जीवन नामक पहेली में, हमेशा एक ऐसी महत्वपूर्ण कड़ी होती है जो पूरी तस्वीर को पूरा करती है—और केवल भाग्यशाली लोगों को ही ठीक समय पर वह कीमती कड़ी को जोड़ने का अवसर मिलता है। वर्तमान में स्वीडन में स्थित एक भारतीय मूल के युवा सॉफ्टवेयर डेवेलपर ने उनके अस्तित्व की गुम कड़ी को फालुन दाफा के आध्यात्मिक अभ्यास में पाया। इस ध्यान प्रणाली ने न केवल उनके अनुत्तरित प्रश्नों की खोज समाप्त कर दी बल्कि उनके जीवन की शाश्वत तस्वीर भी पूरी कर दी।

हेमंत गोंडाने से मिलें, जो पश्चिमी भारतीय राज्य महाराष्ट्र के अमरावती जिले से हैं। एनटीडी इंडिया के साथ एक साक्षात्कार में, इन सॉफ्टवेयर पेशेवर ने अपने दिल की बात बताते हुए अपने जीवन को विस्तार से साझा किया।

Image courtesy of Hemant Gondane

छोटी उम्र से ही, हेमंत एक ईमानदार इंसान थे जो अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन के साथ कक्षा में अधिकतर प्रथम श्रेणी में पास होते रहे। एक बच्चे के रूप में, वह ज़्यादातर तकनीकी समस्याओं को हल करने की जिज्ञासा के लिए जाने जाते थे।

“मुझे मेरी बहन प्यार से ‘प्रश्न बैंक’ कहा करती थीं क्योंकि मैं बहुत सारे प्रश्न पूछता था। बाद में भी जब मैं अपने कार्यकाल में अन्य सामाजिक समूहों के साथ था तब भी, मैं अक्सर अधिक प्रश्न पूछने के लिए जाना जाता था,” हेमंत ने कहा।

हेमंत ने याद करते हुए कहा, “मैं घर पर किसी भी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण के सभी कार्यों के बारे में जानना चाहता था, चाहे वह टीवी रिमोट कंट्रोल, फैन या कूलर हो।” मैं सभी बटन दबाता और देखता कि यह क्या कर सकता है। मुझे तकनीकी चीज़ों को समझना और कार्य करना अच्छा लगता था।”

पुणे इंस्टीट्यूट ऑफ कंप्यूटर टेक्नोलॉजी से कंप्यूटर विज्ञान और इंजीनियरिंग में स्नातक होने के बाद, उन्होंने एक प्रमुख सॉफ्टवेयर और सेवा प्रदाता कंपनी, एम्डॉक्स (Amdocs) में अपनी पहली नौकरी की।

Image courtesy of Hemant

हेमंत ने साझा किया कि स्नातक होने के तुरंत बाद उनके उत्सुक मन ने जीवन के वास्तविक अर्थ की तलाश शुरू कर दी। उन्होंने कहा, “मैं यह सोचता कि क्या शिक्षा पूरी करना, अच्छी नौकरी पाना, शादी करना, बच्चों का अच्छी तरह से पालन-पोषण करना और फिर एक दिन मर जाना, यही केवल मानव जीवन होता है?”

अपने लिए एक शीर्ष दर्जे का करियर हासिल करने के बाद भी, वे अपने जीवन के सवालों के जवाब की एक कभी न खत्म होने वाली खोज पर निकल पड़े। 2011 में, कुछ घटनाओं के साथ, उनका फालुन दाफा से परिचय कराया गया।

वे आगे बताते हैं, “एमडॉक्स में अपनी नोटिस की अवधि के दौरान, मेरे पूर्व प्रबंधक ने सभी कर्मचारियों को एक ई-मेल भेजा जिसमें कहा गया था कि वह मन और शरीर के अभ्यास पर एक कार्यशाला आयोजित करने जा रहे थे। मुझे दिलचस्पी थी और तब मुझे पहली बार फालुन दाफा के बारे में पता चला।”

 

हेमंत फालुन दाफा का पांचवां अभ्यास करते हुए। (Image courtesy of Hemant)

कार्यशाला के दौरान, हेमंत को ज़ुआन फालुनफालुन दाफा के अभ्यास की मुख्य पुस्तक पेश की गयी।

ज़ुआन फालुन  पढ़ने के बाद, मुझे समझ में आया कि अच्छा और बुरा ‘सत्य, करुणा और सहनशीलता’ के आधार पर आंका जाना चाहिए, और यह कि ब्रह्मांड वास्तव में इन धार्मिक सिद्धांतों द्वारा निर्देशित है। अब मैं उलझन में नहीं था और जानता था कि खुद को कैसे संचालित करना चाहिए।”

हेमंत फालुन दाफा की पुस्तक ज़ुआन फालुन  पढ़ रहे हैं।(Image courtesy of Hemant)

2014 में, हेमंत एक ग्राहक के लिए सॉफ्टवेर कंसलटेंट के रूप में काम करने के लिए स्वीडन चले गए, लेकिन उनका कॉन्ट्रैक्ट 2015 की शुरुआत में ही समाप्त हो गया।

“स्वीडन में मेरा कॉन्ट्रैक्ट खत्म हो जाने के बाद, मैंने अपनी भारतीय कंपनी को त्यागपत्र दे दिया। मैं स्वीडन में तीन महीने तक रहा और एक नई नौकरी खोजने पर ध्यान केंद्रित नहीं कर सका। मैं इसके बजाय जीवन के अर्थ की खोज कर रहा था, और यह मेरे जीवन की एकमात्र प्राथमिकता बन गयी थी।”

उन्होंने कहा, “कई सारी बातों से गुज़रने के बाद, मुझे अंततः यह समझ में आया कि यह अभ्यास ही मेरे लिए एक सही रास्ता था।”

हेमंत फालुन दाफा का दूसरा अभ्यास करते हुए। (Image courtesy of Hemant)

अभ्यास के मार्गदर्शक सिद्धांतों, अर्थात् सत्य, करुणा, और सहनशीलता से प्रेरित होकर, हेमंत ने कहा, “ये मूल्य हर जगह मेरे सामने आते हैं। सचमुच, यह सार्वभौमिक सिद्धांत हैं।”

“एक पेशेवर के रूप में, मैं अपनी नौकरी अच्छी तरह से करने की कोशिश करता हूं, दूसरों के दृष्टिकोण से सोचता हूं, अपने सहकर्मियों और नियोक्ता की परवाह करता हूं। मैं अपने ग्राहक को वास्तविक मूल्य प्रदान करने में विश्वास करता हूं। मेरा काम मेरे जीवन के प्रमुख हिस्सों में से एक है जहां मैं दूसरों की सेवा करता हूं और उनके लिए कुछ मूल्य बनाता हूं।”

हेमंत ने कहा कि फालुन दाफा अभ्यास के लाभ केवल इतने ही तक नहीं रुक गए, क्योंकि उनके स्वास्थ्य में भी सुधार हुआ है, और अब वह “जीवन में सभी परिस्थितियों को शांत और सरलता से सँभालने में सक्षम हैं, बजाय छोटी छोटी चीजों से परेशान होने में।”

उन्होंने साझा किया कि फालुन दाफा, जिन्हें फालुन गोंग भी कहा जाता है, पहली बार चीन में 1992 में परिचित करवाया गया था। इस प्राचीन ध्यान प्रणाली ने अपने अत्यधिक स्वास्थ्य लाभों के कारण विश्व भर में लोकप्रियता प्राप्त की है। 1992 से 1997 के बीच, 70 मिलियन से अधिक लोग अकेले चीन में ही फालुन दाफा का ध्यान अभ्यास करने लगे थे। हालांकि, इस तथ्य के बावजूद कि इस अभ्यास ने लोगों को पुनः स्वस्थ होने में मदद की, चीनी कम्युनिस्ट शासन के पूर्व नेता जियांग जेमिन ने जुलाई 20, 1999 को इस शांतिपूर्ण अभ्यास के विरुद्ध उत्पीड़न के अवैध, राष्ट्रव्यापी अभियान की घोषणा की। अनगिनत, निर्दोष अभ्यासी पिछले 19 वर्षों में चीन में क्रूरता से मारे गए हैं।

(Credit: Samira Bouaou/The Epoch Times)

जब हेमंत ने पहले इस उत्पीड़न के बारे में सुना, तो उन्होंने कहा: “मैंने सोचा कि इस अभ्यास में कुछ तो दोष है। अन्यथा, पूरी सरकार इसके विरुद्ध क्यों होगी? मैं बहुत संदिग्ध था, इसलिए मैंने स्वयं शोध की और शिक्षाओं को खुद से पढ़ा और इस स्थिति की सच्चाई को समझा।”

चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (CCP) के हाथों फालुन दाफा के अभ्यासियों को दिए जाने वाले तर्कहीन उत्पीड़न की क्रूर वास्तविकता को समझने के बाद, हेमंत को इस अन्याय को सार्वजानिक करने और लोगों को बताने की आवश्यकता महसूस हुई।

“मैंने विभिन्न स्वास्थ्य प्रदर्शनी में भाग लेना शुरू किया, और स्वीडिश राजनीतिक घटना में, जिसे अल्मेडल्सवेकान ( Almedalsveckan) के नाम से जाना जाता है। मैं स्थानीय लोगों के लिए बैठक का भी आयोजन करता हूं और उन्हें अभ्यास की शांतिपूर्णता के बारे में बताता हूं।”

Image courtesy of Hemant

यह पूछे जाने पर कि वह इसका संचालन, प्रतिस्पर्धी पश्चिमी दुनिया में कैसे करते हैं, तो हेमंत के पास एक उत्तम, फिर भी व्यावहारिक उत्तर था।

उन्होंने कहा, “मैं काम की दृढ़ नैतिकता को महत्व देता हूं और प्रतिस्पर्धी मानसिकता न रखने की कोशिश करता हूं, इस प्रकार यह मुझे एक बेहतर सह-कर्मी बनने में मदद करता हैमेरे लिए यह फालुन दाफा के सिद्धांतों को अमल में लाना और बेहतर सहयोग करना होगा।” उन्होंने कहा, “कभी-कभी टीम में होते हुए हमारी अलग-अलग राय हो सकती है, लेकिन मैं अपनी मान्यता से अनुलग्नता रखकर अपने प्रोजेक्ट से सम्बंधित कार्य को प्रभावित नहीं होने देता हूं।”

हेमंत ने कहा कि, चुनौतीपूर्ण तकनीकी दुनिया के व्यवसायी होने के नाते, वह “सत्य, करुणा और सहनशीलता के सार्वभौमिक सिद्धांतों के साथ अपने जीवन के कार्यक्रम को व्यवस्थित करने” का सर्वश्रेष्ठ प्रयास करते हैं।

“जीवन ‘सत्य, करुणा और सहनशीलता’ के सिद्धांतों को सम्मिलित करने के अवसरों से भरा पड़ा है। मुझे जीवन का ऐसा कोई भी हिस्सा नहीं दिखाई देता जहां इसकी आवश्यकता नहीं है।” हेमंत ने आखिर में कहा कि, “चाहे वह कोई नौकरी, व्यक्तिगत जीवन या कोई सामाजिक परिस्थिति हो, या फिर एकांत में बैठकर सोचने की बात हो, मैं हर जगह फालुन दाफा के मार्गदर्शक सिद्धांतों को सम्मिलित कर सकता हूं।”


संपादक का संदेश:

फालुन दाफा (फालुन गोंग के नाम से भी जाना जाता है) सत्य, करुणा और सहनशीलता के सार्वभौम सिद्धांतों पर आधारित एक आत्म-सुधार ध्यान प्रणाली है, जो स्वास्थ्य और नैतिक चरित्र को सुधारने और आध्यात्मिक ज्ञान प्राप्त करने के तरीके सिखाती है।

यह चीन में 1992 में श्री ली होंगज़ी द्वारा जनता के लिए पेश किया गया था। वर्तमान में 114 देशों में 100 मिलियन से अधिक लोगों द्वारा इसका अभ्यास किया जा रहा है। लेकिन 1999 के बाद से इस शांतिपूर्ण ध्यान प्रणाली को क्रूरता से चीन में उत्पीड़ित किया जा रहा है।

अधिक जानकारी के लिए, कृपया देखें:  falundafa.org and faluninfo.org. सभी पुस्तकें, व्यायाम संगीत, संसाधन और निर्देश पूरी तरह से निःशुल्क, कई भाषाओँ में (हिन्दी में भी) उपलब्ध हैं।

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