भारत अपनी सतरंगी संस्कृति के लिए जाना जाता है। लेकिन अमीरी और गरीबी की बढ़ती खाई, भारत के माथे पर किसी काले धब्बे के समान है। इस देश में हर रोज़ लाखों लोग पेट मरोड़कर सो जाते हैं, तो वहीं दूसरी ओर भोजन की अनगिनत थालियां कूड़े के ढ़ेर में फेंक दी जाती हैं। बर्बाद होते भोजन को ज़रुरतमंदो का निवाला बनाने के लिए मुंबई के एक सेवानिवृत पुलिस कमिश्नर ने पहल की है।

मुंबई पुलिस कमिश्नर और मुंबई डिब्बावाला एसोसिएशन के प्रवक्ता :डी शिवनंदन” ने बर्बाद होते भोजन को जरुरतमंदों की थाली तक पहुंचाने के लिए “रोटी बैंक” की शुरुआत की। जिसका मकसद लोगों के घरों से रोटियां/भोजन एकत्रित कर भूखों का पेट भरना है।

अपने आप में इकलौते इस बैंक ने 24X7 एक हेल्प लाइन नंबर 8655580001 भी जारी किया है, जिसके माध्यम से आप घर में पड़े अतिरिक्त भोजन को दान कर सकते हैं।

Credit: RotiBank

एनजीओ के मुताबिक मुंबई में प्रत्येक दिन कई टन खाने योग्य भोजन कूड़े के ढ़ेर में चला जाता है। जबकि इस मायानगरी में 10 लाख से भी अधिक लोग जिनमें 75,000 के करीब बच्चे हैं, भूखे पेट सोते हैं।

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एनजीओ के इस नेक पहल से न सिर्फ भोजन की बेताशा बर्बादी कम हो रही है, बल्कि भूखों को दो वक्त की रोटी भी मिल जा रही है।

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