इंसान यदि ठान ले तो कोई भी काम नामुमकिन नहीं है। भले ही उस कार्य को पूरा करने में किसी का साथ मिले या न मिले, लेकिन वो शख्स उसे पूरा करके ही दम लेता है। कुछ ऐसी ही कर्मठता बिहार के निम्मा गांव की महिलाओं ने भी दिखाई और तीन दिनों में दो किमी सड़क बनाकर तैयार कर डाली ।

दी टेलीग्राफ के अनुसार, सड़क निर्माण के प्रति सरकार की उदासीनता और भूमि स्वामियों के हठ का समाना करते हुए गांव की करीब 130 महिलाओं ने गांव को बेहतर सड़क देने का बीड़ा अपने कंधे पर उठाया। इन महिलाओं ने अपने संसाधनों का इस्तेमाल कर 2 किमी सड़क मार्ग तैयार किया।

प्रतिकात्मक तस्वीर Pic Credit: Flicker

इस सड़क निर्माण के पीछे की कहानी भी काफी दर्दनाक और दिल को छू लेने वाली है। टेलीग्राफ से बात करते ही निम्मा की रहने वाली एक महिला ने बताया, “हम गांव से करीब ढाई किमी की दूरी पर स्थित ब्लॉक पर भी नहीं पहुंच पाते थे। बहुत सी मौतें हुई हैं—खासकर गर्भवति महिलाओं की क्योंकि वे समय रहते अस्पताल नहीं पहुंच पाती थीं।”

खबरों के मुताबिक गांव की एक अन्य महिला ने बताया, “जोरपुर और दुर्गापुर जैसे गांवों की कई महिलाओं ने भी हमारा साथ दिया। हमारे घर के मर्दों ने पहले जमीनी कार्य पूर्ण किया। हम महिलाएं पास की नदी और बंजर ज़मीन से मिट्टी, बालू और पत्थर ढोने का काम करती थीं। सूर्योदय के साथ हमारा काम शुरु होता था और सूर्यास्त तक चलता था। अब इस सड़क पर हल्के वाहन आसानी से जा सकते हैं।”

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