लुधियाना में जन्मे अंशदीप भाटिया ने पिछले हफ्ते दुनिया की महाशक्ति और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की सुरक्षा टीम में शामिल होकर इतिहास बनाया। अंशदीप इस सुरक्षा टीम में शामिल होने वाले पहले पगड़ीधारी सिख बन गए हैं। लेकिन इस सुरक्षा बल में नियुक्त होने से पहले अंशदीप को कई कठिनाइयों से गुज़रना पड़ा और साथ ही कानूनी लड़ाई भी लड़नी पड़ी। 

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अंशदीप का परिवार मूल रूप से कानपूर से हैं। 1984 के दंगो के दौरान यह परिवार लुधियाना आ गया। उनके पिताजी फार्मास्यूटिकल व्यवसाय में थे और 2000 में संयुक्त राज्य अमेरिका में आकर बस गए। उस समय अंशदीप मात्र 10 साल के थे। उनमें शुरू से कुछ अलग करने का जूनून था। इसलिए उन्होंने कड़ी मेहनत की और यह मक़ाम हासिल किया।

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लेकिन अंशदीप का यह सफर आसान नहीं था। इस सुरक्षा कर्मियों में शामिल होने के लिए सामान्य वेशभूषा का होना जरूरी था, जबकि अंशदीप सिख थे, और उनके अधिकारी जोर देकर उनके पहनावे को बदलना चाहते थे, इसलिए उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ा। साथ ही तैनाती को लेकर कुछ शर्ते लगायी गयीं तो अंशदीप ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। उन्होंने लम्बी लड़ाई लड़ी और सफलता पायी।

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अंशदीप ने डोनाल्ड ट्रम्प की सुरक्षा टीम में शामिल होने से पहले भी कई जगह नौकरियां की हैं। इससे पहले अंशदीप एयरपोर्ट सुरक्षा में भी नौकरी कर चुके हैं। जब अंशदीप भाटिया सुरक्षा बल में शामिल हो रहे थे तब सिख समुदाय को अमेरिका के बढ़ते नस्लीय हमले का सामना करना पड़ रहा था। लेकिन उनकी यह उपलब्धि पूरी दुनिया में सिख समुदाय के लिए वास्तव में गर्व का क्षण है।

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