बहुत ही लम्बे समय से, मेरी 10 वर्षीय बेटी मालवा (Malva) का रात में सो पाना बहुत ही कठिन था। मुझे याद नहीं कि यह कब शुरू हुआ, लेकिन यह एक बड़ी चिंता थी।

हमारे सभी बच्चे एक ही समय पर सोते थे और छोटे लड़के जल्दी ही सो जाते थे, लेकिन मालवा नहीं। हमने विभिन्न प्रकार के उपचारों की कोशिश की लेकिन कुछ भी काम नहीं आ रहा था।

“माँ, मैं सो नहीं पाती। मैं कभी सो नहीं पाती,” वह अक्सर कई घंटे जागते रहने के बाद कहती। वह बिस्तर में बैठ जाती, बहुत ही बेताब होकर। और यह हर रात होता था।

जितनी अधिक रात गुज़रती, वह और अधिक उत्सुक हो जाती। वह चिंतित थी कि वह अगली सुबह जल्दी उठने में सक्षम नहीं हो पाएगी ताकि वह स्कूल के लिए समय पर तैयार हो सके। उसकी सुबह की एक दिनचर्या होती है और यदि वह इसके अनुसार चले तो वह शांत और खुशहाल स्कूल में जा पाती है। लेकिन अनिद्रा अक्सर इसमें हस्तक्षेप करती थी।

समस्या निवारण सीमित परिणाम लाता था

उसकी मां होने के नाते, मैं लगातार मालवा को रात की अच्छी नींद प्राप्त करने में मदद करने के तरीके ढूंढने की कोशिश करती रहती थी।

मालवा अपने छोटे भाई के साथ ध्यान अभ्यास कर रही हैं

संतुलन की आवश्यकता के बारे में जागरूक होते हुए, मुझे पता था कि दिन में बहुत अधिक शारीरिक गतिविधियां और साथ ही कुछ भी मानसिक गतिविधि सोने के समय के करीब की जाए तो वह उत्तेजित करता है, उससे शांत होना और नींद आना मुश्किल हो जाता है।

इसलिए हमने कुछ गतिविधियों को कम करने का फैसला किया; मालवा ने अक्सर स्कूल के बाद अपने दोस्तों के साथ खेलने के अवसर भी बलिदान किए। हमने रात में बहुत जल्दी सोने की ठानी।  मेरे पति और मैं उससे पता लगाने के लिए कि क्या उसे कुछ परेशान कर रहा था, उसके साथ आराम से बातचीत करते थे।

लेकिन इस सब का बहुत सीमित परिणाम हुआ। नींद के बिना रातें जारी रही और हमें समझ नहीं आ रहा था कि हम क्या करें। मैं यह कोशिश करती थी कि मैं यह नहीं सोचूँ कि यह उसके लिए कितना मुश्किल था, या इस तथ्य के बारे में चिंता करने की कोशिश करूं कि मुझे शाम को उन चीजों के लिए बहुत समय नहीं मिलता था जो मैं करना चाहती थी।

एक अप्रत्याशित समाधान

कई सालों से, मेरे पति और मैं, एक अभ्यास कर रहे हैं—और यह बहुत ही फायदेमंद भी रहा है—एक प्राचीन चीनी ध्यान अभ्यास जिसे फालुन दाफा कहा जाता है। इसमें सौम्य अभ्यास और एक तत्त्वज्ञान शामिल है जो सच्चाई, करुणा और सहनशीलता के सिद्धांतों से प्रेरित होकर खुद को सुधारने के लिए है। हमारे दैनिक जीवन में एक दंपति के रूप में हमें कई मायनों में इसने लाभान्वित किया है—हमारा एक सुखी रिश्ता है और हम एक दूसरे को अधिक सम्मान करते हैं।

ईवा अपनी बेटी मालवा के साथ

माता-पिता के रूप में, अपने बच्चों को अच्छी नैतिकता सिखाने में सक्षम होना महत्वपूर्ण है। फालुन दाफा का अभ्यास करना और ज़ूआन फालुन की पुस्तक में दी गई शिक्षाओं का पालन करने से मुझे मदद मिली है, उदाहरण के लिए, सभी के और अपने आप के प्रति और अधिक सच्चा होने में। मैं अपनी गलतियों के बारे में जागरुक हूँ और मैं संघर्षों को तबाह करने और बड़ा नहीं होने देती। इसके बजाय मैं यह देखने की कोशिश करती हूं कि मैं कहाँ गलत थी। मेरी प्रतिक्रिया का कारण मेरा स्वार्थीपन, भय या बस आलस हो सकता है। ये ऐसी चीजें हैं जो मैं फालुन दाफा सिद्धांतों के अनुसार साधना करने से छोड़ सकती हूं।

हम अपने बच्चों से इस तत्त्वज्ञान के अनुसार एक अच्छा व्यक्ति बनने के बारे में बात करते हैं। उन्होंने भी अभ्यास करने की कोशिश की है और कभी-कभी वे एक या दो व्यायाम करना चाहते हैं, लेकिन यह बहुत अक्सर नहीं होता है।

इस गर्मी में, जब मेरे पति और मैं, अपने स्थानीय पार्क में फालुन दाफा समूह के साथ अभ्यास कर रहे थे, तब मालवा भी आ गई और इसमें शामिल हो गई। इसमें चार खड़े रहकर करने के व्यायाम और एक बैठकर ध्यान करने का व्यायाम है। हमने वे सारे किये लेकिन इनकी लंबाई को छोटा कर दिया ताकि मालवा अंत तक कर सके।

घर आने के थोड़ी देर बाद सोने का समय हो चुका था और तब एक चमत्कार हुआ: मालवा तुरंत ही सो गई। यह निष्कर्ष करना आसान था कि यह उसके व्यायाम करने के कारण हुआ था। अगले दिन मैंने उससे पूछा कि क्या वह रात को सो पाई थी?

“अच्छी तरह से,” उसने कहा।

“कैसे?” मैंने पूछा।

“ओह, मुझे पता है क्यों,” उसने कहा और हंसी, विस्तार से बताए बिना।

शाम का ध्यान

हमने तब से तय किया कि हम सोने के समय से पहले सब साथ मिलकर थोड़ी देर के लिए ध्यान करेंगे। यह लंबे समय तक करने की ज़रुरत नहीं हैहम लगभग 10 मिनट के लिए बैठते हैं। हम वैसे करते हैं जिस तरह फ़ालुन दाफा में किया जाता है, हाथों का संचलन और कोमल, शांतिपूर्ण संगीत के साथ ध्यान किया जाता है। इसके बाद मालवा शांत महसूस करती है।

हम पांच महीनों से यह कर रहे हैं और बस कभी कभी ही इस दौरान उसे सोने में समस्या हुई है।

इसके अलावा, नियमित रूप से ध्यान करने के बाद से मालवा सुबह में एक बेहतर मूड में रहती है। इससे पहले, नींद की कमी के कारण वह चिडचिडी और जल्दी गुस्सा होती थी। यह परिवर्तन निश्चित रूप से पूरे परिवार के लिए अच्छा है, खासकर दिन के उस समय में जो तनावपूर्ण हो सकता है।

मुझे बहुत खुशी है कि हमें एक रास्ता मिल गया है जिससे मालवा आसानी से और शांति से सो जाती है। वह खुद कहती है कि सोने से पहले वह अपने दिमाग में बहुत सारे विचार रखती थी, जो उसे जगाए रखते थे, और वह सुबह उठने में असमर्थ होने की भी चिंता करती रहती थी। लेकिन ध्यान के दौरान ये निष्क्रिय विचार और चिंताएं गायब हो जाती हैं।

एक और अच्छा विकास यह है कि हाल में हमारे साथ कुछ और लोग जुड़ गए हैंमालवा के 8 वर्षीय भाई ने हमारे साथ ध्यान शुरू कर दिया है।

इस तरह, हमारे पूरे परिवार को फालुन दाफा से लाभ हो रहा है। मैं इसका सदा आभारी हूँ।

ईवा सेगरफ़ोर्स (Eva Sagerfors) और उनका परिवार स्वीडन (Sweden) में रहते हैं।


फालुन दाफा (फालुन गोंग के नाम से भी जाना जाता है) सत्य, करुणा और सहनशीलता के सार्वभौम सिद्धांतों पर आधारित एक आत्म-सुधार ध्यान प्रणाली है, जो स्वास्थ्य और नैतिक चरित्र को सुधारने और आध्यात्मिक ज्ञान प्राप्त करने के तरीके सिखाती है।

यह चीन में 1992 में श्री ली होंगज़ी द्वारा जनता के लिए पेश किया गया था। वर्तमान में 114 देशों में 100 मिलियन से अधिक लोगों द्वारा इसका अभ्यास किया जा रहा है। लेकिन 1999 के बाद से इस शांतिपूर्ण ध्यान प्रणाली को क्रूरता से चीन में उत्पीड़ित किया जा रहा है।

अधिक जानकारी के लिए, कृपया देखें:  falundafa.org and faluninfo.org. सभी पुस्तकें, व्यायाम संगीत, संसाधन और निर्देश पूरी तरह से निःशुल्क, कई भाषाओँ में (हिन्दी में भी) उपलब्ध हैं।

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