देश के जवान न सिर्फ दुश्मनों से हमारी रक्षा करते हैं बल्कि प्राकृतिक आपदाओं और मुश्किल समय में भी हम सभी का सहारा बनते हैं। छत्तिसगढ़ के बड़ेकोडर गांव में कुछ ऐसी ही विषम परिस्थितियों से जूझ रहे एक शख्स का सहारा बने आईटीबीपी के जवान, जिन्होंने उन्हें समय पर अस्पताल पहुंचाकर उनकी जिंदगी बचा ली।

पत्रिका के अनुसार आईटीबीपी के हेडली सीओबी को खबर मिली कि बड़ेकोडर गांव में एक 65 वर्षीय बुजुर्ग को छाती में दर्द की शिकायत है। घटना की जानकारी होते ही कैंप कमांडर अपनी टीम के साथ गांव पहुंचे और स्ट्रेचर पर बुजुर्ग को कैंप लेकर आए। जहां से उन्हें आईटीबीपी की गाड़ी में अस्पताल भेजा गया है।

हो सकती थी मरीज की मौत!

Bhilai patrika
Credit: Patrika

खबरों के मुताबिक डॉक्टर ने बुजुर्ग की छाती में उठे दर्द की वजह दिल का दौरा पड़ना बताया। डॉक्टर के अनुसार यदि मरीज को तत्काल दवाई नहीं मिलती तो उनकी मौत भी हो सकती थी।

गांव में एंबुलेंस जाने का रास्ता नहीं!

Map of Kondagaon India
Credit: Googlemap

बता दें कि नक्सल प्रभावित इस क्षेत्र में रास्ते भी ठीक नही हैं और इस गांव तक एंबुलेंस जाने का भी रास्ता नहीं है। जिसकी वजह से मरीज को स्ट्रेचर पर लेकर जाना पड़ा और इसके लिए जवानों ने करीब पांच किमी का सफर पैदल चलकर पूरा किया।

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