फरवरी 9 को रिलीज़ हुई अक्षय कुमार की फिल्म पैड-मैन बॉक्स ऑफिस पर खूब धमाल मचा रही है। फिल्म में अरुणाचलम मुरुगनथम की वास्तविक जीवन की कहानी दिखाई गई है, जिन्होंने कम लागत वाले सैनिटरी पैड बनाने की मशीन का आविष्कार किया था। कुछ ऐसा ही काम एक गुजराती दंपति भी कर रहे हैं और अपने इस अनोखे कार्य की वजह से इन दिनों सुर्खियों में हैं।

गुजरात के सुरत के रहने वाले अतुल मेहता और उनकी पत्नी मीना प्रत्येक माह करीब 5 हज़ार सैनिटरी पैड जरुरतमंद महिलाओं को बांटते हैं। दंपति झुग्गी-झोपड़ियों, नगरपालिका स्कूलों और आंगनवाड़ी केंद्रों पर इन सैनिटरी पैड्स का वितरण करते हैं। चुकि दंपति पैड वितरण करते हैं, इसलिए लोग उन्हें “पैड कपल” के नाम से पुकारते हैं।

दंपति का कहना है कि पिछले पांच सालों से ये इस काम को कर रहे हैं और गरीब महिलाओं को सैनिटरी पैड उपलबद्ध कराते हैं। अतुल मेहता की पत्नी मीना का कहना है कि, “उन्हें इसका विचार तब आया जब उन्होंने दो लड़कियों को कूड़ेदान से सैनिटरी पैड इकट्ठा करते हुए देखा। मीना का कहना है कि, जब उन्होंने लड़कियों से पूछा कि वे सैनिटरी पैड कूड़ेदान से क्यों उठा रही हैं, तो लड़कियों ने जवाब दिया कि ‘वे इसे खरीद नहीं सकती हैं, इसलिए यहां से एकत्रित कर इस्तेमाल करती हैं।'”

Credit: Twitter ani

मीना ने बताया कि, वे (पैड एकत्रित करने वाली लड़कियां) प्रत्येक माह कूड़ेदान से सैनिटरी पैड एकत्रित करती हैं और उन्हें धोकर दोबारा इस्तेमाल करती हैं। मीना का कहना है कि मेरा लोगों से आग्रह है कि लोग ऐसी महिलाओं की मदद करें।

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