जॉन डी बाव (John De Beaux)  एक बेटे और जुड़वां बेटियों के पिता, ऑस्ट्रेलिया (Australia) के पर्थ (Perth) में रहते हैं। कई वर्षों से, उन्होंने अपने नशे की लत के कारण अपना स्वास्थ्य और अपने संबंधों को नष्ट कर दिया था। लेकिन एक दिन, एक सहकर्मी के साथ बातचीत से उनका हर संभव तरीके से जीवन बदल गया। यह उनकी कहानी है।

जॉन डी बाव अपनी जुड़वां बेटियों और बेटे के साथ | Courtesy John De Beaux

यह रविवार की रात थी और मैंने अपनी बेटियों को अपनी मां के घर छोड़ दिया था। घर के रास्ते पर, मैंने एक छह पैक बियर और सिगरेट उठाया। यह मेरी मानक दिनचर्या थी।

मैं उस व्यक्ति को पसंद नहीं करता जो मैं बन गया था—जो नकारात्मक और आत्म-विनाशकारी लोगों से बड़े पैमाने पर प्रभावित हुआ था जिसके साथ मैं बड़ा हुआ था। हालांकि मैं अब उनके साथ दोस्ती नहीं रखता था, उन्होंने पहले ही मुझे बदल दिया था। मेरी भाषा इतनी गंदी थी कि लोग मेरी बातें सुनकर चौंक जाते थे। जब मुझे कोई महत्वपूर्ण काम करने की आवश्यकता होती थी, तो मैं उसे टाल देता था और लोगों का भरोसा तोड़ देता था। जब मैं फिल्में नहीं देख रहा होता, तो मैं वीडियो गेम खेल रहा होता था या हार्डकोर संगीत पर पैसा खर्च कर रहा होता था, जिससे मैं अपने क्रोध और निराशा को उगल सकूं।

मैं आदतन झूठ बोलता था। लत एक व्यक्ति को झूठ सिखाता है और मैं इसमें कुशल बन गया था। मेरा दिमाग बुरे विचारों से भरा था, और मैंने अपने और दूसरों के प्रति सम्मान खो दिया था। ड्रग्स और शराब थोड़ी देर के लिए इन भावनाओं को सुन्न कर देते थे, लेकिन जब उसका असर अंततः ख़त्म हो जाता, तो मुझे और भी बुरा महसूस होता। यह चक्र कभी खत्म नहीं होता था।

मैं अक्सर सोचता था कि जब मैं एक बच्चा था तब मैं कैसा था, और उस भोलेपन को दुबार पाने की इच्छा करता था। मुझे ईमानदार, शुद्ध और सच्चा होना याद है। उस समय, मैं हमेशा अन्य लोगों को बिना शिकायत किये मदद करता था, और बदले में मुझे कुछ भी उम्मीद नहीं होती थी। ऐसा लगता है कि सच्चे रूप से मेरे अन्तर्भाग में मैं था। मैं बहुत अच्छा था, और इस तरह से जीना मुझे वास्तव में अच्छा लगता था। अब, मैंने अपने सच्चे आत्म को नशे की लत और असंतोष में दफन कर दिया था और मेरे जीवन को तबाह कर दिया था। मैं दुःखी था। लेकिन मैं यह सोचने से अपने आप को रोक नहीं पाता था कि मैं अपनी मूल भलाई पर कैसे वापस लौट सकता हूं।

जॉन डी बाव | Courtesy John De Beaux

एक पथ की खोज में

नशे की दवाओं और शराब के मुद्दों के बावजूद, मैंने कई सालों मार्शल आर्ट और ताई ची का अभ्यास किया था। जब मुझे प्रशिक्षण में आत्म-उपलब्धि और अनुशासन का अनुभव हुआ, तो मैंने अपने व्यसनों को सप्ताहांत तक के लिए सीमित कर दिया। लेकिन नशे की दवा अभी भी मेरी इच्छाशक्ति पर अक्सर कब्जा कर लेती थी। मेरा मन लगातार अशांत रहता क्योंकि मैं स्वस्थ और फिट होना चाहता था, लेकिन व्यसन का दानव भी मेरे खिलाफ मुझपर भारी रूप से हावी था।

प्रशिक्षण और दवाओं और शराब के संयोजन मेरे शरीर पर कहर ढा रहे थे। मुझे कई गंभीर चोटें लगी थीं, जब मैं अपने आप को सीमा से आगे धकेलता था, जिनमें गर्दन में दर्द और क्षतिग्रस्त रीढ़ की हड्डी शामिल थी। मेरे डॉक्टर ने मुझे बताया कि अगर मुझे मेरी पीठ पर और अधिक चोट लग गई तो वह अब मुझे ठीक नहीं कर पाएंगे। मुझे हड्डियों के एक वैद्य के पास सप्ताह में तीन जाना करना पड़ता था।

मुझे पता था कि मुझे मौलिक रूप से खुद को ठीक करने के लिए कुछ ढूंढना था, और मुझे एक सच्चे शिक्षक की जरूरत थी। मुझे हमेशा लगा कि मेरे मार्शल आर्ट्स शिक्षक सिर्फ मेरे पैसे चाहते थे, और मेरी भलाई के बारे में वास्तव में परवाह नहीं करते थे। मुझे एक गुरु ढूंढना था जो मुझे दिल से सिखाता।

जॉन डी बाव | Courtesy John De Beaux

मेरे पथ की तलाश

ऐसा हुआ कि, मेरा रास्ता खोजने की तलाश, जिसने अंततः मुझे जड़ से हिला कर रख दिया और एक नए व्यक्ति में मुझे पुनःर्निर्माण कर दिया, काम पर एक बातचीत के साथ शुरू हुआ। 2009 में, एक सहयोगी ने मुझे एक पत्रिका दी और मुझे बताया कि उन्होंने कुछ लोगों को पास के पार्क में कुछ सौम्य, शांतिपूर्ण दिखने वाले व्यायाम का अभ्यास करते हुए देखा, और उनको मेरा विचार आया।

मैंने पत्रिका पढ़ी—यह फालुन गोंग नामक एक ध्यान अभ्यास के बारे में थी। मैंने इसके बारे में कभी नहीं सुना था, लेकिन सत्य, करुणा और सहनशीलता के सिद्धांतों ने मेरे अन्दर गहराई से अपनी प्रतिध्वनी पहुंचाई। मुझे पता था कि यह अच्छाई हो सकती है जो मैं अपने जीवन में वापस चाहता था। मैंने सबसे करीबी अभ्यास साइट पर फोन करने का मन बना लिया ताकि मैं एक कोशिश कर सकूं। जिस महिला ने फोन का जवाब दिया, उन्होने कहा कि अभ्यास हर शनिवार को सुबह 6:30 बजे आयोजित किया जाता है। मैंने उन्हें बताया कि मैं वहां आऊँगा।

जैसे ही मैंने निर्णय लिया, मुझे पता था कि मेरे संकल्प का परीक्षण किया जाएगा; और जैसे ही मुझे यह समझ आया, परीक्षण तेजी से आए। सबसे पहले, जैसे जैसे शनिवार की सुबह करीब पहुंचने लगी, मुझे यह चुनना पड़ा कि शुक्रवार को हमेशा की तरह शराब की दुकान पर बीयर लेने के लिए रुकना है या नहीं। लेकिन मुझे पता था कि अगर मैंने शराब पी तो मैं सुबह के अभ्यास के समय सोया रहूँगा। जैसे ही मैं दुकान के पास से आगे गुज़र गया, तो मुझे गर्व और उत्तेजना की भावना महसूस हुई—मैं अभी से ही प्रगति कर रहा था।

©Wikimedia Commons

लेकिन कुछ घंटों के बाद, एक दोस्त ने मुझे फोन किया, और मुझे उनके साथ और उनके दोस्तों के साथ कैसीनो जाने के लिए आमंत्रित किया। मैं एक लंबे समय से इस “दोस्तों के संघ” में प्रवेश करने की कोशिश कर रहा था और यह अब मेरा मौका था। हालांकि मैं लोभित हो गया, मुझे अपना दृढ़ संकल्प याद आया और मैंने उनके आमंत्रण को अस्वीकार कर दिया। मैंने अभ्यास साइट पर पहुँचना तय कर लिए था।

लेकिन मेरी परीक्षा खत्म नहीं हुई थी। अगली सुबह ड्राइव बेहद कठिन थी। मादक द्रव्यों के सेवन ने मेरे दिमाग को बहुत-बहुत प्रभावित किया था—मैं मानसिक उन्माद, अवसाद और गंभीर चिंता से पीड़ित था। मेरे मन में सारे रास्ते एक आवाज़ मुझे चिल्ला चिल्ला कर कह रही थी: “लोग तुम्हें देखकर हँसेंगे, और अगर काम पर से कोई आपको देख लेगा तो?” मैंने अपने विचारों से पूरा रास्ता संघर्ष किया। ऐसा लग रहा था जैसे मेरे पास मेरे सिर में चिल्लाने वाले लोगों की भीड़ थी, और वे चुप नहीं हो रहे थे। मेरा मन कर रहा था कि मैं दीवार में अपना सिर मारूं, ताकि वे चुप हो जाए।

मैं आखिरकार अभ्यास स्थल पर पहुंचा और एक ताइवानी आदमी और ग्रीक महिला ने मेरा स्वागत किया, जिन्होंने मुझे व्यायाम सीखने में मदद की।

बैठे हुए ध्यान के दौरान, दोनों मेरे दोनों तरफ अपने दोनों पैरों को जोड़कर “पूर्ण कमल” स्थिति में मेरे साथ बैठे थे। वे बहुत स्थिर और शांतिपूर्ण लग रहे थे, लेकिन मैं परेशान था। मैंने सोचा “मैं क्या गलत कर रहा था?” मेरे पैरों में इतना दर्द था। मैंने लगातार उन्हें ठीक किया और अपने दिमाग से संघर्ष करते रहा कि मैं कितना बेवकूफ लग रहा हूँ, और शायद कोई जाननेवाला मुझे देख लेगा।

अचानक, कुछ अजीब हुआ—मेरे पैरों से सब दर्द, मेरे मन में चिल्लाना, और मेरे आसपास के सभी शोर बंद हो गए! सब कुछ शांत हो गया। गर्माहट की भावना मेरे सारे शरीर में फैल गई, और मुझे लगा जैसे मैं कोई कोमल रोशनी से घिरा हुआ था। यह परिचित सा लगा—घर की तरह। एक पल के लिए, पहली बार मुझे याद है, मुझे अब खोया खोया सा महसूस नहीं हुआ।

लेकिन जितनी जल्दी यह भावना आई थी उतनी ही जल्दी चली गई, और फिर से वह दर्द, चिल्लाना, और पृष्ठभूमि का शोर लौट आया। क्या हुआ था? अभ्यास खत्म होने के बाद, मैंने दो फालुन गोंग अभ्यासिओं को बताया कि मैं सोच रहा हूँ कि यह वही है जिसकी मुझे तलाश थी। यह वही था जिसकी मुझे ज़रुरत थी और जो मैं अपने जीवन में चाहता था।

न्यूयॉर्क में फालुन गोंग का जश्न मनाते हुए एक परेड में जॉन डी बाव प्रदर्शन करते हुए | Courtesy John De Beaux

मूल से परिवर्तन

मुझे अगले कुछ हफ्तों के लिए अभ्यास करना एक संघर्ष लगा, लेकिन मैं दृढ़ रहा। मैंने “झुआन फालुन” नामक फालुन गोंग के सिद्धांतों की पुस्तक पढ़ी। जैसे जैसे मैंने पढ़ा और व्यायामों का अभ्यास किया, मेरी समझ में वृद्धि हुई। मुझे विश्वास नहीं हो रहा था कि मुझे, इस तरह खोए हुए और व्याकुल व्यक्ति को, इस अद्भुत बात को जानने का मौका दिया गया है। में बैठे ध्यान अभ्यास को पूरा करने के बाद कई बार रोता था; बेचैनी से नहीं, लेकिन कृतज्ञता से।

समय के साथ, मुझे लगा कि मेरा मन समाशोधन कर रहा था। मैंने वास्तव में शांति का आनंद लेना शुरू कर दिया था—जो मैं अतीत में कभी भी नहीं कर सकता था। मेरा ध्यान अधिक मजबूत हुआ। जीवन पर मेरा विचार पूरी तरह से बदल गया। मैंने एक इंसान की तरह व्यवहार करना सीख लिया है, जिसे कुछ वर्षों पहले मैंने खो दिया था। मैंने अपने लिए सम्मान महसूस किया, और सबसे महत्वपूर्ण, दूसरों के लिए भी।

मेरे शरीर में भी सुधार हुआ था। मुझे इतना अच्छा लगा कि मैंने अब हड्डियों के वैद्य के पास जाना छोड़ दिया था। बैठकर ध्यान करना शुरू में मुश्किल लगता था, न केवल मेरे पैरों में असुविधा के कारण, लेकिन मेरे क्षतिग्रस्त पीठ में दर्द के कारण। लेकिन मेरी पीठ अधिक मजबूत हो गई, और साथ साथ मेरे शरीर के बाकी हिस्से भी। मेरे दोनों कंधों की मांसपेशियों के पट्टे जो बुरी तरह फट चुके थे अब उन्हें मैं ढीले और आरामदायक महसूस कर रहा था। मेरे आसन में भी बहुत सुधार हुआ है।

लेकिन सबसे बड़ा बदलाव संभवतः मेरे चरित्र में था। मैंने स्वार्थ, व्यसनों और कई बुरी आदतों को छोड़ दिया। मैंने वास्तव में पीना छोड़ दिया। ऐसा मैंने कभी नहीं सोचा था कि मैं कभी यह कर पाऊँगा। वास्तव में, मैं अब पिछले आठ वर्षों से संयमी हूँ।

मुझे करुणा मिली जहाँ मुझमें कड़वाहट थी। नफरत को क्षमा के साथ बदल दिया गया था। मेरे परिवार के संबंधों में सुधार हुआ, और मेरी बेटियां और मैं करीब हो गए क्योंकि उन्होंने मुझमें बदलाव देखा। इतने लंबे समय से खोज करने के बाद, मेरा मन, शरीर और आत्मा अंत में शांत हैं।

जॉन डी बाव अपने बच्चों के साथ | Courtesy John De Beaux

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