वास्तव में अपने सामने हो रहीं दुर्घटनाओं को देखना एक सामान्य बात है लेकिन ऐसी स्थिति में मूकदर्शक बने रहना यह किसी भी तरह से सही नहीं है।  हाल ही में एक सड़क दुर्घटना में दो लोगों की जान बचाकर गीता ने मूकदर्शक बने लोगों के लिए एक मिसाल कायम की है। 

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Credit : Newyorktimes

पिछले हफ्ते अलपुज्जा की एक व्यस्त सड़क पर पांडालम-मवेलिक्कारा रोड पर ईरानीकुडी पुल के पास कार-स्कूटर की टक्कर में एड़प्पन के दो युवक बुरी तरह से घायल हुए। 

लेकिन वह खड़ी भीड़ उनकी मदद करने की बजाय मूकदर्शक बनकर इन दोनों का मजाक उड़ा रही थी। तब वहीं पास से गुजर रही गीता ने यह सब देखा और इन घायल युवकों की मदद करने के लिए वे आगे बढ़ीं। 

गीता अपने रिश्तेदार के बेटे को स्कूल से वापिस छोड़कर घर जा रही थी। लोगों को निष्क्रिय खड़ा देख उन्हें बहुत बुरा लगा। और उन्होंने दोनों युवकों की मदद करके उन्हें अस्पताल पहुंचाया। 

घायल प्रकाश को कोट्ट्यम के मेडिकल अस्पताल में भर्ती करवाया और प्रदीप को एड़प्पन के निजी अस्पताल में देखभाल के लिए रखा गया। जिसके बाद बुरी तरह से घायल इन युवकों की जान बच सकी। 

एड़प्पन की रहनेवाली गीता आठ महीने पहले ही सऊदी अरब छोड़कर परिवार के साथ भारत में रहने के लिए आ गयी थी।  उनके दो बच्चे संगीता और संगीत 8वीं और 10वीं कक्षा में पढ़ते हैं। 

दो बच्चों की माँ के रूप उन्होंने न केवल अपने बच्चों के लिए बल्कि देश के बाकी लोगों के लिए भी एक शानदार मिसाल कायम की है। 

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