व्यक्ति के जीवन में जब अचानक चिकित्सा की आपात स्थिति आ जाती है, तब ऐसे में डॉक्टर की उपस्थिति किसी के जीवन को बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। नए साल 2018 की पूर्व संध्या पर टोरंटो से नई दिल्ली की एयर कनाडा की उड़ान में घटी एक घटना इस बात को स्पष्ट रूप से दर्शाती है। 

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पंचुकला निवासी और सेक्टर 6 के एक सिविल अस्पताल में जनरल फिजिशियन डॉ पायल पूरी शर्मा एयर कनाडा के विमान से दिल्ली आ रही थी। हवाई जहाज में रात को सोने के दौरान अचानक डॉ पायल को किसी के चिल्लाने की आवाज़ सुनाई दी। जिसके बाद केबिन क्रू तुरंत उनकी सहायता के लिए दौड़ पड़े। वहाँ एक व्यक्ति को उपचार की जरूरत थी। 

एक डॉक्टर होने के नाते डॉ पायल भी तुरंत उस व्यक्ति की मदद के लिए आगे आईं। वह व्यक्ति बेहोश था और जोर-जोर से सांस ले रहा था। डॉ पायल ने चालक दल से सबसे पहले उस व्यक्ति को बिज़नेस क्लास में स्थानांतरित करने को कहा ताकि वह सहज महसूस कर सके। जिसके बाद डॉ. पायल ने इलाज शुरू कर दिया।  

डॉ पायल ने केबिन क्रू को इन फ्लाइट क्रैश कार्ट किट लाने को कहा और उस यात्री के रक्तचाप की जांच की। डॉ. पायल ने यात्री की पत्नी को उनके दवाओं के बारे में पूछा तो उन्होंने कहा की उनकी दवाई एक दिन पहले ख़तम हो गई है। और हम इसे खरीद नहीं पाए क्योंकि टोरंटो में यह दवा उपलब्ध नहीं थी। दुर्भाग्य से इस यात्री के पास अपनी दवा की पर्ची भी नहीं थी। 

जिसके बाद बिना समय गंवाए डॉ पायल ने पुनरुत्थान की मानक प्रक्रिया का उपयोग करके 42 वर्षीय व्यक्ति की कार्डियक मालिश करना शुरू कर दिया। साथ ही एयर होस्टेस ने आपातकालीन स्वस्थ किट उपलब्ध करवाई और यात्री को ऑक्सिजन देना शुरू किया। जिसके बाद वह यात्री ठीक तरह से सांस ले रहा था। 

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इसके बाद डॉ पायल ने उस यात्री को तुरंत कुछ आवश्यक दवाएँ दीं और आधे घंटे बाद दवा की एक और खुराक के साथ उस व्यक्ति का रक्तचाप सामान्य हो गया। और वह बच गया। डॉ पायल के इस निस्वार्थ कार्य को ध्यान में रखते हुए, उन्हें कुछ दिनों बाद एयर कनाडा की मुख्य चिकिस्या अधिकारी डॉ जिम चुंग की तरफ से एक पत्र मिला। 

डॉ जिम चुंग ने व्यक्तिगत रूप से डॉ. पायल को चिकित्सा सहायता के लिए धन्यवाद किया। और साथ ही एयरलाइन ने प्रशंसा स्वरुप उन्हें एक वाउचर प्रदान किया जिसमें भविष्य की उनकी हवाई जहाज की यात्रा पर 30 प्रतिशत की छूट प्रदान की है। अगर उड़ान के दौरान डॉ. पायल तत्काल उस यात्री की सहायता नहीं कराती तो शायद वह व्यक्ति आज जीवित नहीं रहता।

 

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