कहते हैं शतरंज की चाल हर किसी को नहीं आती। लेकिन शह-मात के इस खेल में देश के एक किशोर ने विश्वभर में कीर्ति पाई है और विश्व के दूसरे सबसे छोटे ग्रैण्डमास्टर का खिताब अपने नाम किया है।

समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार चेन्नई के मुगापैर के रहने वाले प्रग्गनानंधा ने इटली में आयोजित ग्रेनडाइन ओपन के अंतिम दौर में पहुंचकर दुनिया के दूसरे सबसे छोटे उम्र के ग्रैंडमास्टप बनने की उपलब्धि हासिल की है। इस गेम के आठवें राउंड में प्रग्गनानंधा ने इटली के ही ग्रैंड मास्टर मोरोनी जूनियर को हराकर यह उपलब्धि को अपने नाम किया।

प्रग्गनानंधा ने अपनी इस उपलब्धि का श्रेय अपनी बहन को दिया है। एएनआई  से बात करते हुए उन्होने कहा, “मेरी बहन मेरी प्रेरणा स्रोत हैं। मैं जब तीन साल का था तब से शतरंज खेल रहा हूं।”

प्रग्गनानंधा की इस उपलब्धि पर हर तरफ से उन्हें बधाईयां मिल रही हैं। शतरंज के सरताज़ विश्वनाथन आनंद ने भी ट्वीट कर उन्हें बधाई दी है। विश्वनाथन ने लिखा है, क्लब में स्वागत है और बधाई हो प्रग्गनानंधा! जल्द ही चेन्नई में मिलते हैं!

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