद किया गया गया है। दरवाजे पर लाल कागज लगा है जिसपर लिखा है “सत्य, करुणा, सहनशीलता”। लड़की अब अचानक बेघर हो जाती है।

Credit: Shop.shenyun.com

3. “चीन में एक त्रासदी” (“A tragedy in China”)—कलाकार ली युआन (Li Yuan)

यह पेंटिंग एक पत्नी को दर्शाती है जो अपने पति के पास बैठकर रोती है, जिनपर दिमाग को भटकानेवाले केंद्र में अत्याचार किया गया और उनकी मौत हो गई। उनके हाथ में फालुन दाफा को बदनाम करने वाला एक दस्तावेज हैं जो अधिकारियों ने उनसे हस्ताक्षर करव़ाने के लिए मजबूर करने की कोशिश की थी। पति का हत्या कर दी जाती है क्योंकि उन्होने “परिवर्तित” होने से इंकार कर दिया। ब्रेन वाशिंग एक सामान्य तरीका है जिससे चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (CCP) फालुन दाफा अभ्यासियों को यातना देने के लिए उपयोग करती है।

कलाकार ने अपनी पेंटिंग में एक व्यापक गहराई का इस्तेमाल किया है जिससे दर्शकों को लगता है कि वह इस दृश्य का सचमुच एक हिस्सा हैं।

Credit: Saci.art.com

यह गहराई से अभिव्यंजक पुनर्जागरण शैली का तैल-चित्र और पारंपरिक चीनी आबरंग का प्रदर्शन दुनिया भर में 50 से अधिक देशों की यात्रा कर चुका है, और विभिन्न शहरों में प्रदर्शित होने भारत में भी पहुँच चूका है।

नई दिल्ली (New Delhi, 2006)

भरत में आयोजित किया गर्य पहला अंतर्राष्ट्रीय कला प्रदर्शन।

भारत में पहला प्रदर्शन दिल्ली के प्रेस क्लब में आयोजित हुआ था जिसमें चीन के पूर्व राष्ट्रपति हू जिन्ताओ (Hu Jintao) की भारत यात्रा के दौरान उनका सम्मान किया गया था। यह कार्यक्रम नवंबर 21-22, 2006 को आयोजित किया गया था, जिसके साथ साथ फालुन दाफा की सुंदरता को पेश करने वाली गतिविधियों की एक श्रृंखला और चीन में होने वाली क्रूर उत्पीड़न के बारे में जागरूकता फैलाई गई। इस घटना में सरकारी अधिकारियों और मीडिया ने भाग लिया था।

मुंबई—Mumbai, 2008

लोग प्रदर्शन में लगे चित्र को देखकर स्तब्ध रह गए।

दिसम्बर 5-10, 2008 को मुंबई में विश्व ज्ञान केंद्र (World Wisdom Center), नालंदा में आयोजित इस कला प्रदर्शनी में विभिन्न पृष्ठभूमि से उपस्थित लोगों को देखा गया, जो चीन में होते फालुन दाफा अभ्यासियों पर चलते उत्पीड़न को देख कर स्तब्ध रह गए।

प्रदर्शनी के उद्घाटन समारोह में एक प्रसिद्ध कलाकार काहिनी आर्टे मर्चेंट (Kahini Arte Merchant) ने भाग लिया। उन्होंने कहा, “कलाकार बेहद कुशल हैं। कलाकृति द्वारा दी गई जानकारी महत्वपूर्ण है क्योंकि हमारा विश्वास ही हमारे जीवन की नींव है। सच कहूँ तो सत्य-करुणा-सहनशीलता से अधिक कुछ भी आवश्यक नहीं है।”

बेंगलोर—Bangalore, 2011

Locals learn more about the exhibit.

दक्षिण की ओर बढ़ते हुए, “द आर्ट ऑफ जन-शान-रेन इंटरनेशनल एक्जीबिशन” का प्रदर्शन भरत के आईटी (IT) की राजधानी में विभिन्न स्थानों पर किया गया। कॉलेजों से लेकर एक प्रसिद्ध मीडिया हाउस द टाइम्स ऑफ इंडिया, (The Times of India) में इस प्रदर्शन ने नागरिकों के दिलों को अपने पवित्र सौंदर्य के कारण छुआ है।

प्रदर्शनी में प्रेरणादायक चित्रों से प्रेरित

मैसूर—Mysore, 2011

People in Mysore learn more about the exhibition.

मैसूर में डी पॉल इंटरनेशनल स्कूल (De Paul International School) में कला प्रदर्शनी के साथ-साथ एक राज्य स्तर के खेल आयोजन ने कर्नाटक के सभी हिस्सों के कई छात्रों की उपस्थिति देखी। कुछ छात्रों को चित्रों की सुंदरता ने छुआ और वे यह जानकार दुःखी हुए थे कि 1999 के बाद से चीन में कम्युनिस्ट शासन द्वारा फालुन दाफा अभ्यासियों को गंभीर रूप से सताया जा रहा है।

एक छात्र ध्यान से प्रत्येक चित्र को देखता है

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अपने आपको प्रेरित करने के लिए इन्हें जरूर देखें!

Posted by NTD Television India on Tuesday, November 21, 2017


Falun Dafa (also known as Falun Gong) is a self-improvement meditation system based on the universal principles of Truthfulness, Compassion, and Tolerance. It was introduced to the public by Mr. Li Hongzhi in 1992 in China. It is currently practiced by over a 100 million people in 114 countries. But this peaceful mediation system is being brutally persecuted in China since 1999. For more info, please visit: www.FalunDafa.org and www.FalunInfo.org.

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