कभी सोचा है कि जिस कलम से आप कागज़ पर अपनी भावनाएं जाहिर करते हैं, बैंक में सिग्रनेचर करते हैं, ऑफिस में पेपर वर्क निपटा लेते हैं, उससे भी प्रकृति को नुकसान पहुंच सकता है? हालांकि, काम की व्यस्तता के चलते आम इंसान का ध्यान इस तरफ नहीं जाता है, लेकिन एक आर्ट छात्र का ध्यान इस तरफ गया और उन्होंने पेन से प्रकृति को बचाने के लिए एक नायाब तरकीब निकाली है।

प्लास्टिक, जो आजकल हर किसी की रोजमर्रा का एक हिस्सा बन गया है और उससे पर्यावरण को काफी नुकसान पहुंचता है, पेन बनाने में भी बहुत हद तक प्लास्टिक का इस्तेमाल होता है। लेकिन, बेंगलुरु के एक आर्ट वर्ग के छात्र ने इसका विकल्प ढ़ूंढ़ लिया है, जिससे न तो प्रकृति को हानि पहुंचेगा और ना ही आपका काम पेन बिना रुकेगा।

समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार, मास्टर ऑफ आर्ट के छात्र शिवराज का कहना है कि उन्होंने आटा, मिट्टी और लकड़ी की मदद से पेन बनाने की एक तरकीब निकाली है। कर्नाटक के कलबुर्गी के रहने वाले शिवराज की यह तरकीब प्लास्टिक पेन के विकल्प के तौर पर होगी।

शिवराज ने समाचार एजेंसी से बात करते हुए कहा, “सरकार ने प्लास्टिक पर प्रतिबंध लगाने की बात कही है। इस वजह से मेरे मस्तिष्क में इस तरह के पेन का आविष्कार करने के बारे में विचार आया।”

Share

वीडियो

Ad will display in 09 seconds