रोजमर्रा की हलचल के दौरान, काम करने वाली महिलाओं को अक्सर अत्यधिक अपेक्षा रखने वाली नौकरी और घर की जिम्मेदारिओं को सँभालने के बीच संतुलन को बनाए रखना मुश्किल लगता है जो हमेशा उनके द्वारा ध्यान दिए जाने की प्रतीक्षा कर रहे होते हैं। भारत की इस युवा सॉफ्टवेयर पेशेवर ने अपने नए आत्म को खोजने की तलाश में, अपने आस-पास की अराजक दुनिया में खुद को खो दिया। लेकिन जब उनको संयोग से फालुन दाफा का प्राचीन आध्यात्मिक मार्ग मिल गया तो उन्हें अपने सच्चे आत्म को फिर से खोज लिया—आखिरकार यह उनके खुश, स्वस्थ और नेक स्वभाव की नींव बन गया।

मैत्रेयी रॉय फालुन दाफा की मुख्य पुस्तक ज़ुआन फालुन का अध्ययन करते हुए। (Credit: Veeresh/NTD India)

फुर्तीली और आकर्षक मैत्रेयी रॉय (Maitreyi Roy) से मिलें, जो पश्चिमी भारतीय राज्य गुजरात में सूरत शहर से हैं। बहुत ही देखभाल और प्यार करने वाले माता-पिता के घर पैदा होने के कारण, उन्होंने स्वाभाविक रूप से अपने आस-पास के हर किसी के साथ दयालु और सहायक होने की गुणवत्ता को सीखा। एनटीडी इंडिया के साथ एक साक्षात्कार में, उन्होंने विस्तार से साझा किया कि कैसे फालुन दाफा ध्यान ने उन्हें आंतरिक साहस देकर व्यक्तिगत और पेशेवर जीवन में सभी सीमाओं को लांघने की अंदरूनी शक्ति देकर उत्कृष्टता प्राप्त करने में मदद की।

“बड़े होते हुए, मैंने अपनी मां को बहुत सराहा। वह एक बहुत ही शांत और दयालु व्यक्ति थी जो घरेलू कामकाज को अत्यधिक पूर्णता के साथ प्रबंधित करती थीं। लेकिन वह चिकित्सकीय रूप से अनुपयुक्त थीं, इस प्रकार, छोटी उम्र से ही मैंने दैनिक कार्यों में उनकी मदद करना शुरू किया था,” मैत्रेयी ने कहा।

वर्ष 2010 में सूचना प्रौद्योगिकी विज्ञान में अपने परास्नातक (Masters of Science in Information Technology) को पूरा करने के बाद, मैत्रेयी ने सूरत में एक कंपनी में एक सहायक प्रोग्रामर के रूप में नौकरी संभाली। वह अपने दिल की गहराई से जानती थी कि कोडिंग करना उनका असली आंतरिक पेशा नहीं था लेकिन लोगों का प्रबंधन करना निश्चित रूप से था। दो साल के भीतर अपने मजबूत कार्य नैतिकता के कारण वह इसी कंपनी में एक परियोजना प्रबंधक (Project Manager) बनने की ऊंचाई तक पहुँच गईं।

(Credit: Veeresh/NTD India)

जून 2013 में, उन्होंने एक सॉफ्टवेयर पेशेवर से विवाह किया और दक्षिणी भारतीय राज्य कर्नाटक के एक शहर बैंगलोर चली गईं। लेकिन जीवन अब निश्चित रूप से अलग था, क्योंकि उन्होने अपने रोमांचक पेशेवर जीवन से छुट्टी ली थी और कर्तव्यपूर्वक रूप से एक जिम्मेदार पत्नी और विनम्र बहू की भूमिका निभाने लगी।

मैत्रेयी ने कहा, “कुछ महीनों के लिए घर पर रहना अच्छा लगा था, लेकिन थोड़ी देर बाद यह अस्वीकार्य लग रहा था। मैं बिलकुल अकेला महसूस कर रही थी, क्योंकि मेरे पति काम पर होते थे। यह मेरे लिए और अधिक कठिन था क्योंकि मैं एक बहिर्मुखी वातावरण से आई थी और अत्यधिक महत्वाकांक्षी थी। मुझमें जल्द ही काम करने की चाह शुरू हो गयी और मैं कुछ काम ढूँढने लगी। मैंने यह माना कि मैं इस तरह नहीं जी सकती।”

अपने आस-पास के माहौल से बाधित होने के कारण, मैत्रेयी ने अपने घर के नजदीक लोगों के लिए चॉकलेट और शिल्प कक्षाएं लेने का फैसला किया। लेकिन उन्होने कहा, “हालांकि मुझे काम पर वापस आने का हल मिला था, लेकिन यह सप्ताह में केवल दो बार था, और मैं हमेशा अपने घर की चार दीवारों से बाहर निकलने का मौका ढूंढती रहती थीजब भी मेरे पति अलग-अलग शहरों में घूमते थे, मैं उनके साथ चली जाती थी।

(Credit: Veeresh/NTD India)

उन्होने कहा, “अक्टूबर 2013 में, जब मेरे पति ने तियान गुओ मार्चिंग बैंड (Tian Guo Marching Band) जिसे डिवाइन लैंड मार्चिंग बैंड (Divine Land Marching Band) भी कहा जाता है के 130 सदस्यों के एक दल की एक गतिविधि जो उनकी मेजबानी करती थी, में मदद करने के लिए माउंट आबू का दौरा किया, तो मैं भी उनके साथ चली गई।”

विभिन्न जातियों और विभिन्न व्यवसाई के विशिष्ट विविध सदस्यों के साथ मिलकर, तियान गुओ मार्चिंग बैंड दुनिया भर में उनके प्रत्येक प्रदर्शन के साथ शांति और सद्भाव का शक्तिशाली संदेश फैलाता है।

“टीम में हर संगीतकार फालुन दाफा (जिसे फालुन गोंग भी कहा जाता है) की आध्यात्मिक प्रणाली का अभ्यास करता है, और सत्य-करुणा-सहनशीलता के सिद्धांत उन्हें अपने दिल और नैतिक चरित्र की ताकत के साथ प्रदर्शन करने में प्रेरित करते हैं।”

तियान गुओ मार्चिंग बैंड का भावपूर्ण प्रदर्शन दुनिया भर में दर्शकों को मोहित करता है। (Credit: Minghui.org)
(Credit: Falun Dafa Association of India)

मैत्रेयी ने एक शांत मुस्कान के साथ कहा, “उनके शुद्ध और सही आचरण को देखते हुए, मैं तुरंत फालुन दाफा के पांच अभ्यासों का अध्ययन करने के लिए आकर्षित हो गयी।”

मैत्रेयी ने कहा कि फालुन दाफा का अभ्यास करने से पहले उन्हें थायराइड, कैल्शियम, विटामिन D और विटामिन C की कई कमियों का निदान किया गया था, और उनकी उत्पादकता में बाधा आती थी। वह हर दिन 8 घंटे से अधिक समय तक सोती थी और फिर भी सुस्त रहती थी।

“लेकिन पहली बार जब मैंने फालुन दाफा के पांच अभ्यासों का अध्ययन किया, मैं तुरंत तरो ताज़ा हो गयी और मुझे इतना ऊर्जावान महसूस हुआ कि मैं उस दिन केवल 4-5 घंटे ही सोई,” उन्होंने याद करते हुए कहा। “यह अभ्यास न केवल मेरे लिए उच्च ऊर्जा का स्रोत बन गया, बल्कि मैंने उन सभी दवाओं को भी छोड़ दिया जिन्हें लेने की मुझे सलाह दी गयी थी, क्योंकि मुझे अब उनकी आवश्यकता नहीं थी।”

मैत्रेयी रॉय फालुन दाफा के दूसरे अभ्यास का अध्ययन करते हुए। (Credit: Veeresh/NTD India)

उन्होंने आगे बताया कि फालुन दाफा के फायदे सिर्फ शारीरिक फिटनेस के स्तर पर ही नहीं रुक गए थे। “पहली बार मैंने ज़ुआन फालुन, फालुन दाफा की मुख्य पुस्तक पढ़ी, तो मैं बस उससे अपने भीतर से जुड़ गयी। मुझे अनजाने में मेरे जीवन में ऐसे महत्वपूर्ण प्रश्नों के इतने सारे जवाब मिल गए हैं। यह पुस्तक जल्द ही मेरे जीवन के हर दिन का मार्गदर्शन करने लगी। मैत्रेयी ने कहा, “मेरे जीवन में पहली बार मुझे एहसास हुआ कि इन सिद्धांतों को आंतरिक रूप से अपने भीतर कैसे रखा जाए और मैंने आस-पास की दुनिया के बारे में इतना हल्का महसूस करना शुरू कर दिया।”

उन्होंने कहा, “फालुन दाफा, अर्थात् सत्य-करुणा-सहनशीलता के तीन गहन मार्गदर्शक सिद्धांतों से जीने से, मैंने धीरे-धीरे अपने सच्चे आत्म और आंतरिक शांति को फिर से खोज लिया।”

मैत्रेय रॉय अपने पति के साथ। (Image courtesy of Maitreyi Roy)

मैत्रेयी ने कहा कि सभी असीम लाभों के बावजूद चीन में इस शांतिपूर्ण ध्यान अभ्यास को दबाया जा रहा है। “जुलाई 20, 1999 को, चीनी कम्युनिस्ट शासन के पूर्व नेता, जियांग ज़ेमिन ने चीन में फालुन दाफा के खिलाफ उत्पीड़न का एक अवैध राष्ट्रव्यापी अभियान शुरू किया। तब से, अनगिनत निर्दोष लोग जो फालुन दाफा का अभ्यास करते हैं, वे उनके अंगों के लिए कैद कर लिए गए और मारे गए हैं,” उन्होने कहा।

“पहली बार जब मैंने इसके बारे में सुना, मैं बस इसपर विश्वास नहीं कर सकी। दुनिया के एक कोने में इतनी क्रूर और बड़ी बात हो रही थी, और मुझे इसके बारे में पता ही नहीं था। पहले तो मुझे विश्वास ही नहीं हुआ था, इसलिए मैंने खुद शोध किया और इसके बारे में बहुत कुछ पढ़ा। लेकिन जब मैंने सच्चाई जानी तो मेरी आँखें भर आईं और इस हालात के बारे में अपने आप को बहुत असहाय महसूस कियामुझे पता था कि मुझे इसके बारे में कुछ करना है,” उन्होंने आगे कहा।

इस अमानवीय वास्तविकता से बहुत दूर होने के बावजूद, उनके सच्चे दिल ने घर के करीब अपने हिस्से का काम करने का फैसला किया। उन्होंने चीन में चल रहे उत्पीड़न के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए अहमदाबाद, असम, तमिलनाडु, नेपाल, मैंगलोर, सूरत और दिल्ली जैसे स्थानों पर देश भर में यात्रा की। उन्होने कहा, “बहुत से लोगों को खेद हुआ और यह बात उन्हें छू गयी। कुछ ने सवाल भी किये और विश्वास नहीं कर सके कि इस तरह के एक अच्छे अभ्यास को सताया जा रहा था।”

मैत्रेयी रॉय फालुन दाफा के पांचवें अभ्यास का अध्ययन करते हुए। (Credit: Veeresh/NTD India)

मैत्रेयी का मानना है कि उनकी आध्यात्मिक यात्रा के पिछले कुछ वर्षों में हुए परिवर्तन किसी चमत्कार से कम नहीं है।

“अब मैं एक सरल और हल्का महसूस करने वाली व्यक्ति बन गयी हूं। मैंने वर्तमान का आनंद लेना शुरू कर दिया है और मुझे भविष्य के बारे में सोचना नहीं है। एक ऐसी दुनिया में जो इतनी तेज गति से चल रही है, मुझे एक रास्ता मिला है जिसने मुझे अपने मूल और खुश-आत्म से दोबारा जोड़ा है, ” उन्होंने कहा।


संपादक का संदेश:

फालुन दाफा (फालुन गोंग के नाम से भी जाना जाता है) सत्य, करुणा और सहनशीलता के सार्वभौम सिद्धांतों पर आधारित एक आत्म-सुधार की ध्यान प्रणाली है, जो स्वास्थ्य और नैतिक चरित्र को सुधारने और आध्यात्मिक ज्ञान प्राप्त करने के तरीके सिखाती है।

यह चीन में 1992 में श्री ली होंगज़ी द्वारा जनता के लिए सार्वजनिक किया गया था। वर्तमान में 114 देशों में 100 मिलियन से अधिक लोगों द्वारा इसका अभ्यास किया जा रहा है। लेकिन 1999 के बाद से इस शांतिपूर्ण ध्यान प्रणाली को क्रूरता से चीन में उत्पीड़ित किया जा रहा है।

अधिक जानकारी के लिए, कृपया देखें:  falundafa.org and faluninfo.org. सभी पुस्तकें, अभ्यास संगीत, अन्य सामग्री और निर्देश पूरी तरह से निःशुल्क, कई भाषाओँ में (हिन्दी में भी) उपलब्ध हैं।

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