आंखों के रुप में ईश्वर ने हम सभी को अनमोल रत्न दिए हैं। जिसके सहारे हम संसार की खूबसूरती को देख सकते हैं और पढ़-लिखकर अपनी ज़िंदगी संवार सकते हैं। लेकिन कभी सोचा है उनका क्या जो किसी कारण वश देख नहीं सकते? लैंसेंट ग्लोबल हेल्थ जर्नल (Lancet Global Health Journal) द्वारा वर्ष 2015 में किए गए एक ऑनलाइन सर्वे के अनुसार दुनियाभर में 80 लाख से भी अधिक लोग देख नहीं सकते। 

इसके अलावा 4 करोड़ से भी अधिक लोग ऐसे हैं, जो आंखों की विभिन्न समस्याओं से जूझ रहे हैं। रोशनी और अंधेरे के बीच की इस खाई को पाटने के लिए दिल्ली की एक सामाजिक संस्था ने पहल की है। संस्था ने एक खास तरह की किताब विकसित की है, जिसे दृष्टिबाधित और दृष्टि वाले लोग भी आसानी से पढ़ सकते हैं।

Children with visual impairments find themselves out of the mainstream, because it is difficult to teach them via regular learning methods in Delhi.Image credit: Inklude
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सामान्य ब्रेल लिपि, जो कि डॉट की तरह होती है, इसके माध्यम से मात्र कुछ ही चीज़ों को दर्शाया जा सकता है। लेकिन आकार-प्रकार और तस्वीरों वाली चीज़ों को दर्शाने में ये अक्षम होती है, जिसकी वजह से देख सकने वाले लोग इन किताबों की भाषा नहीं समझ पाते और दृष्टिबाधित लोगों को पढ़ने में भी कई बार समस्याएं होती हैं।

इंकल्यूड द्वारा विकसित की गई इस विशेष किताब में विभिन्न कैरेक्टर हैं। सभी चीज़ों को एक खास तरह के टेक्सचर के माध्यम से दर्शाया गया है, जिसकी मदद से दृष्टिबाधित बच्चे उन्हें छूकर उनके बारे में जान सकते हैं।

Inklude
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इस किताब की सबसे खास बात यह है कि इसे देखने में सक्षम बच्चे भी आसानी से पढ़ सकते हैं क्योंकि इसमें केवल ब्रेल लिपि में ही नहीं लिखा गया है, बल्कि इसके साथ अक्षर भी दिए गए हैं। वैसे आंखों वाले बच्चों को यह किताब अलग-अलग रंगो की वजह से भाएगी, तो विभिन्न रुप से उकेरी गई आकृतियां दृष्टिबाधित बच्चों का दिल जीतने में सक्षम होगी।

अपनी खास कार्योजना के साथ इंकल्यूड का मकसद देश और दुनिया के दृष्टिबाधित लोगों को सशक्त बनाना है, ताकी वे जीवन के सभी चुनौतियों का सामना कर सकें।

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