उत्तरी वियतनाम (Vietnam) के है डुओंग (Hai Duong) से सुश्री होआंग हा (Ms. Hoang Ha) ने अपनी सारी पूँजी अपने कैंसर के इलाज को दूर दूर तक ढूँढने में व्यर्थ ही खर्च कर दी। बाद में चार साल और तीन सर्जरी के बाद आशाहीन हो कर, वे कहती हैं कि वे चमत्कारिक रूप से ठीक हो गयी जब उन्होंने एक उपाय पर विश्वास किया और अपनाया जो उनके दरवाजे पर पहले से ही आ खड़ा हुआ था।

मेरे बीस वर्ष के दशक के अंत में, मैं अधिकतर रूप से एक स्वस्थ व्यक्ति थी और उत्तरी वियतनाम शहर में एक सामान्य जीवन जी रही थी।

यह 2009 में हुआ जब 29 वर्ष की छोटी उम्र में, मुझे मेरे गले के पूर्व-कैंसर के बारे में पता चला। यह मेरे लंबे समय तक संघर्ष वाले वर्षों की शुरूआत थी, इस भयानक बीमारी के साथ जो कि वियतनाम में काफी अधिक फैल रही थी। विश्व स्वास्थ्य संगठन (World Health Organization) के अनुसार, वियतनाम कैंसर के कारण मृत्यु के उच्चतम दर वाले देशों में से एक है। यह अनुमान है कि वियतनाम में कैंसर से प्रति दिन लगभग 315 लोगों की मौत हो जाती है।

यह एक संक्रमण के संदेह के कारण था जो मुझे जांच के लिए डॉक्टर के पास ले गया था। सबसे पहले, मुझे गले के लिए सामान्य उपचार प्राप्त हुए, लेकिन कई महीने बीतने के बाद भी मैं ठीक नहीं हो रही थी।

आखिरकार मैं राजधानी हनोई (Hanoi) के एक प्रमुख अस्पताल में गई और विभिन्न परीक्षण करवाए। परिणाम स्पष्ट थे: मेरे बाएँ स्वरतंत्री पर एक लेरिंजल ट्यूमर (laryngeal tumor) का गठन हुआ था।

लेरिंजल पेपिल्लोमैटोसिस (laryngeal papillomatosis, गले के पूर्व कैंसर के एक प्रकार के साथ निदान होने से पहले होआंग हा।

चिकित्सक ने सुझाव दिया कि ट्यूमर के कुछ हिस्सों को कम करने के लिए मैं एक ऑपरेशन करवाऊं, क्योंकि ट्यूमर को पूरी तरह हटाने पर मैं अपनी आवाज पूरी तरह खो बैठूंगी।

यह मेरा पहला ऑपरेशन था। मुझे कई दवाइयों के साथ घर भेजा गया था, लेकिन तीन महीने बाद मैंने अपनी आवाज खो दी। मैं बोलने के लिए अपना सारा ज़ोर लगाने की कोशिश करती, लेकिन ध्वनि इतनी कमजोर होती थी कि मैं जो कुछ कहती उसे दूसरों को सुनने में मुश्किल होती थी।

मैं कई महीनों तक दवाएं लेती रही, लेकिन अंत में, मैं यह और नहीं कर सकती थी। मैं अस्पताल लौटी, और यह जानकार बहुत ही निराश हुई जब मुझे बताया गया कि ट्यूमर दुबारा उभर आया है।

मैंने चिकित्सक को मुझे समझाने के लिए कहा, और मुझे ऐसा लगा जैसे ठंडे पानी की एक बाल्टी मेरे सिर पर डाल दी गई हो जब उन्होने जवाब दिया: “क्या आप नहीं जानती? आपको लेरिंजल पेपिलोमा (laryngeal papilloma) हुआ है। यह ठीक नहीं किया जा सकता।”

मुझे यह पता चला कि मेरे पहले ऑपरेशन के बाद मेरे पति ने मुझसे बायोप्सी परीक्षण के परिणाम छिपाए रखे थे।

मैं इस सच्चाई को स्वीकार नहीं करना चाहती थी। इस उम्मीद से कि पहले किये गए टेस्ट के परिणाम गलत हों, मैंने बायोप्सी सहित हर एक टेस्ट दुबारा करवाया।

लेकिन चिकित्सक ने मुझे बताया कि ट्यूमर वास्तव में दाहिने स्वरतंत्रीयों में भी फैल गया था और मुझे दूसरी सर्जरी की तुरंत ही जरूरत थी। अगर ट्यूमर और बड़ा हो गया, तो मैं मर जाऊंगी, उन्होंने कहा, क्योंकि ट्यूमर मेरे गले में हवा के मार्ग को अवरुद्ध करे देगा। एकमात्र विकल्प होगा मेरी गर्दन में एक छेद करना, जिसके ज़रिये मैं सांस ले सकूँ, और मुझे अपने जीवन का बाकी हिस्सा उस छेद के साथ जीना होगा।

कोई इलाज नहीं

मैं, नवीनतम शोध और उपचार के बारे में जानने की उम्मीद करते हुए, अपने मेडिकल रिकॉर्ड को कान, नाक और गले के रोगों के क्षेत्र में एक अग्रणी प्रोफेसर के पास ले गई। लेकिन मुझे इसके बाद और भी निराशा महसूस हुई जब उन्होंने मुझे बताया कि मेरी बीमारी अपने क्षेत्र में “एक बड़ा सवाल है।” “अगर ट्यूमर बड़ा हो जाता है, तो आपको सर्जरी फिर से करने की आवश्यकता होगी,” उन्होंने कहा।

फिर मैं अपने रिपोर्ट लेकर अपने एक पुराने दोस्त के पास गई जो उस क्षेत्र में एक डॉक्टर भी है। उन्होंने मुझे बताया कि, सबसे अच्छे इलाज के साथ, मैं शायद 50 वर्ष की उम्र तक जी सकती हूँ।

मैंने एक और अग्रणी चिकित्सक से परामर्श किया और उन्होंने मुझसे कहा कि अगर मैं संयुक्त राज्य अमेरिका, और अधिक उन्नत चिकित्सा देखभाल प्राप्त करने के लिए जाऊं, तो भी मेरी बीमारी ठीक नहीं होगी। और क्या हो सकता था, मैं अंततः सर्जरी के दौर से गुजर कर अपने स्वरतंत्रीयों को खो सकती थी।

मेरी पहली सर्जरी के एक साल बाद, उस समय मेरे पास अपना दूसरा ऑपरेशन करवाने के अलावा कोई और विकल्प नहीं था। मुझे एक हलकी सी आशा थी और मुझे लगा जैसे मैं “हंगर गेम्स” (Hunger Games) के बीच में थी, क्योंकि सब कुछ इतना अप्रत्याशित था। दुर्भाग्य से, दूसरी सर्जरी ने मेरी बात करने की क्षमता को और कम करके छोड़ दिया।

यह वह समय था जब मेरे पति और मैंने अपने कैंसर के लिए वैकल्पिक उपचार की तलाश करना शुरू कर दिया। यह खोज हमें पूरे वियतनाम में ले गई, उन उपचारों की कोशिश में जो मैंने कभी नहीं सोचे थे कि मैं करूंगी।

इलाज की खोज में

एक बार, हम फू थो (Phu Tho) प्रांत में एक हर्बल चिकित्सक को मिलने गए, जो कैंसर के उपचार में विशेषीकृत थे। आप उनके इलाज को “अनोखा” कह सकते हैं: मेंढक के यकृत से निकाले जाने वाले पदार्थ को पीना।

उस यात्रा का सबसे खराब हिस्सा अन्य रोगियों को देखना था, जिनमें से अधिकांश कैंसर के अंतिम चरण की गंभीर स्थिति में थे। मैं उनके चेहरे याद करके भयभीत होती थी, भविष्य में खुद को उसी स्थिति में देखने की कल्पना करते हुए। प्रत्येक दिन मैं यह भयानक दृश्य देखती जब एक-एक करके उनकी मौत हो रही थी।

जब मेरा “इलाज” बिना ठीक हुए समाप्त हो गया, मैं बड़ी चिंता और डर के साथ घर आई और मैंने अपनी खोज जारी रखी। मैंने पारंपरिक इलाजों में अपना उत्तर पाने के लिए अन्य प्रांतों की यात्रा की जैसे क्वांग नाम (Quang Nam), विंह फूक (Vinh Phuc) और हंग येन (Hung Yen)।

मैंने एक दूरदराज के क्षेत्र में एक विशेषज्ञ को मिलने के लिए हेलीकाप्टर की यात्रा पर भी उड़ान भरी। मैंने इलाज के लिए हर जगह खोज की। मैं मरना नहीं चाहती थी। मैं बहुत छोटी थी, और मेरे बच्चे और भी बहुत छोटे थे।

प्राचीन ज्ञान

2012 में, मेरे सामने वह बात आई जो बाद में मेरा इलाज बन गइ, हालाँकि उस समय मैं उसे पहचान नहीं पाई।

होआंग हा फालुन दाफा का बैठकर ध्यान करनेवाला अभ्यास कर रही हैं।.

एक दिन मैं एक जांच के लिए अस्पताल जा रही थी जब मैंने लोगों के एक समूह को फालुन दाफा का ध्यान अभ्यास करते हुए देखा, जिसे फालुन गोंग भी कहा जाता है, जो स्वयं सुधार के लिए एक पारंपरिक चीनी अभ्यास है।

मैंने पहले फालुन दाफा के बारे में सुना था, इसलिए मैंने उनसे जुड़ने और अभ्यास सीखने का फैसला किया। मैंने शिक्षाओं के बारे में भी सीखा, जो सच्चाई, करुणा और सहनशीलता के सिद्धांतों पर आधारित है, लेकिन मुझे उनके अर्थ की अच्छी समझ नहीं थी।

फिर भी, मैंने अभ्यास करना शुरू कर दिया और देखा कि जब भी मैंने अभ्यास पूरा किया तो मैं बहुत ही शांत और आरामदायक महसूस करती थी। मेरी स्वास्थ्य स्थिति में भी सुधार होने लगा। पहले मेरे गले में मुझे हमेशा दर्द होता था, लेकिन जैसे जैसे मैंने अभ्यास किया, मुझे गले की असुविधा से बहुत राहत मिली। हालांकि मुझे अभी भी बोलने में कठिनाई होती थी, मैं दिन ब दिन बेहतर हो रही थी और पहले की तुलना में अधिक ज़ोर से बोल सकती थी।

लेकिन व्यायाम के अलावा, मैंने अपने दैनिक जीवन में गंभीरता से फालुन दाफा की शिक्षाओं का पालन नहीं किया। जैसा कि मैंने बाद में महसूस किया, इस बात ने मुझे अभ्यास से पूरी तरह से लाभान्वित होने से रोका। थोड़ी देर बाद मेरी स्वास्थ्य स्थिति फिर से बिगड़ने लगी।

तीसरा ऑपरेशन

जुलाई 2012 में, मेरी स्थिति बहुत ही बिगड़ गई। कुछ ही कदम चलने के बाद मेरी सांस फूलने लगती थी, और मुझे बैठ जाना पड़ता था। मेरी आवाज भी धीरे धीरे और मंद होती गई, और मैं केवल फुसफुसाकर बात करने में सक्षम थी।

मेडिकल परीक्षण के बाद, डॉक्टर ने मुझे बताया कि ट्यूमर फिर से बड़ा हो गया था और मेरे श्वास को रोक रहा था। मुझे अस्पताल में भर्ती कराया गया और मेरा तीसरा ऑपरेशन किया गया।

ऑपरेशन से पहले, डॉक्टर ने मुझे बताया कि ऑपरेशन के करीब एक महीने बाद ट्यूमर फिर से बढ़ने की संभावना हो सकती है, जिसके कारण मुझे एक और सर्जरी की आवश्यकता होगी।

लेकिन सबसे बुरी खबर अभी नहीं आई थी। टेस्ट से पता चला है कि कैंसर मेरे शरीर के अन्य भागों में फैल गया था।

क्या यही अंत है?

ऐसा लग रहा था कि मैं अपने जीवन के अंत के करीब थी, और यह बस अब कुछ ही समय की बात थी जब मेरा समय समाप्त हो जाएगा।

लेकिन मुझे लग रहा था कि मेरी चेतना की गहराई में एक चमकने वाली किरण थी, जो कुछ पवित्र सी महसूस हो रही थी, लेकिन मुझे पूरी तरह से समझ नहीं आ रही थी।

मैंने फिर से उन सभी उपचारों और आपरेशनों के बारे में सोचा जिनसे मैं गुज़री थी। मैंने फालुन दाफा को सीखने का अनुभव भी याद किया। मैंने फालुन दाफा की मुख्य किताब “ज़ुआन फालुन” में निहित सभी अभ्यासों और सभी उपदेशों को याद किया, जो मन और शरीर, दोनों से एक स्वस्थ व्यक्ति बनने के बारे में था।

मैंने अपना मन बना लिया कि अभ्यास करके और शिक्षाओं का पालन करते हुए मैं फालुन दाफा का गंभीरता से अभ्यास करूंगी।

स्वाध्याय

फालुन दाफा एक परंपरागत चीनी साधना है जिसके लिए अभ्यासी को दोनों, मन और शरीर से साधना करने और “ब्रह्मांड के उच्चतम गुणों, सच्चाई, करुणा और सहनशीलता को आत्मसात करने की आवश्यकता होती है।” सबसे पहले, मुझे नहीं पता था कि “मन की साधना” का अर्थ क्या होता है, और यह महसूस नहीं किया कि यह दूसरों के साथ मेरी दैनिक परस्पर क्रियाओं पर कैसे लागू होता है।

होआंग हा “ज़ुआन फालुन”, फालुन दाफा की मुख्य पुस्तक पढ़ते हुए

उदाहरण के लिए, मुझे अपने पति को उनकी भावनाओं को मेरे आलावा किसी और के साथ साझा करना अच्छा नहीं लगता था। मैं नाराज़गी और ईर्ष्या महसूस करती थी जब भी मैं उन्हें किसी अन्य व्यक्ति, चाहे पुरुष हो या महिला, के नज़दीक होते देखती।

मेरा मन धीरे धीरे बदल गया, जब मैंने मन से साधना अभ्यास करना शुरू किया। मैंने फालुन दाफा की शिक्षाओं को पढ़ने और अभ्यास करने में बहुत समय व्यतीत किया, और आखिरकार मैं “ज़ुआन फालुन” के प्रत्येक शब्द के सिद्धांतों को बेहतर तरीके से समझने लगी।

मैंने अपना मन साफ करना शुरू कर दिया। मैं अधिक सहिष्णु हो गई, मैंने स्व-हित को हल्के ढंग से लेना सीखा, और स्वयं से पहले दूसरों के बारे में सोचने लगी। मेरे चरित्र में इन सुधारों के साथ, मैंने तीव्र शारीरिक प्रतिक्रियाएं महसूस की, जिन्हें मैंने अपने शरीर की शुद्धता के रूप में पहचाना।

अप्रैल और मई 2013 में, मुझे बुखार चढ़ा और उस वर्ष के अंत तक कई महीनों तक मैं लगातार खांसती रही।

उस दौरान, खांसते समय कुछ पदार्थों के छोटे छोटे सफ़ेद टुकड़े निकले। उसके बाद छोटे काले टुकड़े निकले। फालुन दाफा का अभ्यास करते समय एक दोपहर, खांसते समय एक काला टुकड़ा निकला जो एक सेम के आधे आकार के जितना बड़ा था।

कुछ ही समय बाद, मैं एक जांच के लिए अस्पताल गई और परिणाम देखकर चिकित्सक बिल्कुल आश्चर्यचकित हुए: मेरे शरीर के अन्य हिस्सों में फैल रहा कैंसर ख़त्म हो चूका था।

इस बिंदु पर, मुझे पूरी तरह से फालुन दाफा के चमत्कारों पर विश्वास होने लगा।

शरीर की शुद्धता की ये घटनाएं बार-बार हुईं, उदाहरण के लिए, नवंबर 2013 में, मैंने एक सप्ताह के लिए अपनी आवाज खो दी, लेकिन मैं बहुत शांत रही, घबराई नहीं, और व्यायाम करने और “ज़ुआन फालुन” पढ़ने में बनी रही। बस थोड़े समय के बाद, मेरी आवाज वापस आ गई, और वह पहले से ज़ोरदार और अधिक स्पष्ट थी।

आज, मेरी आवाज़ लगभग अपनी मूल ताकत और गुणवत्ता पर लौट आई है, और मैं हमेशा खुश और अपने आप को ऊर्जा से भरा महसूस करती हूं।

होआंग हा कहती हैं “फालुन दाफा ने मुझे जीने का एक दूसरा मौका दिया है, बिना किसी खर्च के, क्योंकि इसे सीखना और अभ्यास करना पूरी तरह से मुफ्त है।”

फालुन दाफा ने मुझे जीने का एक दूसरा मौका दिया है, बिना किसी खर्च के, क्योंकि इसे सीखना और अभ्यास करना पूरी तरह से निःशुल्क है। इसके विपरीत, कई परिवारों ने खुद को दिवालियापन के कगार पर पाया है, कैंसर के इलाज की लागतों का भुगतान करने के लिए अपनी संपत्ति बेचकर या बड़ी रकम उधार लेकर।

फालुन दाफा, के सच्चाई, करुणा और सहनशीलता के सिद्धांतों का धन्यवाद, मैं एक बहुत ही शांत व्यक्ति बन गई हूं। मुझे अब ईर्ष्या नहीं होती है, और में आसानी से नाराज नहीं होती हूँ। अतीत में, यह बुरी आदत मेरे पति के साथ कई तर्कों का कारण थी।

मैं अब पहले की तरह सब पर नियंत्रण नहीं रखती हूं, और अब अपने परिवार के सदस्यों को मैं जो कहती हूं उसे करने के लिए मजबूर नहीं करती। अब जब मैं समझती हूं कि “मन की साधना” का मतलब क्या है, तो मैं ध्यान देती हूं कि मैं अपने आप को कैसे संचालित करती हूँ और हमेशा फालुन दाफा के सिद्धांतों का पालन करने की कोशिश करती हूं।

मेरे इलाज से मेरे कई परिवार वालों और दोस्तों को फालुन दाफा के चमत्कारों के बारे में जानने में मदद मिली। उनमें से अब लगभग 100 फालुन दाफा का अभ्यास कर रहे हैं।

उदाहरण के लिए, मेरे पिता, जो शराब के आदी होते थे, वे पीठ के कशेरुक से पीड़ित थे, और जल्दी गुस्सा हो जाते थे। फालुन दाफा का अभ्यास करने के बाद उन्होंने अपनी सारी बुरी आदतों को छोड़ दिया। नतीजतन, उनके स्वास्थ्य में नाटकीय रूप से सुधार हुआ।

फालुन दाफा के स्वास्थ्य के पहलुओं के अलावा, मुझे सचमें आशा है कि अधिक लोग फालुन दाफा के सिद्धांतों का अभ्यास करेंगे ताकि समाज में नैतिकता को बढ़ाया जा सके।

मैं तहे दिल से, उन लोगों की मदद करना चाहती हूं जिन्हें मेरी कहानी पढ़ने का मौका मिला है ताकि वे अपने जीवन में विशाल सुधार का अनुभव कर सकें। मेरा फोन नंबर है +8494.856.3819


फालुन दाफा (फालुन गोंग के नाम से भी जाना जाता है) सत्य, करुणा और सहनशीलता के सार्वभौम सिद्धांतों पर आधारित एक आत्म-सुधार ध्यान प्रणाली है, जो स्वास्थ्य और नैतिक चरित्र को सुधारने और आध्यात्मिक ज्ञान प्राप्त करने के तरीके सिखाती है।

यह चीन में 1992 में श्री ली होंगज़ी द्वारा जनता के लिए सार्वजनिक किया गया था। वर्तमान में 114 देशों में 10 करोड़ से अधिक लोगों द्वारा इसका अभ्यास किया जा रहा है। लेकिन 1999 के बाद से इस शांतिपूर्ण ध्यान प्रणाली को क्रूरता से चीन में उत्पीड़ित किया जा रहा है।

अधिक जानकारी के लिए, कृपया देखें:  falundafa.org and faluninfo.org. सभी पुस्तकें, व्यायाम संगीत, संसाधन और निर्देश पूरी तरह से निःशुल्क, कई भाषाओँ में (हिन्दी में भी) उपलब्ध हैं।

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