कोरियाई प्रत्यारोपण पर्यटकों की देखरेख करने वाली नर्स कहती हैं, “चीन में, अंग आसानी से मिल जाते हैं।”

  • कोरियाई अंग प्रत्यारोपण के लिए चीन में भाग भाग कर आ रहे हैं: तीन साल से 3,000 से अधिक, और यह सिर्फ एक अस्पताल में।
  • मांग करने पर अंग आसानी से उपलब्ध होते हैं।
  • अंगों की इस बड़े पैमाने की आपूर्ति का राज़ क्या है? चीन इस अंगों की असीमित आपूर्ति कहां से प्राप्त करता है?
  • उन लोगों के मानवाधिकारों का क्या जिनके अंगों को निकाला जाता है? क्या अंग आपूर्ति के इस कार्य में मानवाधिकारों के उल्लंघन को उचित ठहराया जा सकता है? क्या अंगों के लिए हत्या करना उचित है?

वृत्तचित्र “किलिंग टू लिव: चीन के प्रत्यारोपण पर्यटन का अंधेरा पक्ष” में यह दर्शाया गया है कि, तीन कोरियाई फिल्म निर्माता एक नकली रिश्तेदार के लिए गुर्दे खरीदने के बहाने चीन की यात्रा करते हैं।

टियांजिन (Tianjin) के “टी अस्पताल” प्रत्यारोपण केंद्र में वे एक कोरियाई-चीनी नर्स से मिलते हैं जो कोरियाई रोगियों के लिए प्रक्रियाओं और लागतों पर सलाह देती हैं, जो प्रत्यारोपण के लिए चीन आते हैं।

वह कहती हैं, “कोरिया में, आप को लगभग हमेशा के लिए आवश्यक अंगों की प्रतीक्षा करनी पड़ती है।” “लेकिन चीन में, अंग आसानी से मिल जाते हैं। मुझे नहीं पता कि वे कहां से आते हैं। यहां ताजा अंग लाने के लिए केवल दो घंटे लगते हैं।”

जब पूछा गया कि प्रति दिन कितने प्रत्यारोपण किए जाते हैं, तो नर्स जवाब देती है, “कल, एक पैनक्रिया, तीन गुर्दे, और चार लीवर।”

नर्स का कहना है कि इन अंगों के लिए प्रतीक्षा का समय कुछ दिनों और दो महीने के बीच होता है।

फिर वह कहती हैं कि यदि रोगी प्रत्यारोपण केंद्र को पैसा दान करता है—वांछित राशि 100,000 युआन (US$15,000)—तो प्रतीक्षा का समय भी कम किया जा सकता है।

वह कहती हैं, “आप नियमित बिल का भुगतान करते हैं और अतिरिक्त भुगतान करते हैं,” और आगे यह कहा कि गुर्दे की लागत US$130,000 है।

कोरिया में, आमतौर पर गुर्दे को पाने में पांच साल लगते हैं, और प्रतीक्षा करते करते कई लोग मर जाते हैं। अन्य अंगों को प्राप्त करना लगभग असंभव है। संयुक्त राज्य अमेरिका और कनाडा जैसे देशों में, कौनसा अंग चाहिए उसके आधार पर, प्रत्यारोपण सर्जरी के लिए प्रतीक्षा समय लगभग दो साल है।

एक अंग प्रत्यारोपण के लिए चीन जाने वाले कोरियाई टी अस्पताल पसंद करते हैं। वृत्तचित्र के अनुसार, इसमें प्रत्यारोपण के लिए समर्पित 500 बेड हैं, और ऑपरेटिंग रूम दिन रात काम करता है, दिन के 24 घंटे।

फालुन गोंग से संबंध

वृत्तचित्र में स्पष्ट प्रश्न पूछा जाता है—अंगों की ऐसी तैयार आपूर्ति कहां से आती है—और यह निष्कर्ष निकाला जाता है कि वे चीन में विवेक के फालुन गोंग कैदियों से अवैध रूप से पाए जाते हैं, जो “दानदाता” जीवित होते हैं लेकिन निष्कर्षण प्रक्रिया के दौरान वे मर जाते हैं। दूसरे शब्दों में, वे चीन के अत्यधिक आकर्षक प्रत्यारोपण उद्योग की भूख को मिटाने के लिए उनके अंगों की मांग के लिए मारे जाते हैं।

फालुन गोंग, या फालुन दाफा, एक पारंपरिक आध्यात्मिक अनुशासन है जो सत्य, करुणा और सहनशीलता के सिद्धांतों का समर्थन करता है और जो 1990 के दशक में चीन और दुनिया भर में फैल गया था।

इसकी अत्यधिक लोकप्रियता और नैतिक चरित्र में सुधार करने पर इसका ध्यान केन्द्रित होने के कारण, चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (सीसीपी) ने जुलाई 1999 में फालुन गोंग अनुयायियों के खिलाफ उत्पीड़न का अभियान शुरू किया जो आज भी जारी है।

चीन ऑर्गन हार्वेस्ट रिसर्च सोसाइटी (China Organ Harvest Research Society) के अनुसार, चीन ने 1960 के दशक में मानव अंग प्रत्यारोपण पर अनुसंधान और नैदानिक प्रयोगों का संचालन करना शुरू किया था, लेकिन 2000 तक इस उद्योग का घातीय वृद्धि की अवधि में प्रवेश नहीं हुआ था—जो फालुन गोंग को खत्म करने के लिए सीसीपी के अभियान की शुरूआत के साथ साथ हुआ था।

कनाडाई डेविड मटास (David Matas) और डेविड किल्गोर (David Kilgour) द्वारा लिखे गए 2006 के “ब्लडी हार्वेस्ट” (Bloody Harvest) नामक एक रिपोर्ट में पाया गया कि विवेक के फालुन गोंग कैदियों को उनके अंगों के लिए बड़े पैमाने पर मारा जा रहा था—जिसे मटास ने “बुराई का एक रूप जिसे हमने अभी तक इस ग्रह पर नहीं देखा है” के रूप में वर्णित किया।

2016 में मटास, किल्गोर और अमेरिकी लेखक ईथन गटमैन (Ethan Gutmann) द्वारा जारी की गई उस रिपोर्ट के अपडेट का हवाला देते हुए, वृत्तचित्र में यह बताया गया है कि कोरियाई रोगियों ने 2000 के दशक की शुरुआत में प्रत्यारोपण सर्जरी के लिए बड़ी संख्या में चीन जाना शुरू किया—अनुमानित 2,000 प्रति वर्ष।

“ब्लडी हार्वेस्ट / द स्लॉटर – एन अपडेट” (“Bloody Harvest/The Slaughter – An Update) ने पाया कि चीन के 169 सरकारी अनुमोदित प्रत्यारोपण अस्पतालों में 2000 से दस लाख से अधिक प्रत्यारोपण करने की क्षमता है।

रिपोर्ट में कहा गया है: “कम्युनिस्ट पार्टी द्वारा फालुन गोंग का राक्षसीकरण और क्रूरकरण और स्वास्थ्य प्रणाली की अंगों की अतृप्त मांग ने एक सिम्बियोसिस का निर्माण किया है। एक दूसरे की भूख मिटाते हुए, यह संयोजन एक अभूतपूर्व, और कल्पना से परे, मानव आपदा बन गया है।”

मस्तिष्क की मौत का मशीन

फिल्म निर्माताओं ने प्राइमरी ब्रेनस्टेम इंजरी मशीन (Primary Brainstem Injury Machine), उर्फ द ब्रेन डेथ मशीन नामक एक उपकरण के अस्तित्व की खोज की। उन्होंने चोंगचिंग मिलिटरी अस्पताल (Chongqing Military Hospital), जिसे आधिकारिक रूप से मशीन का उपयोग करने का लाइसेंस प्राप्त है, के एक शोधकर्ता से बात की।

शोधकर्ता ने मशीन के बारे में कहा, “यह मस्तिष्क की मौत का कारण बनता है, लेकिन इससे अन्य अंग क्षतिग्रस्त नहीं होते हैं।”

ब्रेन डेथ मशीन का आविष्कार वांग लिजुन (Wang Lijun) नामक, विशाल-शेहर चोंगचिंग (Chongqing) के एक पूर्व-उपाध्यक्ष और पुलिस प्रमुख और लिओनिंग रिसर्च सेंटर (Liaoning Research Center) के पूर्व प्रमुख ने किया था।

वांग ने 2003 से 2008 के बीच केंद्र में काम किया था, जिसके दौरान उन्होंने इंजेक्शन देने योग्य एक दवा का भी आविष्कार किया जो अंगों को हानि पहुंचाए बिना मार देता है। वृत्तचित्र के अनुसार, उन्होंने दवाओं का परीक्षण करने के लिए जीवित मनुष्यों पर नैदानिक परीक्षण करने का भी स्वीकार किया, जिन्हें पेटेंट किया गया है।

कोरिया में एनटीडी टेलीविजन के संपादक किम दयांगोंग (Kim Daygeong) ने वांग का वर्णन “एक हिंसक और अमानवीय अधिकारी” होने का किया।

“उन्होंने हजारों फालुन गोंग अभ्यासिओं के मानव शरीरों पर प्रयोग किया,” उन्होंने कहा।

वांग वर्तमान में सत्ता का दुरुपयोग, रिश्वत और दल-बदली के आरोप में 15 साल की अवधि की जेल की सज़ा काट रहे हैं।

मानवाधिकारों का क्या?

दक्षिण कोरिया के टीवी चॉसुन (Chosun) ने “किलिंग टू लिव” का निर्माण किया, जिसे पहली बार नवंबर 2017 में, उनके साप्ताहिक कार्यक्रम  “इन्वेस्टिगेटिव रिपोर्ट सेवेन”, में प्रसारित किया गया था और युन जीओंगसेप (Yun Jeongseop) द्वारा होस्ट किया गया था।

“कोई आश्चर्य की बात नहीं है कि कोरियाई लोग अंगों के लिए चीन जा रहे हैं,” जीओंगसेप ने कहा, इस बात को बताते हुए कि दाताओं के लिए प्रतीक्षा करती सूची में 32,000 कोरियाई लोग हैं।

“लेकिन एक ‘नैतिक मुद्दा’ है, उन्होंने कहा, “यह अधिकतर मुमकिन है कि अंगों को अवैध रूप से निकाला गया है ” और “अंग निकालने को एक प्राणदण्ड का तरीका माना गया है।”

“उन लोगों के मानवाधिकारों का क्या जिनके अंगों को निकाला जाता है? क्या मानवाधिकारों के उल्लंघन को अंग प्राप्ति के व्यवसाय द्वारा उचित ठहराया जा सकता है?” वे पूछते हैं।

चीन में जबरन अंग कटाई को उद्घाटित करने में उनके काम के लिए किल्गोर के साथ नोबेल शांति पुरस्कार के लिए मनोनीत एक प्रशंसित अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार वकील मतास ने हाल ही में मानवाधिकारों के गहरे अर्थ के बारे में बात की।

“यदि विशेषज्ञों पर छोड़ दिया जाए तो मानवाधिकार निरर्थक हो जाते हैं। केवल हमारी सामान्य मानवता के कारण, मानवाधिकार हम सभी की संपत्ति है। जब तक हम उन अधिकारों पर दावा नहीं करते हैं, वे कुम्हला जाएंगे और मर जाएंगे,” उन्होंने जून 12, 2018 को कनाडा के अल्बर्टा विश्वविद्यालय (University of Alberta) में कहा, जहां उन्हें कानून की मानद उपाधि से सम्मानित किया गया।

“मानवाधिकार उल्लंघन एक फैलता हुआ धब्बा है। इससे पहले कि वे हम तक पहुंचे, और हम उसे रोक नहीं देते, हम पीड़ित बन जाएंगे। यदि हम इसके लिए इंतजार करते हैं, तो बहुत देर हो जाएगी। मतास ने अपने दीक्षांत समारोह (convocation address) में कहा, “जब हम अभी पर्याप्त मात्रा में है जो इस मामले में उस एकजुटता से पीड़ित नहीं हैं तभी ही हमें मानव एकजुटता का प्रयोग करना चाहिए।”

“मानवता के खिलाफ अपराधों को यह नाम दिया गया है क्योंकि वे हम सभी के खिलाफ अपराध हैं। जब मानवता के खिलाफ अपराध किए जाते हैं, हम सभी पीड़ित होते हैं। हम सभी को पीड़ित होने से नुकसान का सामना करना पड़ता है।”

वृत्तचित्र के अंत में, जीओंगसेप का कहना है कि एक मज़बूत स्वैच्छिक अंगदान कार्यक्रम चीन के विरुद्ध जीवित पर्यटन का मुकाबला करने की कुंजी है। स्पेन की बहुत ही सफल “ऑप्ट आउट” प्रणाली को ध्यान में रखते हुए, जिससे सभी नागरिक अंग दान के लिए स्वचालित रूप से पंजीकृत होते हैं जब तक कि वे खुद मरने से पहले इसको नकारते नहीं हैं।

“प्रत्यारोपण को जीवित रखने के लिए मानवाधिकार, नैतिकता और मानव वृत्ति शामिल होनी चाहिए,” वे कहते हैं। “यह आपका निर्णय है।”

संपादक का नोट: इस महत्वपूर्ण वृत्तचित्र को बनाने के लिए टीवी चॉसुन को विशेष धन्यवाद दिया जाता है। चीन में अंगों के लिए हत्या के अत्याचार के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए जितना अधिक किया जाए उतना अच्छा है, क्योंकि यह घृणास्पद और अमानवीय कार्य ख़त्म होना चाहिए। फिल्म और आलेख को व्यापक रूप से लिंक करने और साझा करने के लिए कृपया अपना योगदान दें।

यहां वीडियो देखें:

दक्षिण कोरियाई टीवी वृत्तचित्र डॉक्टर्स अगेंस्ट फोर्स्ड ऑर्गेन हार्वेस्टिंग (डीएएफओएच) (Doctors Against Forced Organ Harvesting (DAFOH)) चीन में अंगों को जबरन निकालने की पुष्टि करता है।

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