मैं दु:ख के मारे आपे से बाहर हो गया। जो सब मैंने अपने जीवन में महत्वपूर्ण समझा था वह अचानक बिखर गया और मैं एक गहरे अवसाद की स्थिति में डूब गया।

यह 2010 में हुआ था, इंजीनियरिंग स्कूल से मेरे विश्वविद्यालय स्नातक होने के पांच साल बाद। लम्बे अरसे के मेरे सबसे अच्छे दोस्तों का समूह और मैने, एक साथ, उसी वर्ष स्नातक की उपाधि प्राप्त की थी। 2008 में, उनमें से दो दोस्त प्रतिष्ठित नौकरियों के साथ आगे बढ़ें। दुर्भाग्यवश, अगले दो वर्षों में, एक दोस्ती का रिश्ता जो समूह के बाकि रहे दोस्तों में और उनके बीच हुआ करता था वह एक “मालिक-नौकर” के रिश्ते में बदल गया।

मैं यह देखकर बेहद दुखी हो गया था कि कैसे धन और शक्ति के आकर्षण ने धीरे धीरे स्थायी और विश्वासयोग्य दोस्ती को बदल दिया था, और मैं इसे स्वीकार नहीं कर सका।

मैं वफादारी, निष्पक्षता और दयालुता जैसे पारंपरिक मूल्यों में दृढ़ विश्वास के साथ बड़ा हुआ था, और मैंने कभी समाज में अपने पद के आधार पर किसी से भी अलग तरीके से व्यवहार नहीं किया था। बल्कि, मैंने अपने समूह में हर किसी के साथ की अपनी दोस्ती को मेरे जीवन में सबसे महत्वपूर्ण चीज़ होने का स्थान दिया है।

जब मैंने यह बताने की कोशिश की कि क्या हो रहा था, तो मेरा सामना चुप्पी और अवहेलना से किया गया। फिर धीरे-धीरे सभी ने मुझसे दूरी बना ली। टूटे हुए दिल के साथ मेरे पास समूह छोड़ने के अलावा कोई चारा नहीं था। मुझे विश्वासघात, अकेलापन और असहाय महसूस हुआ।

शायद यह मुझे एक नई दिशा की ओर जागृत करने और मेरे आस-पास के लोगों के प्रति अपनी ज़िम्मेदारी की स्पष्ट समझ पाने के लिए एक झटका था।

लेखक, जो एक इंजीनियर है, एक नौवहन रसद और समुद्री सेवा कंपनी में अपने कार्यस्थल पर।

मैं भाग्यशाली था कि उस बुरे समय से जल्द ही बच निकला, जिसके लिए मैं एक पूर्व सहयोगी का आभारी हूं जो जीवन के अर्थ की खोज में निकले हुए एक दयालु भावना वाले व्यक्ति थे। अपनी आध्यात्मिक खोज में जो पाया था उसे प्राप्त करने के बाद उन्होने मुझसे संपर्क करने का प्रयास किया और उन्हें पता था कि इससे मुझे भी फायदा होगा।

मुझे आशा है कि मेरी कहानी उन लोगों तक पहुंचेगी जिनका टूटी हुई दोस्ती का दर्द महसूस करने पर जीवन बिखर गया है, ताकि वे भी, मेरी तरह शांति और उज्ज्वल भविष्य पा सकें।

खुशहाल बचपन, पवित्र श्रद्धा

मेरा बचपन खुशहाल था और अपनी मां और दादी से प्राप्त हुए प्यार की प्यारी यादें मेरे साथ है। वे बौद्ध थे और मुझे मंदिरों में कई धार्मिक सेवाओं के लिए ले जाते थे। मैंने एक महाप्रतापी बुद्ध के अस्तित्व के प्रति एक सरल श्रद्धा और एक मजबूत विश्वास विकसित किया था जो सभी चीजों को प्रबंधित करता है और दुनिया में चमत्कार करने की शक्ति रखता है।

एक बच्चे के रूप में लेखक अपनी मां की गोद में।

उसी समय, मेरे दिमाग में कई सवाल उठे : मैं मृत्यु के बाद कहां जाऊंगा? पृथ्वी घूमती क्यों है? दर्द और खुशी, आनंद और उदासी क्यों है?

मुझे इन सवालों के जवाब कभी नहीं मिले, और जब मैं बड़ा हुआ, तो वे धुंधले हो चुके थे।

बचपन में लेखक की मां और दादी उन्हें कई बौद्ध सेवाओं में ले गये, और उनमें एक सर्वज्ञानी बुद्ध के अस्तित्व में दृढ़ विश्वास विकसित हुआ।

बचपन और युवावस्था के दौरान, मुझे चीनी साहित्य के श्रेष्ठ ऐतिहासिक उपन्यासों से सीखे पारंपरिक गुणों ने भी गहराई से छुआ था, जैसे कि दयालुता, न्याय, स्वामित्व, ज्ञान और वफादारी।

मैंने इन सिद्धांतों को दिल से माना और अपने जीवन में उन्हें लागू करने के लिए अपनी पूरी कोशिश की, लेकिन अब मुझे पता चला कि मैंने इसे समझने में ज़्यादती की थी। यह मेरे दोस्तों के प्रति मेरी पूर्ण भक्ति में प्रकट हुआ जो यहाँ तक पहुँच गया कि मैंने अपने माता-पिता को भी धोखा दिया।

मेरा पहला पतन : जुआ

मेरे हाईस्कूल के सालों के दौरान के मेरे पसंदीदा शगल के कारण जीवन में मेरी पहली ठोकर आई : फुटबॉल सत्रों के दौरान फुटबॉल मैच देखना।

टेलीविजन पर गेम देखने के लिए मैं अपने दोस्तों और साथी फुटबॉल दीवानों के साथ पूरी रात जागता रहता। हमने अपने माता-पिता से झूठ बोला कि हमें क्यों बाहर रहना पड़ा, जैसे कि यह कहना कि हमें टीम परियोजनाओं को पूरा करना था या समूह के रूप में अध्ययन करना था।

हाई स्कूल के दौरान, लेखक और उनके दोस्त फुटबॉल सट्टेबाजी के आदी हो गए।

मेरे दोस्त और मैं जल्द ही फुटबॉल पूल में भाग लेने के लिए हमारे पूरे जेब खर्च का उपयोग करके दांव लगाने लगे। जब भी हम हार जाते, हम बेहद दुखी होते, फिर भी हमें लत लग गयी थी, हम जुए के भंवर में खींच लिए गए थे, त्वरित, आसान पैसे कमाने के इरादे से।

लेखक (बाएं) स्कूल की स्थापना की 50 वीं वर्षगांठ के उत्सव के लिए 2016 में अपने हाई स्कूल में लौटे।

हमने अपने नुकसान को तब तक गुप्त रखा जब तक कि हमारा कर्ज भुगतान करने की हमारी क्षमता से बाहर नहीं हो गया और हमें अंततः अपने माता-पिता को सच कहना पड़ा। यह एक बार से अधिक होने के बाद, कई बार डांट खाने और दंडित होने के बाद, मैं अपने होश में आया और जुआ बंद कर दी। सौभाग्य से मैं अपने अध्ययन पर फिर से ध्यान केंद्रित करने और सफलतापूर्वक हाईस्कूल खत्म करने में सक्षम रहा।

गुमराह वफादारी

जब मैंने 18 साल की उम्र में 2000 में विश्वविद्यालय में प्रवेश किया, तो मैंने मरीन इंजीनियरिंग का अध्ययन करने का फैसला किया और एक गंभीर छात्र बनने के लिए दृढ़ संकल्प किया। लेकिन, मेरे दूसरे वर्ष में, जुए की समस्या फिर से उभरी जब पूर्व “फुटबॉल टीम” के मेरे दोस्तों में से एक के साथ खेल सट्टेबाजी में अधिक परेशानी होनी शुरू हो गयी।

मेरे दोस्त को भारी वित्तीय नुकसान का सामना करना पड़ा था, और बचपन से ही मेरे दिमाग में दयालुता और वफादारी के सिद्धांत गहराई से जुड़े हुए थे, इसलिए मैं पूरी तरह से अपनी योग्यता के अनुसार मदद करने के लिए तैयार हो गया।

लेखक ने एक दोस्त की मदद करने के लिए अपनी पूरी कोशिश की जिनको फुटबॉल सट्टेबाजी से भारी नुकसान पहुंचा था। लेकिन उन्हें पैसे देना समस्या का हल नहीं था।

मैंने चुपचाप अपनी ट्यूशन फीस भुगतान करने के पैसे लिए और मेरे दोस्त की मदद के लिए इसका इस्तेमाल किया। मैंने अपनी मोटरबाइक और अन्य सामानों को और अधिक पैसा पाने के लिए गिरवी रखा। अंत में, मैं खुद ऋण में गहराई से धंस गया।

मुझे चिंता थी कि मुझे स्कूल से निकाल दिया जाएगा। एकमात्र समाधान था बोझ को मेरी मां के कंधों पर डालना।

आश्चर्य की बात यह है कि मेरी दोष-स्वीकृति सुनने के बाद भी मेरी मां ने मुझे डांटा या दंडित नहीं किया। इसके बजाय, रोते हुए, उन्होने चुपचाप मुझे अपने कर्ज का भुगतान करने के लिए पैसे दे दिए और मुझे मेरी पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करने की सलाह दी।

पहली बार, मुझे अपराध और शर्म का पूरा भार महसूस हुआ। मुझे एहसास हुआ कि मैं कोई शाही पुत्र नहीं था और मैंने जो किया था उसकी गंभीरता को महसूस किया। मैंने खुद से वादा किया कि यह फिर कभी नहीं होगा।

फिर भी मुझे इस समय वास्तव में समझ में नहीं आया कि अन्य सभी को छोड़ दोस्ती को एक ऊँचा स्थान देने की मेरी प्रवृत्ति से मेरे परिवार पर क्या असर होगा।

टूटी हुई दोस्ती

मैंने 2005 में विश्वविद्यालय से स्नातक की उपाधि प्राप्त की और 2010 में शादी कर ली, लेकिन मेरी पत्नी ने जल्द ही पाया कि उनका पति हर बार अपने दोस्तों में से एक का फोन कॉल प्राप्त करते ही “गायब” हो जाता था। वह अक्सर अकेलेपन के कारण रोया करती क्योंकि मैं घर से हमेशा बाहर रहता था।

शादी के बाद भी, लेखक (दाएं) ने अन्य सभी रिश्तों से अधिक दोस्ती के रिश्ते को महत्त्व देना जारी रखा, जैसे ही उन्हें अपने दोस्तों में से एक का फोन कॉल प्राप्त होता, वे “गायब हो जाते।

मेरे दिल की गहराई में और मेरे हर विचार में, मैंने दोस्ती को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। मैंने अपने रवैये को सच्ची वफादारी और पूर्ण शुद्धता के रूप में देखा। यही कारण था कि मैं अपने दोस्त की मदद करने के लिए भारी कर्ज लेने को तैयार था। मैं एक दोस्त के लिए अपना जीवन बलिदान कर सकता था।

फिर, 2010 में, जब वह दोस्ती टूट गईं, तब मैंने लोगों पर पैसे की शक्ति का प्रभाव देखा, और कैसे लालच विवेक और दूसरों के लिए परवाह की कोई जगह नहीं छोड़ता है। फिर भी, समूह छोड़ना एक बेहद ही दुःख भरा एहसास था। इसने मेरे दिल में एक गहरा घाव छोड़ा, और मैं उदासी, अवसाद और अकेलेपन से अभिभूत हो गया।

श्रद्धा का स्मरण

उस समय जब मैं बेहद दुखी था, मुझे वह पुस्तक याद आई जिसे मैंने उस साल की शुरुआत में एक भरोसेमंद पूर्व सहयोगी से प्राप्त की थी, जो मेरी तरह श्रद्धा और आध्यात्मिकता में रूचि रखते थे।

हम पहली बार 2005 में मिले थे जब वह एक व्यापार यात्रा पर मेरे कार्यालय आए थे, और हमने इन विषयों पर चर्चा करने में पूरी रात बिताई थी।

लेखक की दोस्ती का पतन एक बेहद ही दुःख भरा एहसास था। तब उन्हें एक पूर्व सहयोगी के साथ विश्वास और आध्यात्मिकता के विषय में  बातचीत और एक पुस्तक की याद आई जिसे उस सहकर्मी ने उन्हें भेजी थी।

फिर, मेरी दोस्ती टूटने के कुछ पहले, उन्होने मुझे यह कहने के लिए कॉल किया था कि वे सचमुच मेरे साथ दोबारा जुड़ना चाहते थे और उस रात आध्यात्मिक चर्चाओं के जवाब पाने की अपनी खोज साझा करना चाहते थे। उन्होंने कहा कि उन्हें सच्चे उत्तर मिल गए हैं और वे मुझे पढ़ने के लिए एक पुस्तक भेज देंगे।

“पूरा पढ़ें,” उन्होने कहा। “चाहे आप इसे समझ सकें या नहीं, तुरंत ही निराश न हों। यदि आप एक शांत दिमाग से पुस्तक पढ़ने में दृढ़ रहेंगे तो गहरा प्रभाव प्रकट होगा। “

जीवन का अर्थ ढूँढना

उस पुस्तक, ज़ुआन फालुन में, एक प्राचीन चीनी आध्यात्मिक अनुशासन की मुख्य शिक्षाएं हैं जिन्हें फालुन दाफा, या फालुन गोंग कहा जाता है, जो सिखाता है कि ब्रह्मांड के मौलिक सिद्धांत सत्य, करुणा और सहनशीलता हैं। फालुन दाफा में ध्यान अभ्यास के पांच सेट भी शामिल हैं, जो चार खड़े रहकर और एक बैठे हुए किये जाते हैं।

पारंपरिक चीनी आध्यात्मिक प्रणाली फालुन दाफा की शिक्षाओं की मुख्य पुस्तक ज़ुआन फालुन  का वियतनामी संस्करण।

मेरे पूर्व सहयोगी से ज़ुआन फालुन  प्राप्त करने के बाद, मैंने इसे एक बार बहुत जल्दी पढ़ लिया और सोचा कि वास्तव में इसमें बचपन से ही मेरे कई प्रश्नों का उत्तर दिया गया था। लेकिन फिर मैंने इसे एक ओर रख दिया, यह सोचकर कि मुझे परिपक्व होने और उसके सिद्धांतों को गहराई से समझने के लिए और अधिक समय चाहिए।

इसे, और मेरे सहयोगी के साथ फोन कॉल याद करते हुए, मैंने दूसरी बार पढ़ने के लिए पुस्तक को फिर से उठाया। इस बार मैंने पाया कि यह वास्तव में मुझे जागृत करती है, मुझे जीवन के अर्थ और लोगों के सामने आने वाली हर चीज के मूल कारण को समझने में मदद करती है, चाहे वह सतह पर अच्छा या बुरा प्रतीत हो।

तब मुझे एक स्पष्ट सपना आया कि मैं किसी घाटी में एक चट्टान के रूप में पुनर्जन्म ले रहा हूँ, मेरे चारों ओर धूप, हवा और घास को महसूस करते हुए। अफसोस और पीड़ा की गहरी भावना मेरे ऊपर छा गई, कि पता नहीं मुझे उस पुनर्जन्म से कब मुक्ती मिलेगी।

मैं पसीने में लथपथ जाग गया लेकिन अपने आप को बेहद भाग्यशाली महसूस कर रहा था कि यह केवल एक सपना था। उस पल में, मैंने  फालुन दाफा का अभ्यास करने का दृढ़ संकल्प किया। मुझे कोई संदेह नहीं था कि यह इंसानों के ज्ञानोदय और बुद्धत्व तक ऊपर उठने के लिए एक अनमोल सच्चा मार्ग था, जहां अनंत जीवन होगा और हम पुनर्जन्म के चक्र से मुक्त हो जाएंगे।

नैतिक चरित्र में सुधार

तब से, मैंने ज़ुआन फालुन  पढ़ने और दैनिक अभ्यास करने और फालुन दाफा के शिक्षक श्री ली होंगज़ी द्वारा अन्य लेखों का अध्ययन करने में मेहनत करने के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रयास किया है।

लेखक पार्क में फालुन दाफा के बैठकर करने वाले ध्यान का अध्ययन करते हैं।

मेरा पूरा विश्वदृश्य बदल गया है। सत्य, करुणा और सहनशीलता के फालुन दाफा के सिद्धांतों के बाद, मैंने अपने नैतिक चरित्र को बेहतर बनाने और अपने जीवन के हर क्षेत्र में एक बेहतर व्यक्ति बनने का प्रयास किया है।

यदि कुछ अनुचित हो जाता है तो मैं दूसरों को दोष नहीं देता हूं, बल्कि कोशिश करने और समझने के लिए जल्दी से अपने भीतर देखता हूं कि क्या मैंने इसमें कोई भूमिका निभाई है, और फिर अपने विचारों और व्यवहारों को समायोजित कर लेता हूँ।

2014 में लेखक अपने 3 साल के बेटे के साथ।

दूसरों के साथ अब मेरे संघर्ष कम होते है, मेरी पत्नी के साथ भी। मैंने अतीत की तरह दोस्तों के साथ लगातार बाहर निकलना छोड़ दिया है, बल्कि अक्सर घर पर मेरी पत्नी की मदद करता हूं। मेरा बेटा 2011 में पैदा हुआ था, और मैं नियमित रूप से उसे और मेरी पत्नी को दोनों के परिवारों के हमारे वृद्ध माता-पिता और दादा दादी से मिलाने ले जाता हूं, और अब सब अधिक खुश हैं और हमारे रिश्ते अधिक सामंजस्यपूर्ण हो गए हैं।

दुःख के बीच सिद्धांतों को ध्यान में रखना

जब मुझे 2015 में काम पर एक कठिन परिस्थिति का सामना करना पड़ा, तो यह फालुन दाफा के सिद्धांत थे जिन्होंने मुझे एक उदार संकल्प खोजने में मदद की।

मुझे एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय परियोजना का प्रभारी बनाया गया था जिसमें मेरी कंपनी के लिए नए कार्यों सहित एक बड़ा कार्यभार शामिल था। हमने चुनौतियों को कम करके आंका और हम तैयार नहीं थे। जैसे-जैसे दबाव और आलोचना बढ़ी, नकारात्मकता भी बढ़ी और कई टीम के सदस्यों ने एक-दूसरे को दोष देना शुरू कर दिया।

मैंने अक्सर सुबह 5 बजे से काम करना शुरू करता और रात 10 बजे तक भी काम खत्म नहीं होता था, या अगले दिन सुबह 3 बजे तक भी।

फालुन दाफा किताब को पढ़ने के लिए पर्याप्त समय और ऊर्जा के बिना, मैं थक जाता, चिड़चिड़ा और निराश हो जाता, और अब दूसरों की शिकायत और उनको दोषी ठहराना शुरू कर दिया।

एक दिन, परियोजना के मेरे निदेशक ने, जो खुद बेहद दबाव महसूस कर रहे थे, मुझे एक अतिरिक्त कार्य करने के लिए कहा, और जब मैंने समझाया कि मैं पहले ही बोझ के तले दबा हुआ हूं, तब भी उन्होने मेरी चिंताओं को अनदेखा कर दिया।

पहले तो मैं चौंक गया। तब मुझे याद आया कि मैं फालुन दाफा का अभ्यासी हूँ और मैं अपने बेटे के लिए एक अच्छा प्रेरणास्रोत बनना चाहता था ताकि वह भी बड़े होने पर एक वास्तविक अभ्यासी बन सके। इसलिए मैंने जल्दी से अपने भीतर झाँकने की कोशिश की यह देखने कि मैंने क्या गलत किया होगा जिससे मैं मेरे निदेशक से यह टिप्पणी पाने का कारण बना।

लेखक ज़ुआन फालुन का अध्ययन करते हुए, जबकि उनका बेटा फालुन दाफा का ध्यान अभ्यास करते हुए उनके साथ बैठा है।

परियोजना के बारे में अपनी चिंताओं को अलग कर दिया और चुपचाप उस घटना पर विचार किया। मुझे एहसास हुआ कि मेरा मन शांत नहीं था। व्यस्त, व्यस्त, व्यस्त होने का विचार लगातार मुझे परेशान कर रहा था। मैंने इस विचार को छोड़ने का प्रयास किया।

तब से मैंने हर दिन ज़ुआन फालुन  पढ़ने को प्राथमिकता देना शुरू कर दिया। मैंने यह भी फैसला किया कि मैं किसी भी काम से इंकार नहीं करूँगा बल्कि उचित समय सीमा के भीतर इसे पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध रहूँगा और उसके बाद आगे का काम करूंगा। चमत्कारिक रूप से, इसके ठीक बाद, मुझे कई नए कार्य विधियों और समय प्रबंधन रणनीतियों को सीखने का अवसर मिला जो बेहद प्रभावी थे।

फिर, फालुन दाफा की शिक्षा जो अपने आप से पहले दूसरों पर विचार करने के लिए कहती हैं, मैंने खुद को अपने निदेशक की जगह रखकर सोचा और उनके दृष्टिकोण से चीजों को समझने की कोशिश की। साथ ही, मुझे सौंपे गए कार्यों को पूरा करने के लिए अपनी पूरी कोशिश की। ऐसा प्रतीत हुआ जैसे मेरे निदेशक ने मेरे बिना शर्त के प्रयास को पहचाना, क्योंकि मैंने देखा कि मेरे प्रति उनका दृष्टिकोण धीरे-धीरे अधिक सहानुभूतिपूर्ण बन गया था।

इसके बाद, हमें समर्थन देने के लिए किसी अन्य समूह के एक कर्मचारी सदस्य को मेरे प्रोजेक्ट में स्थानांतरित कर दिया गया, और हालांकि कार्यभार भारी ही रहा, कंपनी के रूप में हमारा समन्वय बहुत अच्छा था; हमारा पूरा कार्य वातावरण स्पष्ट रूप से बदल गया था।

लेखक की कंपनी ने उन्हें योग्यता प्रमाण पत्र से सम्मानित किया और उनकी टीम को सफलतापूर्वक एक प्रमुख परियोजना पूरी करने के लिए नेतृत्व करने के बाद उन्हें पदोन्नत किया।

हमने परियोजना को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया था, और हर कोई खुश था और आशा व्यक्त करता था कि एक और ऐसी ही बड़ी परियोजना नए साल में हमारे लिए आएगी। मेरी कंपनी ने मुझे योग्यता का प्रमाण पत्र दिया और मुझे अधिक ज़िम्मेदारी के साथ एक नई स्थिति में पदोन्नत किया।

‘किसी बात को छोड़ने से खुशी आती है’

मैं इस अनुभव से बहुत प्रेरित था। मुझे एहसास हुआ कि सबसे अच्छा परिणाम मिलेगा यदि मैं हमेशा अपने दिल में सत्य, करुणा और सहनशीलता के सिद्धांतों को बनाए रखूंगा और उन्हें अपने हर विचार और क्रिया में लागू करूंगा, साथ ही अपने अंदर झांकता रहूँगा, दूसरों के बारे में सोचता रहूँगा, और स्वार्थ को छोड़ दूंगा। मैंने देखा है कि खुशी मुझे उन धारणाओं को पकड़ने के बजाय छोड़ने से आती है जो मुझे फंसा कर रखती हैं।

लेखक फालुन दाफा का बैठकर करने वाला ध्यान अभ्यास करते हैं।

मैं सत्य, करुणा, सहनशीलता के भीतर के अर्थ की एक और परत से भी प्रबुद्ध हुआ : जब मैं ईमानदार, दयालु, धैर्यपूर्ण और खुश रहता हूं, तो एक नया क्षितिज उभरता है जो अपने साथ सुधार और उन्नति की उदार संभावनाएं लाता है।

गुयेन एन डक (Nguyen Anh Duc) वियतनाम में रहते हैं।

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संपादक का संदेश:

फालुन दाफा (फालुन गोंग के नाम से भी जाना जाता है) सत्य, करुणा और सहनशीलता के सार्वभौम सिद्धांतों पर आधारित एक आत्म-सुधार ध्यान प्रणाली है, जो स्वास्थ्य और नैतिक चरित्र को सुधारने और आध्यात्मिक ज्ञान प्राप्त करने के तरीके सिखाती है।

यह चीन में 1992 में श्री ली होंगज़ी द्वारा जनता के लिए पेश किया गया था। वर्तमान में 114 देशों में 100 मिलियन से अधिक लोगों द्वारा इसका अभ्यास किया जा रहा है। लेकिन 1999 के बाद से इस शांतिपूर्ण ध्यान प्रणाली को क्रूरता से चीन में उत्पीड़ित किया जा रहा है।

अधिक जानकारी के लिए, कृपया देखें:  falundafa.org and faluninfo.org. सभी पुस्तकें, व्यायाम संगीत, संसाधन और निर्देश पूरी तरह से निःशुल्क, कई भाषाओँ में (हिन्दी में भी) उपलब्ध हैं।

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