मेरी सहेली ने जो देखा वह विश्वास नहीं कर सकी।

यह 2005 की गर्मियों में हुआ था। चार महीने से भी कम समय में, मेरे पहले से ही कम वजन वाले शरीर से और 12 पाउंड कम हो गए थे। मैं इतनी कमज़ोर थी कि मेरा मासिक धर्म रुक गया था। मैं बहुत धीरे-धीरे चल कर अपनी सहेली की ओर गयी, क्योंकि मैं बहुत कमजोर थी।

इस तरह वजन का बेहद घटना एक सख्त आहार के पालन करने का परिणाम था जो कि एक काईरोप्रैक्टर ने यह देखने के बाद निर्धारित किया था कि मैं वसा और कार्बोहाइड्रेट को अच्छी तरह से पचाने में सक्षम नहीं थी।

यह उपचार उस समय के कई उपचारों में से एक था जिसे मैंने अपने स्वास्थ्य में सुधार लाने की उम्मीद से अपनाया था, ताकि मैं एक व्यवहार्य गर्भावस्था प्राप्त कर सकूं।

दो साल पहले, मुझे एक दर्दनाक गर्भपात का अनुभव हुआ था जिसने मेरे पति और मेरे सामने यह सवाल खड़ा कर दिया कि क्या हमारे कभी बच्चे हो भी सकते हैं या नहीं। मैं कई वर्षों से कई स्वास्थ्य समस्याओं से पीड़ित थी और अंततः इस गर्भावस्था ने हमें कुछ आशा दी थी। लेकिन यह नहीं होना था।

उस सारी उदासी और निराशा के साथ जो इस तरह की त्रासदी लाती है, मैंने अपने स्वास्थ्य को सुधारने और फिर गर्भवती होने के लिए उन सभी स्रोतों से मदद की तलाश की जो मैं सोच सकती थी। मैं वास्तव में एक माँ बनना चाहती थी।

मैंने विभिन्न डॉक्टरों और अन्य स्वास्थ्य देखभाल पेशेवरों का दौरा किया और कई वैकल्पिक उपचारों की कोशिश की, लेकिन उनमें से कोई भी बहुत अच्छी तरह काम नहीं आया।

“दो साल पहले मैंने दर्दनाक गर्भपात का अनुभव किया था।”

काईरोप्रैक्टर के भुखमरे वाला आहार लेने के बाद जैसे जैसे मेरा स्वास्थ्य और बिगड़ता चला गया, मेरी मनोदशा भी बिगड़ने लगी और अपने खुद के बच्चे होने के और अच्छे स्वास्थ्य के लिए मेरे सपने धुंधले होते नज़र आए।

अच्छी खबर यह है कि उन्ही दिनों मेरे एक पुरानी सहेली से मिलने के कारण, मैं उसी वर्ष अपने स्वास्थ्य को पुनः प्राप्त करने में कामयाब रही।

जब उन्होंने मुझे और मेरा कमजोर शरीर देखा, तो उनकी आँखें भर आईं, क्योंकि मैंने उन्हें उनके एक और दोस्त की याद दिला दी थी जो अंततः कैंसर के सामने हार चुकी थीं। हमने कुछ मिनिट साथ बिताकर बातें की। उस आकस्मिक मुलाकात के बाद, मुझे एहसास हुआ कि मैं कितनी हास्यास्पद थी, स्वास्थ्य और पूर्ति के पीछे भाग रही थी, और इस प्रक्रिया में, मैंने अपने स्वास्थ्य को अधिक खतरे में डाल दिया था। मैं अपने इरादे के बिलकुल विपरीत कार्य कर रही थी!

मुझे अपने गर्भपात से कुछ समय पहले के एक मार्ग की याद आ गयी जिसपर मैं चलती थी, जिससे मैं सचमुच खुद की देखभाल कर पाती, यदि मैं अपनी स्वास्थ्य समस्याओं को ठीक करने और खुशहाल जीवन पाने के लिए त्वरित समाधान पाने की कोशिश नहीं करती।

मेरे उस पथ को फिर से खोजने के बाद धीरे-धीरे मेरे स्वास्थ्य और जीवन में सुधार आया, और तब से मैं लगातार बेहतर हो रही हूं। मैं अपनी कहानी यहां साझा करती हूं ताकि आप मेरी स्थिति को बेहतर ढंग से समझ सकें और जान सके कि कैसे इस पारंपरिक अभ्यास ने मुझे अपने चरित्र में सुधार लाने और अपने पैरों पर फिर से खड़े होने में मदद की, और कई अन्य लोगों की भी मदद की है।

बचपन से कई स्वास्थ्य सम्बंधित समस्याएं

लेखिका (मध्य), 1972 में, जब वह 3 साल की थीं, तब उनके बड़े भाई और बहन के साथ

जब से मैं छोटी थी तब से मुझे कई शारीरिक समस्याओं का सामना करना पड़ा था।

जब मैं 3 1/2 साल की थी, तो मुझे निमोनिया हो गया था और मैं इतना खांसती थी कि मेरे पीठ की एक मांसपेशी खींच गयी। मुझे याद है कि मेरी छाती में तीव्र दर्द होता यदि मैं अपनी पीठ पर जल्दी से लेट जाती।

मैं हमेशा पहले एक तरफ लेटने की कोशिश करती थी ताकि मुझे दर्द महसूस ना हो। मुझे याद है कि जब मैं 8 या 9 वर्ष की थी, तो मैंने अपनी मां से कहा था, “माँ, मुझे लगता है जैसे मुझे गोली मार दी गई है।” वह मुझे कौतूहलपूर्वक देखती और अजीब दबी हुई हंसी हंसती।

उस समय कोई भी नहीं जानता था कि इसको कैसे समझें। यह कई सालों बाद था जब एक डॉक्टर ने मुझे बताया कि यह शायद फंसा हुआ गैस हो सकता है। पिछली बातें सोचती हूँ तो मुझे एहसास होता है कि मैं कभी भी पूरी तरह श्वास नहीं ले सकती थी, जो समय बीतते थकान और पाचन समस्याओं जैसे कई चिकित्सा समस्याओं का कारण बना।

10 साल की उम्र में, मेरे साथ एक बाइक दुर्घटना हुई जिसके परिणामस्वरूप अस्थायी अंधापन और विभिन्न ज्ञान-संबंधी समस्याएं हुईं।

1979 में 10 साल की उम्र में अपनी मां के साथ जन्मदिन की पार्टी में लेखिका।

इस दुर्घटना से पहले, मैं वर्तनी और पढ़ने में बहुत ही अच्छी थी और बहुत अधिक प्रयास किए बिना अच्छे ग्रेड प्राप्त करने में सक्षम थी। लेकिन उस घटना के बाद, मैं मेहनत करने के बिना सीधे ए ग्रेड प्राप्त करने से अब बहुत ही संघर्ष करने के बाद बी और सी तक चली गयी थी। मुझे एकाग्रता और स्मृति को लेकर विशिष्ट समस्याएं थीं।

इससे मुझमें उन लोगों के प्रति नाराज़गी और ईर्ष्या का एक तीव्र प्रकोप पैदा हुआ जो मेरी तरह संघर्ष नहीं कर रहे थे। जब भी मेरे परिवार के सदस्यों या साथियों में से एक कुछ अच्छा कार्य करता और प्रशंसा और मान्यता प्राप्त करता, तो मैं तुरंत घृणा महसूस करती थी, और मुझे लगता था कि मैं सब से पीछे रह गयी हूँ। मैं अपने आप को पूरी तरह फँसी हुई और निराश महसूस करती थी।

लेखिका (मध्य) 1987 में 18 साल की उम्र में अपनी मां (बाएं) और उनकी बड़ी बहन के साथ उनके हाई स्कूल से स्नातक होने पर।

जब मैं 21 वर्ष की थी, तब मैं गंभीर सिरदर्द से पीड़ित होने लगी। दो साल बाद, एक न्यूरोलॉजिस्ट ने पाया कि मैं जन्मजात मस्तिष्क की एक स्थिति के साथ पैदा हुई हूँ और मेरे मस्तिष्क के पीछे दो बड़े सिस्ट थे। 25 साल की उम्र होने से पहले मैंने उन सिस्ट को जितना हो सके उतना हटाने के लिए सर्जरी करवाई।

हालांकि, मेरे लक्षण कम नहीं हुए, पर और बिगड़ गए। मैं न केवल लगातार सिरदर्द, पाचन कठिनाइयों और थकान का सामना कर रही थी, बल्कि स्त्री रोग संबंधी लक्षण, थायरॉइड और मधुमेह के लक्षणों का भी अनुभव कर रही थी।

एक मनोवैज्ञानिक बनना

मेरे स्वास्थ्य की समस्याओं के बावजूद, मैंने मनोवैज्ञानिक बनने के अपने करियर के लक्ष्य को आगे बढ़ाने के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रयास किया।

मनोविज्ञान मेरे लिए एक प्राकृतिक तौर से पसंदीदा करियर प्रतीत होता था। तीन बच्चों में से सबसे छोटी होने के कारण, मुझे अक्सर लगता था कि मेरी कही हुई बातों को कोई महत्त्व नहीं देता था, या कम से कम उतना नहीं जितना कि मेरे भाई बहनों की बातों को महत्त्व दिया जाता और बुद्धिमान समझा जाता था। न्यूनता का यह अनुभव मेरे पिता के पुनर्विवाह के बाद और बिगड़ गया, जिसके परिणामस्वरूप तीन और बच्चे भी मेरे घर में आ गए थे जो सब मुझसे उम्र में बड़े थे।

अपने आप को अदृश्य और अनसुना महसूस करते हुए, मैं बहुत शर्मीली और शांत हो गयी थी। मैं दूसरों को ध्यान से देखने में बहुत समय बिताती और किसी ऐसे व्यक्ति को पाने की आशा करती जो मुझे बिना मेरे बारे में कोई राय बनाए मेरा समर्थन और प्रोत्साहन करने में मदद करता।

मैं वह बनना चाहती थी जो संघर्ष करने वाले लोगों की मदद कर सके, जो उन्हें अपनी पहचान ढूंढने में मदद कर सके और ऐसी कई चुनौतियों का सामना करने में, जिनके साथ मैं अपने जीवन में खुद निपटी थी।

लेखिका ने 2001 में 32 साल की उम्र में मनोविज्ञान में डॉक्टरेट की डिग्री प्राप्त की।

कॉलेज में, मैंने मनोविज्ञान और कला अध्ययनों में एक संयुक्त पूर्वस्नातक डिग्री का प्रोग्राम पूरा किया, और स्नातक होने पर फिलाडेल्फिया के स्थानीय अस्पताल में बुजुर्गों के साथ काम करते एक मनोचिकित्सक तकनीशियन के रूप में पद स्वीकार करने से पहले विभिन्न प्रकार के परामर्श किये।

इस पद में दो साल काम करने के बाद, मैं मनोविज्ञान में डॉक्टरेट की डिग्री प्राप्त करने के लिए स्नातक स्कूल गयी। 32 साल की उम्र में 2001 में, मैं एक नैदानिक मनोवैज्ञानिक बन गयी।

उपचार के लिए खोज

जब कई पारंपरिक चिकित्सा उपचारों से मुझे मदद नहीं मिली, तब स्नातक विद्यालय में मैंने कई वैकल्पिक उपचारों की कोशिश की, जिनमें कायरोप्रैक्टिक, बायो क्रैनियल थेरेपी, पोषण थेरेपी, एक्यूपंक्चर, क्रैनिओसेक्रल थेरेपी और न्यूरोक्रेनियल पुनर्गठन शामिल थे। ऐसा लगता कि उनसे मदद मिल रही है, लेकिन प्रभाव अल्पकालिक होते थे।

लेखिका कई स्वास्थ्य समस्याओं से पीड़ित हुई और राहत पाने की उम्मीद में कई अलग-अलग उपचारों को आज़माया।

जब मैं अपने पोस्टडॉक्टरल इंटर्नशिप को पूरा करने के लिए फिलाडेल्फिया लौट आई, तो मुझे फालुन दाफा नामक मन और शरीर के लिए पारंपरिक चीनी आध्यात्मिक अभ्यास के साथ परिचित किया गया, जिसे फालुन गोंग भी कहा जाता है। तत्पश्चात इसने मेरे जीवन को पूरी तरह से बदल दिया, लेकिन तब तक नहीं जब तक मैंने इसके सिद्धांतों को वास्तव में समझना शुरू किया और महसूस किया कि मुझे अपनी समस्याओं के हल को खुद के बाहर ढूँढने पर कुछ हासिल नहीं होगा।

चरित्र सुधार – बनाम – स्वास्थ्य का पीछा करना

वह व्यक्ति जिन्होने मुझे फालुन दाफा से परिचित करवाया, और जो मनोचिकित्सा कार्यक्रम में एक निवासी थे, उन्होंने मुझे बताया कि अभ्यास करने के बाद कई लोगों ने अपने स्वास्थ्य में महत्वपूर्ण सुधार पाए हैं, इसलिए मुझे तुरंत ही दिलचस्पी पैदा हुई और मैं और अधिक जानना चाहती थी।

मैंने सीखा कि फालुन दाफा में सत्य, करुणा और सहनशीलता के सिद्धांतों के आधार पर नैतिक शिक्षाएं शामिल हैं, जिन्हें साधना अभ्यास प्रणाली के प्राथमिक पाठ ज़ुआन फालुन  में समझाया गया है, साथ ही चार सौम्य खड़े रहकर करने वाले अभ्यास और एक बैठकर ध्यान करने वाला अभ्यास शामिल हैं।

ज़ुआन फालुन (बाएं) का अंग्रेजी संस्करण, फालुन दाफा की शिक्षाओं की मुख्य पुस्तक, जिसे चीनी (दाएं) में अपने मूल संस्करण से 40 से अधिक भाषाओं में अनुवादित किया गया है।

भले ही यह एक आध्यात्मिक मार्ग है, फिर भी फालुन दाफा में पश्चिमी दुनिया के अधिकांश धर्मों की तरह कोई धार्मिक औपचारिकता नहीं है। इसके बजाय, पारंपरिक चीनी शब्दावली में इसे “साधना अभ्यास” कहा जाता है, जो आध्यात्मिक ज्ञान के मार्ग पर किसी के नैतिक चरित्र की साधना या सुधार को संदर्भित करता है।

मेरे साथी निवासी ने मुझे अभ्यास सिखाए और मैं सीखने के लिए उत्सुक थी। लेकिन अभ्यास शुरू करने के लिए मेरी मुख्य प्रेरणा मेरी बीमारियों को ठीक करने के लिए इसका इस्तेमाल करना था। मुझे सिद्धांतों की स्पष्ट समझ नहीं थी, जो सत्य, करुणा और सहनशीलता को आत्मसात करके किसी के चरित्र में सुधार करने पर जोर देते हैं। इसका परिणाम यह हुआ कि, मेरे स्वास्थ्य में कभी सुधार नहीं आया।

मेरी वापसी का रास्ता ढूँढना

2002 में लेखिका और उनके पति, जॉन का विवाह हुआ।

मैंने 2002 में शादी के एक और साल के बाद पहले वर्णित गर्भपात का सामना किया। मेरे अवसाद की स्थिति में और बच्चे की बेताब इच्छा के कारण, मैंने अपना ध्यान फिर से वैकल्पिक स्वास्थ्य उपचार में स्थानांतरित कर दिया और फालुन दाफा का पूरी तरह से अभ्यास करना बंद कर दिया।

जब मैं उस पुराने दोस्त से उस दिन मिली, तो मैं बहुत कमजोर और दुर्बल थी, मुझे फालुन दाफा की शिक्षाओं की याद आई और अचानक मुझे एहसास हुआ कि मेरे लिए वापस रास्ता तलाशने का और इस साधना अभ्यास की सच्ची अनुयायी बनने का समय आ गया था।

मैंने राहत की चाह की निराशा को छोड़ दिया और फालुन दाफा के अच्छे व्यक्ति होने के सिद्धांतों का पालन करने के लिए अपनी पूरी कोशिश की।

हर दिन मैंने ज़ुआन फालुन पढ़ा और फालुन दाफा के पूरे दो घंटे के अभ्यास किये। मैंने कायरोप्रेकटर द्वारा दी गयी खुराक को लेना बंद कर दिया, जिससे वैसे भी मुझे कोई मदद नहीं मिली थी, और मैं जो चाहती उसे खाना शुरू कर दिया।

लेखिका फालुन दाफा का एक अभ्यास करते हुए।

मेरे कायरोप्रैक्टर के साथ और दो सत्र बाक़ी थे। पहले सत्र में, उन्होंने तुरंत मेरे सुधारों को देखा और कहा कि मैं शक्तिशाली हो रही थी और स्वस्थ लग रही थी। उन्होंने बहुत गर्व और उत्साह से कहा, “उपचार आखिर में काम कर रहा है!” दूसरे सत्र में, उन्होंने टिप्पणी की कि वह मेरी प्रगति पर चकित थे। तब मैंने उनसे कहा कि मेरी स्वस्थ्य प्राप्ति फालुन दाफा का अभ्यास करने के कारण थी और मैंने वास्तव में दवाई लेना और सख्त आहार का पालन करना बंद कर दिया था।

मेरे स्वास्थ्य की पुनः प्राप्ती, मेरे ह्रदय की शुद्धि

फालुन दाफा का अभ्यास दुबारा शुरू करने के बाद मेरे कई लक्षण बेहद कम हो गए, और मैं उन्हें बेहतर तरीके से प्रबंधित करने में सक्षम थी। मेरा कुछ वज़न भी बढ़ गया! हालांकि मुझे पूर्ण स्वस्थ्य प्राप्ति का अनुभव नहीं हुआ, पर मेरे समग्र स्वास्थ्य में धीरे-धीरे सुधार हुआ और अधिक से अधिक स्थिर हो गया।

विशेष रूप से, जैसे जैसे मेरी नाराजगी और ईर्ष्या कम हो गई, मेरी शारीरिक स्थिति में सुधार हुआ। फालुन दाफा ने मेरी मानसिकता को बदलने और मेरे स्वास्थ्य की देखभाल करने के मेरे दृष्टिकोण को समायोजित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

4 जुलाई के प्रदर्शन में एक फालुन दाफा फ्लोट पर स्वर्गीय महिला के रूप में पहनावा पहनकर लेखिका।

अब मैं समझने लगी हूं कि बेहतर स्वास्थ्य और मन की शांति का मार्ग अपने दिल और दिमाग को शुद्ध करने से आता है, अपने से बाहर जवाबों को ढूँढने से नहीं। मुझे पता है कि मेरे अपने नैतिक चरित्र के स्तर को ऊपर उठाने, अपने विचारों को सही करने, और दूसरों के साथ कैसा व्यवहार करना है उसके बारे में सावधान रहने के लिए प्रयास करके, मैं अंततः अपनी सच्ची प्रकृति पर लौट सकूंगी और अपने सच्चे आत्म को पुनः प्राप्त कर सकूंगी, जो सच्चा, दयालु और सहिष्णु है।

जब मैं गुस्से और नाराजगी से भरी थी तो मैं अच्छा महसूस करने की उम्मीद कैसे कर सकती थी? मैंने यह समझना सीखा है कि हमारे विचारों में हमारी प्रेरणा, हमारे स्वास्थ्य और हमारी खुशी को प्रभावित करने के लिए एक जबरदस्त शक्ति है। फालुन दाफा के सिद्धांतों ने मुझे सिखाया कि वास्तव में उन सभी ज़हरीले विचारों और भावनाओं से ऊपर कैसे उठना है जो मेरे भौतिक शरीर को बीमार कर रहे थे और मेरी आत्मा को कमजोर कर रहे थे।

दूसरों की मदद करना, स्वयं की मदद करना

मैं अब 15 साल से अधिक समय से फालुन दाफा का अभ्यास कर रही हूं, और मैं कह सकती हूं कि उसने वास्तव में मेरे जीवन को बदल कर बेहतर बनाया है।

लेखिका (दाएं) और एक दोस्त फिलाडेल्फिया में एशियाई अमेरिकी विरासत माह उत्सव का आनंद ले रहे हैं।

मैं फिलाडेल्फिया में एक प्राइवेट प्रैक्टिस चलाती हूं, जहां मैं अवसाद, चिंता, आघात और समायोजन विकार सहित विभिन्न स्थितियों वाले बच्चों और वयस्कों का इलाज करती हूं। मेरे मरीजों में, मैं उन्ही भावनात्मक परीक्षणों और विपत्तियों को देखती हूं जो मुझे ऐसा जीवन जीने से रोकते थे जैसा कि मैं जीना चाहती थी।

जैसे जैसे फालुन दाफा मेरे जीवन को उज्ज्वल बना रहा है, यह मुझे दूसरों को एक मनोवैज्ञानिक के रूप में भी मदद करने में सहायता कर रहा है।

मैं आपको इस बात के लिए प्रोत्साहित करती हूं कि आप अपने आप में विश्वास करें और इस बात पर भरोसा रखें कि आपके अस्तित्व के केंद्र में आपके पास जवाब है, चाहे आप अपने जीवन में कैसी भी समस्या या कठिनाई का सामना कर रहे हो। मुझे यह भी उम्मीद है कि आपको फालुन दाफा के बारे में अधिक जानने और उसके फायदे का अनुभव करने का अवसर मिलेगा।

जेसिका रूसो (Jessica Russo) फिलाडेल्फिया में रहने वाली एक नैदानिक मनोवैज्ञानिक (clinical psychologist) हैं ।


संपादक का संदेश:

फालुन दाफा (फालुन गोंग के नाम से भी जाना जाता है) सत्य, करुणा और सहनशीलता के सार्वभौम सिद्धांतों पर आधारित एक आत्म-सुधार की ध्यान प्रणाली है, जो स्वास्थ्य और नैतिक चरित्र को सुधारने और आध्यात्मिक ज्ञान प्राप्त करने के तरीके सिखाती है।

यह चीन में 1992 में श्री ली होंगज़ी द्वारा जनता के लिए सार्वजनिक किया गया था। वर्तमान में 114 देशों में 100 मिलियन से अधिक लोगों द्वारा इसका अभ्यास किया जा रहा है। लेकिन 1999 के बाद से इस शांतिपूर्ण ध्यान प्रणाली को क्रूरता से चीन में उत्पीड़ित किया जा रहा है।

अधिक जानकारी के लिए, कृपया देखें:  falundafa.org and faluninfo.org. सभी पुस्तकें, अभ्यास संगीत, अन्य सामग्री और निर्देश पूरी तरह से निःशुल्क, कई भाषाओँ में (हिन्दी में भी) उपलब्ध हैं।

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