पिछले हफ्ते ओडिशा और आंध्र प्रदेश में आये तितली चक्रवात ने तबाही मचा दी थी जिस वजह से इन दोनों राज्यों में काफी नुकसान हुआ। साथ ही ओडिशा में चक्रवात की वजह से भूस्ख़लन हुआ जिसकी वजह से कम से कम 12 लोगों की मौत हो गयी। चक्रवात के कारण आयी बारिश और बाढ़ की वजह से हजारों लोग प्रभावित हुए।

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सबसे ज्यादा खतरा निचले इलाके में रहनेवाले लोगों को था क्योंकि उनके पास इस बाढ़ से निपटने के पर्याप्त इंतज़ाम मौजूद नहीं थे। इसी बीच ओडिशा के रायगड़ा जिले की आयएएस अधिकारी पूनम गुहा ने ऐसे पीड़ितों को सुरक्षित आश्रय देने की जिम्मेदारी अपने कंधो पर ले ली। पूनम गुहा रायगड़ा जिले की कलेक्टर हैं जो चक्रवात से गंभीर रूप से प्रभावित था।  

कलेक्टर गुहा और गुनपुर डिवीज़न के उप-कलेक्टर अमित ऋतुराज ने चक्रवात से हुए नुक्सान का निरिक्षण किया। साथ ही निचले इलाके में रहननेवाले 1000 से ज्यादा लोगों को पुनर्वास केन्द्रो में स्थानांतरित किया। न्यू इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए गुहा ने कहा लगभग 200 गर्भवती महिलाओं को माँ गृहा और अन्य अस्पतालों में सुरक्षित स्थानांतरित किया गया। कुछ बच्चों को गुनपुर और रायगड़ा में पोषण पुनर्वास केन्द्रों में रखा गया। 

अधिकारियों ने यह भी सुनिश्चित किया कि जहाँ लोग आश्रय ले रहे हैं वहाँ उनके भोजन और देखभाल का उचित इंतज़ाम हो। साथ ही नागरिक सुरक्षित रहें जब तक बाहर की स्थिति शांत नहीं हो जाती। गुहा ने कहा ओडिशा के बंसधरा और नागवाली में भारी बारिश की वजह से बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो गयी । साथ ही रायगड़ा और गुनपुर में भी बाढ़ का खतरा निर्माण हो गया था। 

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चक्रवात तितली की वजह से होने वाले विनाश के कारण राज्य और राष्ट्रीय राजमार्ग भी बुरी तरह से प्रभावित हुए। इसी बीच पुलिस अधीक्षक राहुल पीआर ने मोर्चा संभालते हुए चक्रवात के कारण जाम हुए रास्तों को साफ़ करवाया ताकि इन जिलों में जनजीवन जल्द ही सामान्य हो जाए। 

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