कभी-कभी, जानवर बहुत ही प्यारे होते हैं और हमें कई तरीकों से हँसने और मुस्कुराने का बहाना देते हैं। जब एक अनाथ हाथी और शुतुरमुर्ग बचाव के बाद रास्ते में मिले, उसके बाद जो हुआ कोई मान नहीं सका।

उस 2014 में जब डेविड शेलड्रिक वाइल्डलाइफ ट्रस्ट (David Shelldrick Wildlife Trust) के दल को एक हाथी के बच्चे को बचाते समय, शुतुरमुर्ग पी (Pea) और उसका भाई पोड (Pod) मिले। छोटे शुतुरमुर्गों को भी बचाव की ज़रूरत थी, तो उन्हें भी बचाव के लिए हाथी के साथ ले गए। वे मोटी चमड़ी वाले साथियों के साथ घर में परिवार की तरह रहते थे।

जोत्तो (Jotto), हाथी का बच्चा, सिर्फ़ एक महीने का था जब वह एक कुएँ में गिर गया और अपने झुण्ड से अलग हो गया था। डेविड शेलड्रिक वाइल्डलाइफ ट्रस्ट (डीएसडब्ल्यूटी) ने उस बच्चे को बचाया, और उस घायल हाथी के बच्चे को केन्या के एक अनाथ आश्रम में डाल दिया जिससे कि वह पुनः स्वस्थ हो जाए। शुतुरमुर्ग पोड को वापस जंगलों में छोड़ दिया गया, जबकि पी अपने नए दोस्तों के साथ रहती है।

जैसे जैसे वह बड़ी होती जा रही थी, पी अपने “झुण्ड के बाकी साथी दोस्तों” के साथ घुल मिल गयी थी।

हालाँकि, यह प्यारी शुतुरमुर्ग की बाद में दुर्भाग्यवश मृत्यु हो गई, क्यों कि उसे एक जंगली शेर ने नवम्बर 2016 में मार दिया था, जिन्होंने भी जोत्तो और पी की दोस्ती की पवित्रता को देखा था उन सब के दिल भर आए थे।

शुतुरमुर्ग के चूज़े पी और पोड के साथ हाथी का बच्चा, जोत्तो

पी और जोत्तो एक-दूसरे के साथ अच्छा समय बिताते हुए

डीएसडब्ल्यूटी ने अक्टूबर 2, 2016 में लिखा, “यह कहना सही होगा कि शुतुरमुर्ग पी खुद को हाथियों के झुण्ड का हिस्सा ही मानती थी और छोटा जोत्तो भी अपनी इस पंख वाली दोस्त को गले लगाकर खुश होता था।”

पी अपनी प्यारी हरकतों से डीएसडब्ल्यूटी कर्मचारियों को खुश करती थी और इसमें कोई शक नहीं की उसका “झुण्ड” भी अपनी पंखों वाली दोस्त के साथ रहना पसंद करता था।

क्या आपको लगता है, पी को पता होगा कि वह एक शुतुरमुर्ग थी?

Source: Facebook । The David Sheldrick Wildlife Trust.

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