यूपीएससी परीक्षा को सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक माना जाता है। इसे क्लियर करने के लिए लोग सालों मेहनत करते हैं। कुछ लोग कई बार परीक्षा देने के बाद जाकर इसमें सफल होते हैं, लेकिन महाराष्ट्र के 21वर्षीय “अन्सर शेख” ने पहले ही प्रयास में इस परीक्षा को पास कर लिया और देश के सबसे युवा आईएएस ऑफिसर बन गए।

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संघ लोक सेवा आयोग को पहले ही प्रयास में पास करना अंसर के लिए आसान काम नहीं था, इसके लिए उन्हें व्यक्तिगत समस्याओं के अलावा कई अन्य चुनौतियों का भी सामना करना पड़ा। अंसर एक ऐसे माहौल में बड़े हुए जहां घरेलू हिंसा और बाल विवाह आम बात थी। यहां तक कि उनकी बहन की शादी भी मात्र 15 वर्ष की आयु में हो गई थी। इन सभी जटिलताओं के बावजूद अंसर अपने लक्ष्य के प्रति प्रतिबद्ध थे।

दी डेली हंट को दिए एक इंटरव्यू में अंसर ने कहा, “मेरे रिश्तेदार मेरे घर आते थे और कहते थे कि मुझे पढ़ने की क्या ज़रुरत है। यहां तक कि जब मैं चौथी कक्षा में था, तो मेरे परिजनों ने मेरे शिक्षक से मुलाकत की और कहा कि वे मेरी पढ़ाई बंद कराना चाहते हैं। लेकिन उन्होंने मेरे परिजनों से कहा, ‘आपका बेटा बहुत होनहार है, उसकी पढ़ाई पर पैसे खर्च कीजिए। एक दिन यह आपकी जिंदगी बदल देगा।'”

इसके बाद अंसर के परिजन उनकी पढ़ाई के लिए राज़ी हुए और अंसर ने भी कभी अपने परिजनों को निराश नहीं किया, 12 वीं में उन्होंने 91 प्रतिशत अंक अर्जित किए। चुंकि, उनके पिता एक ऑटो चालक थे, ऐसे में अंसर की उच्च शिक्षा के लिए उनके पास पैसे नहीं थे। पुणे के फर्गुसन कॉलेज में अंसर को दाखिला दिलाने के लिए उनके भाई ने एक महीने की अपनी पूरी तनख्वाह लगा दी।

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जब वे फर्स्ट ईयर में थे तो उनके शिक्षक ने उन्हें यूपीएसी की परीक्षा देने के लिए प्रेरित किया। लेकिन, सबसे बड़ा सवाल यह था कि वे इसकी कोचिंग के लिए ₹70,000 का इंतज़ाम कहां से करेंगे।

अंसर ने याद करते हुए बताया, “मैंने जादव सर से बात की और अपने परिवार के बारे में भी बताया। मेरे बारे में जानने के बाद उन्होंने फीस में 50 प्रतिशत की छूट के साथ मुझे कोचिंग में प्रवेश दिया। उस कक्षा में मैं ही सबसे कम उम्र का लड़का था, इस वजह से मुझे सबसे पिछली बेंच पर बैठना पड़ता था। यहां तक कि कक्षा के बड़े-बड़े छात्रों के साथ बात करने में भी मुझे समस्या होती थी। हालांकि, जैसे-जैसे कोर्स आगे बढ़ता गया मैं उनके साथ घुल-मिल गया”

उन्होंने आगे कहा, तैयारी के दौरान कुछ ऐसे भी दिन रहे, जब मुझे मात्र वड़ा-पाव खा कर दिन काटना पड़ता था क्योंकि अन्य चीजें खरीदने के लिए मेरे पास पैसे नहीं होते थे। यहां तक कि मेरे पास तैयारी के लिए नोट्स आदि सामान खरीदने के लिए भी पैसे नहीं होते थे, इसलिए मैं अपने दोस्त से उधार लिया करता था और उसकी फोटोकॉपी करा लिया करता था । मैं 13-13 घंटों तक पढ़ता था क्योंकि मेरे पास दूसरी बार कोशिश करने के लिेए संसाधन नहीं थे।

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आखिरकार उनकी मेहनत रंग लाई और यूपीएससी की परीक्षा में अंसर ने 275 में से 199 अंक हासिल किये। आईएएस उम्मीदवारों के अपने भाषण में उन्होंने कहा, “यदि आप सोचते हैं कि आपका मुकाबला परीक्षा देने वाले उन लाखों उम्मीदवारों से है, तो आप गलती कर रहे हैं। क्योंकि आपकी चुनौती  खुद से है। तो नकारात्मक सोच से बाहर निकलिये और देखना सफलता आपकी कदम चूमेगी।”

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