कहते हैं इंसान यदि ठान ले तो उसके लिए कुछ भी नामुमकिन नहीं होता। कुछ ऐसी ही लगन के साथ लॉ की तैयारी कर रहे हैं हैदराबाद के ईश्वर राव जावेदी। 10 साल की उम्र में आंखों की रोशनी खो चुके ईश्वर बचपन से ही वकील बनना चाहते थे और उनके इस सपने को पूरा करने में मदद कर रही है आज की तकनीकी।

सदा के लिए जिंदगी में अंधेरा कायम होने के बाद भी ईश्वर ने हिम्मत नहीं हारी और वे अपने जीवन में ज्ञान की रोशनी की तरफ आग्रसर हुए। इंडिया टुडे के अनुसार फिलहाल ईश्वर गुजरात नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी से वकालत की पढ़ाई कर रहे हैं और कुछ महीनों बाद उन्हें वकालत की डिग्री भी मिल जाएगी।

पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा, “मैं जब छः साल का था तभी से मेरा सपना वकील बनने का था। साल 2001 में जब मैं केजी क्लास में था, तब मैंने किसी वकील को काले कोट में देखा था और तभी मैंने तय किया कि एक दिन मैं भी वकील बनूंगा।”

उन्होंने कहा, “लॉ की पढ़ाई में ऐसी बहुत किताबें हैं जिन्हें बेल लिपि में परिवर्तित नहीं किया जा सकता। हालांकि, मेरे बहुत से मित्रों ने कहा कि बेल लिपि की बजाए ऑडियो बुक का सहारा लेना बेहतर होगा। और आप देख सकते हैं कि मेरे पास बस एक साधारण लैपटॉप है और उसी की सहायता से मैं अपनी पढ़ाई पूरी कर रहा हूं।”

ईश्वर की कड़ी मेहनत की बदौलत कुछ महीनों बाद उन्हें इसका परिणाम भी मिलने वाला है और उनके हाथ में उनके सपनों की डिग्री भी होगी।

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