मणिपुर के चुराचांदपुर ज़िले के महिला पुलिस स्टेशन में, बीते शनिवार को मणिपुर के पहले चिल्ड्रन-फ्रेंडली (बच्चों के अनुकूल बने) पुलिस स्टेशन का उद्घाटन किया गया। रिपोर्ट के मुताबिक, इस खास पुलिस स्टेशन का उद्घाटन मणिपुर कमीशन फॉर प्रोटेक्शन ऑफ़ चाइल्ड राइट्स (Manipur Commission for Protection of Child Rights) की अध्यक्षा सुमतिबाला निंगथौजम ने किया।

Image result for first children friendly police station in manipur
Credit: indianexpress

जिला बाल संरक्षण यूनिट से एक पुरुष और एक महिला सामाजिक कार्यकर्ता को कार्यालय के साथ काम करने के लिए नियुक्त किया गया है। बच्चों के अनुकूल बने इस पुलिस स्टेशन में बच्चों के लिए मिनी प्ले स्टेशन के साथ-साथ कॉउंसलिंग की भी सुविधा है।

इस कार्यक्रम के दौरान, एमसीपीसीआर अध्यक्ष ने कहा कि भारत में सबसे ज्यादा आबादी बच्चों की है और उन्हें सुरक्षित रखने की जरूरत है क्योंकि वे देश का भविष्य हैं। साथ ही, उन्होंने बताया कि राज्यभर में इस तरह के और भी कई पुलिस स्टेशन खोलें जायेंगें।

Image result for manipur कमीशन फॉर प्रोटेक्शन ऑफ़ चाइल्ड राइट्स pics
Credit: e-pao.net

राज्य में इस तरह के पुलिस स्टेशन खोलने की योजना पर बहुत समय से काम चल रहा था, क्योंकि मणिपुर मानव-तस्करी के मामले में काफी प्रसिद्द है। ऐसे में कोई भी बच्चा, चाहे वह पीड़ित हो या बाल-अपराधी, सबसे पहले पुलिस के सम्पर्क में आता है और उस समय जो भी प्रक्रिया होती है उसका बच्चे के दिमाग पर बहुत गहरा असर पड़ता है। इसलिए यह बहुत जरूरी है कि पुलिस पूछताछ के पारंपरिक तरीकों को पूरी तरह से बदल कर बहुत संवेदनशील तरीके से बच्चों के साथ पेश आये।

साल 2008-2012 के बीच मणिपुर अलायन्स फॉर चाइल्ड राइट्स द्वारा जारी किये गए आंकड़ों के अनुसार भारत के कई राज्यों से लगभग 349 बच्चों को बचाया गया, जिसमें लड़कियां और मानव-तस्करी पीड़ित शामिल थे। इस रिपोर्ट के मुताबिक मानव-तस्करी संबंधित अपराधों में मुंबई के बाद मणिपुर का नाम आता है।

Share

वीडियो

Ad will display in 09 seconds